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जनपद में 5826 किसानों पर एक-एक लाख से अधिक का ऋण

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 09 Oct 2019 10:51 PM IST
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जनपद में 5826 किसानों पर एक-एक लाख से अधिक का ऋण
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बुलंदशहर। जनपद में 5826 किसानों पर सहकारी समितियों का एक-एक लाख से अधिक का ऋण है। यह ऋण 10777.10 लाख रुपये बनता है। विभाग की ओर से चल रही ऋण वसूली अभियान के तहत 437 किसानों से 322.42 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है।
बता दें कि सहकारी समितियों की ओर से किसानों को समय-समय पर ऋण दिया जाता है। ताकि किसानों को अपनी फसल और अन्य काम करने में किसी तरह की दिक्कत न हो। प्रावधान है कि यह ऋण लेने के बाद किसान को बहुत कम ब्याज के साथ छह माह में वापस करना होता है। लेकिन अधिकतर किसान समय पर ऋण नहीं जमा करते हैं। इसके चलते समिति के अधिकारियों की परेशानी भी बढ़ जाती है। ऐसे किसानों को पहले ऋण जमा करने के लिए कहा जाता है, लेकिन जब समय अधिक होने के बाद अधिकारियों की ओर से समय-समय पर ऋण वसूली अभियान चलाया जाता है। इस दौरान भी जो किसान ऋण जमा नहीं करते हैं और अधिक समय हो जाता है तो उसके बाद किसान की आरसी काट दी जाती है। आरसी कटने के बाद किसान से ऋण की राशि ब्याज आदि सहित तहसील में ही जमानी करानी होती है।
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2645 किसानों की काटी आरसी
बताया गया कि विभाग की ओर से 347.58 लाख का ऋण जमा न करने वाले 2645 किसानों की आरसी काटी गई है। अब इन किसानों को ऋण के रूप में ली गई राशि को ब्याज आदि सहित तहसील में जमा करवाना होगा।
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आरसी जारी होने के बाद वसूले 222 लाख
अफसरों ने बताया कि जिन किसानों की ऋण जमा न करने पर आरसी काटी गई थी। उनमें से 269 किसानों ने आरसी जारी होने के बाद आगामी कार्रवाई से बचने के लिए 222 लाख से अधिक की राशि जमा कर दी है। आरसी जारी होने वाले किसान लगातार ऋण जमा करवा रहे हैं।

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जनपद में किसानों से ऋण वसूली के लिए अभियान चल रहा है। साथ ही लंबे समय से ऋण जमा न करने वाले किसानों की आरसी काटी जा रही है। किसानों को चाहिए कि वह जल्द से जल्द अपना ऋण जमा करें, ताकि वह आरसी आदि की कार्रवाई से बच सकें।
- प्रदीप सिंह, प्रबंध निबंधक, सहकारिता एवं सहकारी समिति, बुलंदशहर।
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