बुलंदशहर। अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के गांव हजरतपुर नगली में जुलाई 2014 को खेत पर गए रोहन सिंह हत्याकांड के गवाह अशोक की हत्या के मामले में न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या तृतीय रितिका त्यागी ने चार हत्यारोपियों को दोषी करार दिया है। जिन्हें आजीवन कारावास के साथ साथ 1.08-1.08 लाख रुपये का अर्थदंड भी सुनाया है। एडीजीसी क्राइम अजीत कुमार सक्सेना और नितिन त्यागी ने बताया कि वादी मुकदमा सरजीत सिंह ने बताया कि वर्ष 2012 में उसके पिता रोहन सिंह की हत्या कर दी गई थी। यह मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है। इस प्रकरण में वादी सरजीत, भतीजे नरेश व अशोक भी गवाह हैं। 30 जुलाई 2014 को वादी के भतीजे नरेश व अशोक खेत पर गए थे। ट्यूबवेल के पास सुबह करीब साढ़े आठ बजे आरोपी मुकेश, रॉबिन, धूरिया उर्फ जयपाल निवासीगण गांव हजरतपुर नगली, रूपेश निवासी गांव मामऊ व अनिल निवासी गांव नौरंगाबाद थाना अहमदगढ़ ईख के खेत से निकल कर वहां पहुंच गए। साथ ही आरोपियों ने वादी के पिता के मुकदमे में गवाही देने पर नरेश व अशोक पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। जिस पर वह दोनों वहां से भागने की कोशिश करने लगे। लेकिन, अशोक गिर गया। जिसके बाद आरोपियों ने उस पर ताबड़तोड़ फायर करने शुरू कर दिए। गोलियों की आवाज सुनकर वादी व गनर मौके की तरफ दौड़े तो आरोपी वहां से फायर झोंकते हुए भाग निकले। वारदात में वादी के भतीजे अशोक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, नरेश भी घायल हो गया। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर सभी पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। साथ ही न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों व साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी धूरिया उर्फ जयपाल, अनिल, रूपेश और रॉबिन को दोषी करार दिया है। साथ ही इन्हें आजीवन कारावास और 1.08-1.08 लाख रुपये का अर्थदंड भी सुनाया गया है। जबकि, आरोपी मुकेश की पत्रावली अभी दूसरे न्यायालय में विचाराधीन है।