फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   bulandshahar news

बुखार से पीड़ित दो महिलाओं की मौत, हड़कंप

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 06 Aug 2019 11:42 PM IST
विज्ञापन
बुखार से पीड़ित दो महिलाओं की मौत, हड़कंप
विज्ञापन

बुलंदशहर/ ऊंचागांव। बुखार से मरीजों की मौत का आंकड़ा अब लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक बुखार से दो मासूम समेत पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अफसर मौत के बाद गांव व नगर में कैंप लगाकर खानापूर्ति कर लेते हैं। मंगलवार को ऊंचागांव क्षेत्र में बुखार से दो और महिलाओं ने दम तोड़ दिया। जिनका उपचार गांव के ही अपंजीकृत चिकित्सकों से चल रहा था। जबकि विभाग अपंजीकृत चिकित्सकों पर लगातार कार्रवाई का दावा कर रहा है।
बता दें कि जुलाई से जनपद में बुखार का कहर शुरू हो गया था। जुलाई में दो मासूम समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, बुखार से पीड़ित दो और महिलाओं ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार ऊंचागांव क्षेत्र के गांव पूठा निवासी 45 वर्षीय महिला मिथलेश गत चार दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। जिसका उपचार गांव में ही एक अपंजीकृत चिकित्सक के यहां चल रहा था। मंगलवार को हालत बिगड़ने पर महिला ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि, गांव गोधना निवासी 28 वर्षीय महिला सुमन गत सप्ताह से बुखार से पीड़ित थीं। जिनका उपचार क्षेत्र के ही एक अपंजीकृत चिकित्सक के यहां चल रहा था। दो दिन पूर्व महिला की हालत गंभीर होने पर परिजनों द्वारा नगर के एक निजी चिकित्सक के यहां भर्ती करा दिया गया था। जहां हालत में सुधार न होने पर सोमवार रात महिला ने दम तोड़ दिया। जिसके चलते अब बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच पहुंच गई है। वहीं, दोनों महिलाओं के घर कोहराम मचा हुआ है। जिनका गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, क्षेत्र में सैकड़ों लोग अभी भी बुखार से पीड़ित चल रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य अफसर अभी भी मरीजों को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। बढ़ते बुखार के प्रकोप का आलम यह है कि अस्पतालों में मरीजों की लाइन लगी पड़ी है। बड़ी संख्या में बुखार के मरीज अस्पतालों में पहुंचने से व्यवस्था भी चरमराने लगी है। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि बुखार से मौत की जानकारी नहीं है। मामले में जांच कराकर कैंप लगाने के लिए टीम भेजी जाएगी।
विज्ञापन

--------
पिछले वर्ष 300 से अधिक लोगों की हुई थी बुखार से मौत
- अफसरों ने बुखार से मौत न मानते हुए अन्य कारणों से बताई थी मौत
चेतन शर्मा
बुलंदशहर। बुखार से इस सीजन में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों की संख्या में मरीज अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। स्थिति कितनी भयावह हो सकती है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि गत वर्ष 300 से अधिक मरीजों की बुखार से मौत हो गई थी। जिसे स्वास्थ्य अफसरों ने बुखार से मौत न मानते हुए अन्य कारणों से मौत होने की बात कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्ष 2017 के बाद 2018 में बुखार ने जमकर कहर बरपाया था। 2017 में जहां 250 से अधिक लोगों की बुखार से मौत हुई थी। वहीं, 2018 में 300 से अधिक लोगों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने पल्ला झाड़ते हुए अन्य कारणों से मौत दर्शाया था। लेकिन इस बार भी बुखार अपना तांडव मचाने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुका है। अभी तक बुखार से दो मासूमों समेत पांच लोगों की मौत हो चुकी है। अस्पतालों में सैकड़ों की संख्या में मरीज इलाज करा रहे हैं। इसके बाद भी सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। मरीजों को स्ट्रेचर से शिफ्ट करने की बजाए गोदी में उठाकर या अन्य पैदल वार्डों तक पहुंचाया जा रहा है, जबकि वार्डों में पड़े बेडों की चादरों को भी समय से नहीं बदला जा रहा है। जिससे संक्रामक रोग फैलने की भी संभावना बनी रहती है। वहीं, मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उधर गांव में जलभराव और गंदगी होने से संक्रामक रोग फैलने की संभावना गत वर्ष की तरह बनने लगी है। जिससे बचाव के लिए ग्राम प्रधान और स्वास्थ्य अफसरों द्वारा कोई तैयारी शुरू नहीं की गई है। सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि बुखार के लिए अस्पताल में सभी इंतजाम हैं। अभी तक बुखार से मौत की पुष्टि नहीं हुई है। जहां-जहां शिकायतें मिल रही हैं, वहां टीम को भेजकर जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed