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कल से शुरू हो जाएंगे मांगलिक कार्य, जाने कब हैं अच्छे मुहूर्त..
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amar ujal;a
- फोटो : amar ujal;a
कल से शुरू हो जाएंगे मांगलिक कार्य, जाने कब हैं अच्छे मुहूर्त...
बुलंदशहर। विगत चार माह शयन के बाद विष्णु भगवान आठ नवंबर को जाग रहे हैं। देव के जागते ही जनपद में मांगलिक कार्य और अन्य शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। इसके लिए लोग तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस दिन को देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन से ही शहनाई बजना शुरू हो जाएगी।
मान्यता है कि देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान विष्णु श्रीसागर में चार माह शयन के बाद जागते हैं। भगवान विष्णु के शयनकाल के चार माह में विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इसलिए देवोत्थान एकादशी पर भगवान हरि के जागने के बाद शुभ और मांगलिक कार्य शुरू होेते हैं। इस दिन तुलसी विवाह का भी आयोजन किया जाता है। पंडित नरेश शर्मा ने बताया कि देवात्थान एकादशी आठ नवंबर को है। इस दिन तुलसी विवाह भी होगा। इसका शुभ मुहुर्त शाम सात बजे से रात्रि 10 बजे तक रहेगा। यह समय अच्छा संयोग बन रहा है। इस दौरान जो भी वर-वधू का जोड़ा परिणय सूत्र में बंधेगा। उसका गृहस्थ जीवन सुखमय होगा। इसलिए आठ नवंबर को विवाह करना बहुत शुभ है। इसके साथ ही अन्य शुभ काम भी शुरू हो जाएंगे। नवंबर माह में 19, 20, 21, 22, 23 28 और 30 तारीख को होने वाले विवाह शुभ होंगे। जिन घरों में आठ नवंबर को शादी-विवाह और अन्य शुभ काम के अलावा मांगलिक कार्य होंगे। उन्होंने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में बाजारों में खरीददारी के लिए भी खूब पहुंच रहे हैं। साथ ही उन्होंने बैंड-बाजे, डीजे, हलवाई आदि की पहले ही बुकिंग कर दी है। आठ नवंबर को जनपद में जगह-जगह शहनाई बजना शुरू हो जाएगी।
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बुलंदशहर। विगत चार माह शयन के बाद विष्णु भगवान आठ नवंबर को जाग रहे हैं। देव के जागते ही जनपद में मांगलिक कार्य और अन्य शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। इसके लिए लोग तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस दिन को देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन से ही शहनाई बजना शुरू हो जाएगी।
मान्यता है कि देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान विष्णु श्रीसागर में चार माह शयन के बाद जागते हैं। भगवान विष्णु के शयनकाल के चार माह में विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इसलिए देवोत्थान एकादशी पर भगवान हरि के जागने के बाद शुभ और मांगलिक कार्य शुरू होेते हैं। इस दिन तुलसी विवाह का भी आयोजन किया जाता है। पंडित नरेश शर्मा ने बताया कि देवात्थान एकादशी आठ नवंबर को है। इस दिन तुलसी विवाह भी होगा। इसका शुभ मुहुर्त शाम सात बजे से रात्रि 10 बजे तक रहेगा। यह समय अच्छा संयोग बन रहा है। इस दौरान जो भी वर-वधू का जोड़ा परिणय सूत्र में बंधेगा। उसका गृहस्थ जीवन सुखमय होगा। इसलिए आठ नवंबर को विवाह करना बहुत शुभ है। इसके साथ ही अन्य शुभ काम भी शुरू हो जाएंगे। नवंबर माह में 19, 20, 21, 22, 23 28 और 30 तारीख को होने वाले विवाह शुभ होंगे। जिन घरों में आठ नवंबर को शादी-विवाह और अन्य शुभ काम के अलावा मांगलिक कार्य होंगे। उन्होंने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में बाजारों में खरीददारी के लिए भी खूब पहुंच रहे हैं। साथ ही उन्होंने बैंड-बाजे, डीजे, हलवाई आदि की पहले ही बुकिंग कर दी है। आठ नवंबर को जनपद में जगह-जगह शहनाई बजना शुरू हो जाएगी।
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