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जिले में बुखार का कहर जारी, हर घर में लोग बीमार
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जिले में बुखार का कहर जारी, हर घर में लोग बीमार
बुलंदशहर। जनपद में तेजी से फैल रहे वायरल बुखार ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को परेशान कर रखा है। मौसम में हो रहे बदलाव के बाद जरा सी भी लापरवाही पर लोग तुरंत इसकी चपेट में आ रहे हैं। तेज बुखार के साथ लोग शरीर में अकड़न और दर्द की शिकायत लेकर प्रतिदिन जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। वहीं, देहात क्षेत्रों के सीएचसी-पीएचसी में चिकित्सकों के न आने के कारण जिला अस्पताल में भारी भीड़ लग रही है।
बता दें कि गत माह से रह-रहकर मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कभी उमस भरी गर्मी तो कभी बारिश के बाद मौसम ठंडा हो जा रहा है। इसके चलते मौसमी बुखार तेजी से पांव पसार रहा है। शहर से लेकर गांव तक हर घर में लोग बुखार से पीड़ित है। सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों और अपंजीकृत अस्पतालों में भीड़ लगी हुई है। अपनी गिरफ्त में लेने के बाद बुखार शरीर तोड़ दे रहा है। इससे मरीजों को परेशानियां हो रही है। वहीं, देहात क्षेत्र में स्थित अधिकांश सरकारी चिकित्सालयों में चिकित्सकों और स्टाफ के न आने से मरीजों की भीड़ जिला अस्पताल तक पहुंच रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीजों का ओपीडी में प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. नमिता रस्तोगी ने बताया कि मौसमी बुखार सात दिन तक रहता है। जल्द फायदा होने के लिए अपंजीकृत चिकित्सक से उपचार कराने से बचें। साथ ही बारिश में भीगने के साथ ठंडा पानी पीने से बचें।
कोई भी हो बीमारी करा रहे ब्लड की जांच
बुखार के साथ-साथ अस्पताल में अन्य बीमारियों के भी मरीजों की लाइन लग रही है। जिन्हें ब्लड जांच की आवश्यकता न होने पर भी वह चिकित्सकों से ब्लड जांच करवाने की मांग कर रहे हैं। पैथोलॉजी में पूर्व में जहां प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों की ब्लड जांच हो रही थी, वर्तमान समय में आंकड़ा 400 तक पहुंचने लगा है। साथ ही मरीज और तीमारदार पहले जांच कराने को लेकर धक्का-मुक्की भी कर रहे हैं। जिससे व्यवस्थाएं बिगड़ने लगी है।
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ओपीडी में प्रतिदिन मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। मौसमी बुखार के मरीजों से अधिकांश वार्ड फुल होने लगे हैं। भीड़ अधिक होने पर मरीज और तीमारदार अपना आपा न खोये। नियमानुसार जांच कराए। - डॉ. एमपी सिंह, प्रभारी सीएमएस
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बुलंदशहर। जनपद में तेजी से फैल रहे वायरल बुखार ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को परेशान कर रखा है। मौसम में हो रहे बदलाव के बाद जरा सी भी लापरवाही पर लोग तुरंत इसकी चपेट में आ रहे हैं। तेज बुखार के साथ लोग शरीर में अकड़न और दर्द की शिकायत लेकर प्रतिदिन जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। वहीं, देहात क्षेत्रों के सीएचसी-पीएचसी में चिकित्सकों के न आने के कारण जिला अस्पताल में भारी भीड़ लग रही है।
बता दें कि गत माह से रह-रहकर मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कभी उमस भरी गर्मी तो कभी बारिश के बाद मौसम ठंडा हो जा रहा है। इसके चलते मौसमी बुखार तेजी से पांव पसार रहा है। शहर से लेकर गांव तक हर घर में लोग बुखार से पीड़ित है। सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों और अपंजीकृत अस्पतालों में भीड़ लगी हुई है। अपनी गिरफ्त में लेने के बाद बुखार शरीर तोड़ दे रहा है। इससे मरीजों को परेशानियां हो रही है। वहीं, देहात क्षेत्र में स्थित अधिकांश सरकारी चिकित्सालयों में चिकित्सकों और स्टाफ के न आने से मरीजों की भीड़ जिला अस्पताल तक पहुंच रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक मरीजों का ओपीडी में प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. नमिता रस्तोगी ने बताया कि मौसमी बुखार सात दिन तक रहता है। जल्द फायदा होने के लिए अपंजीकृत चिकित्सक से उपचार कराने से बचें। साथ ही बारिश में भीगने के साथ ठंडा पानी पीने से बचें।
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कोई भी हो बीमारी करा रहे ब्लड की जांच
बुखार के साथ-साथ अस्पताल में अन्य बीमारियों के भी मरीजों की लाइन लग रही है। जिन्हें ब्लड जांच की आवश्यकता न होने पर भी वह चिकित्सकों से ब्लड जांच करवाने की मांग कर रहे हैं। पैथोलॉजी में पूर्व में जहां प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों की ब्लड जांच हो रही थी, वर्तमान समय में आंकड़ा 400 तक पहुंचने लगा है। साथ ही मरीज और तीमारदार पहले जांच कराने को लेकर धक्का-मुक्की भी कर रहे हैं। जिससे व्यवस्थाएं बिगड़ने लगी है।
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ओपीडी में प्रतिदिन मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। मौसमी बुखार के मरीजों से अधिकांश वार्ड फुल होने लगे हैं। भीड़ अधिक होने पर मरीज और तीमारदार अपना आपा न खोये। नियमानुसार जांच कराए। - डॉ. एमपी सिंह, प्रभारी सीएमएस