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अब गेहूं की फसल पर भी होगा पॉली-4 का ट्रायल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 06 Nov 2019 11:21 PM IST
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अब गेहूं की फसल पर भी होगा पॉली-4 का ट्रायल
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बुलंदशहर। आलू के साथ अब गेहूं की फसल पर भी पॉली-4 खाद का ट्रायल होगा। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने रणनीति बना ली है। साथ ही तैयारियों में जुट गए हैं। पॉली-4 अमेरिका से आया है और यह फसल की उत्पादक और भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने में सक्षम है।
कृषि वैज्ञानिकाें ने बताया कि अमेरिका का पॉली-4 खाद भारत के डीएपी खाद के रूप में काम करेगा। इसकी खासियत यह है कि इसमें मैगनिशियम, पोटैशियम, कैल्शियम और सल्फर के साथ 17 ऐसे तत्व हैं, जो भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने में समक्ष हैं। साथ ही इसमें भूमि के सूक्ष्म तत्व बढ़ाने की क्षमता अधिक है। इसके प्रयोग से होने वाली फसल की उत्पादकता भी अधिक है। इसके प्रयोग से फसलों में बीमार लगने की संभावना भी बहुत कम है। जबकि देश की डीएपी में इस तरह के तत्व नहीं हैं। इसका ट्रायल विगत वर्ष से जारी है। पिछले वर्ष आलू की फसल पर ट्रायल किया गया था। इस बार आलू की फसल के साथ गेहूं की फसल पर भी इसका ट्रायल किया जाएगा। वैज्ञानिकों का दावा है कि इसका प्रयोग करने से किसानों को कई तरह के लाभ मिलेंगे।
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इनसेट =
फसलों में बढ़ेंगे न्यूट्रीयेंट तत्व, बीमारी भी होंगी दूर
पॉली-4 की खास बात यह रहेगी कि फसलों में लगातार कम हो रहे न्यूट्रीयेंट तत्व भी बढ़ेंगे। इससे उगने वाली फसलों जैसे गेहूं और आलू आदि खाने से जहां लोगों को अधिक न्यूट्रीयेंट तत्व मिलेंगे, तो साथ ही कई तरह की बीमारियां भी दूर होंगी। जबकि इस समय किसानों द्वारा अधिक से अधिक पेस्टीसाइड और खाद आदि प्रयोग करने से फसलों में न्यूट्रीयेंट तत्व कम हो रहे हैं। ऐसे में लोगों में बीमारियां भी बढ़ रही हैं। अभी तक हुए ट्रायल में इसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
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इनसेट=
मेरठ और बुलंदशहर में ही चल रहा है ट्रायल
अमेरिका से आया पॉली-4 का प्रयोग मेरठ और बुलंदशहर में किया जा रहा है। अब तक इन दोनों स्थानों पर हुए ट्रायल में अच्छे परिणाम सामने आए हैं। पिछले वर्ष इसका प्रयोग आलू की फसल में किया गया था। क्योंकि आलू की फसल में पोटैशियम की जरूरत होती है। जबकि इसका प्रयोग करने से आलू में पोटैशियम की मात्रा में इजाफा हुआ है। इसे देखते हुए अब इसका गेहूं सहित अन्य फसलों पर भी ट्रायल शुरू होगा। सभी फसलों में ट्रायल सफल होने के बाद किसानों को पॉली-4 खाद मिलेगा। प्रयास किया जा रहा है कि यह खाद 2022 तक किसानों को उपलब्ध करवाया जाए।
इनसेट=
फसल अच्छी होगी तो खाद्यान्न में भी होगा इजाफा
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार पॉली-4 खाद जहां कई तरह से फायदेमंद होगा। वहीं, इसके प्रयोग से उगाई जाने वाली फसल भी अच्छी होगी। साथ ही उत्पादकता भी बढ़ेगी। यदि ऐसा होगा तो खाद्यान्न में भी इजाफा होगा। यदि ऐसा होता है तो देश में लगातार बढ़ती जा रही जनसंख्या को देखते हुए भविष्य में खाद्यान्न की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

कोट =
अमेरिका से आए पॉली-4 का ट्रायल बुलंदशहर के साथ मेरठ में विगत वर्ष से चल रहा है। पहले इसका ट्रायल आलू की फसल पर किया गया। अब इसका ट्रायल आलू के साथ अन्य फसलों में भी किया जाएगा। इसके ट्रायल में अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।
- डॉ. शिव सिंह, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केेंद्र, बुलंदशहर।
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