{"_id":"5d5adf788ebc3e89b017a0b0","slug":"bulandshahar-news-bulandshahr-news-gbd1825979107","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद कमरे में हो रहा मरीजों का प्राथमिक उपचार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद कमरे में हो रहा मरीजों का प्राथमिक उपचार
विज्ञापन
बंद कमरे में हो रहा मरीजों का प्राथमिक उपचार
बुलंदशहर। जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को एक चिकित्सक द्वारा मरीजों का बंद कमरे में उपचार करना चर्चा का विषय बना रहा। वहीं, मरीजों द्वारा चिकित्सक पर उपचार न करने का आरोप भी लगाया। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने भीड़ को कम करने के लिए चिकित्सक द्वारा कमरे को बंद करने का दावा किया गया है।
जिला अस्पताल की ओपीडी के कक्ष संख्या चार में मरीजों की लाइन लगी हुई थी। मरीजों का कहना है कि चिकित्सक कक्ष में एक मरीज को बुलाने के बाद दरवाजा बंद कर देते है। तीमारदार को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। प्रभारी सीएमएस डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी है। कक्ष में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के न होने पर और भीड़ अधिक होने पर चिकित्सक द्वारा कक्ष का कमरा बंद किया गया। बताया कि टीबी रोगी को देखने में समय लगता है और मरीज जल्दी दिखाने के प्रयास में जांच पूरी नहीं होने देते।
विज्ञापन
बुलंदशहर। जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को एक चिकित्सक द्वारा मरीजों का बंद कमरे में उपचार करना चर्चा का विषय बना रहा। वहीं, मरीजों द्वारा चिकित्सक पर उपचार न करने का आरोप भी लगाया। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने भीड़ को कम करने के लिए चिकित्सक द्वारा कमरे को बंद करने का दावा किया गया है।
जिला अस्पताल की ओपीडी के कक्ष संख्या चार में मरीजों की लाइन लगी हुई थी। मरीजों का कहना है कि चिकित्सक कक्ष में एक मरीज को बुलाने के बाद दरवाजा बंद कर देते है। तीमारदार को भी अंदर जाने नहीं दिया गया। प्रभारी सीएमएस डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी है। कक्ष में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के न होने पर और भीड़ अधिक होने पर चिकित्सक द्वारा कक्ष का कमरा बंद किया गया। बताया कि टीबी रोगी को देखने में समय लगता है और मरीज जल्दी दिखाने के प्रयास में जांच पूरी नहीं होने देते।
विज्ञापन