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स्याना सीट पर वफादार की तलाश
Bulandshahr
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:33 AM IST
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बुलंदशहर। बहुजन समाज पार्टी अपने मिशन 2017 की फतह के लिए वफादारों की तलाश कर रही है। एक तरफ जहां रविवार को पार्टी ने खुर्जा से मनोज गौतम और शिकारपुर से देेवेंद्र भारद्वाज का नाम घोषित किया वहीं स्याना सीट के लिए कर्मठ और पार्टी के प्रति कृतज्ञ उम्मीदवार की खोज के लिए पदाधिकारी मैराथन बैठकें कर रहे हैं।
बुलंदशहर में सात विधानसभा सीट हैं। बुलंदशहर सदर से हाजी अलीम और अनूपशहर से गजेंद्र सिंह विधायक हैं। सिकंदराबाद से सलीम अहमद और डिबाई रामबीर उपाध्याय के भाई विनोद उपाध्याय चुनाव लड़े थे। वह अब भी प्रभारी और प्रत्याशी हैं। खुर्जा और शिकारपुर से रविवार को मेरठ में प्रत्याशी घोषित कर दिए गए। अब सिर्फ स्याना से नाम की तलाश है। बसपा के इतिहास के मुताबिक आगे बदलाव भी किए जा सकते हैं। पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि विधानसभा चुनाव होने में अभी करीब ढाई साल बाकी है। तब तक क्या समीकरण सामने आएंगे, उसके मुताबिक रणनीति बनाई जाएगी।
यूं किया बदलाव-2012 में खुर्जा सीट से विधानसभा का चुनाव लड़े पूर्व विधायक होराम सिंह ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था और शिकारपुर से पूर्व प्रत्याशी रहे पूर्व विधायक अनिल शर्मा को पार्टी ने हाल ही में अनुशासनहीनता के आरोप में निकाल दिया था। इसलिए इन दोनों सीटों पर नए प्रत्याशी का चयन जरूरी था। खुर्जा सीट पर पार्टी ने बामसेफ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार गौतम पर भरोसा किया है। मनोज गौतम बसपा के कैडरबेस, युवा और सेक्टर, विधानसभा और जिला स्तर पर काम कर चुके हैं। शिकारपुर सीट से घोषित देवेंद्र भारद्वाज 2012 का चुनाव स्याना विधानसभा क्षेत्र से बसपा से लड़े और हारे थे। अनिल शर्मा को निकालने के बाद यह सीट खाली थी।
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कोट्स
मनोज गौतम और देवेंद्र पार्टी के निष्ठावान सिपाही हैं। कार्यकर्ता 2017 में जिले की सातों विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर बहनजी को मुख्यमंत्री बनवाने की कोशिश में जुटे हैं।
- कमल राजन, जिलाध्यक्ष बसपा
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बुलंदशहर में सात विधानसभा सीट हैं। बुलंदशहर सदर से हाजी अलीम और अनूपशहर से गजेंद्र सिंह विधायक हैं। सिकंदराबाद से सलीम अहमद और डिबाई रामबीर उपाध्याय के भाई विनोद उपाध्याय चुनाव लड़े थे। वह अब भी प्रभारी और प्रत्याशी हैं। खुर्जा और शिकारपुर से रविवार को मेरठ में प्रत्याशी घोषित कर दिए गए। अब सिर्फ स्याना से नाम की तलाश है। बसपा के इतिहास के मुताबिक आगे बदलाव भी किए जा सकते हैं। पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि विधानसभा चुनाव होने में अभी करीब ढाई साल बाकी है। तब तक क्या समीकरण सामने आएंगे, उसके मुताबिक रणनीति बनाई जाएगी।
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यूं किया बदलाव-2012 में खुर्जा सीट से विधानसभा का चुनाव लड़े पूर्व विधायक होराम सिंह ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था और शिकारपुर से पूर्व प्रत्याशी रहे पूर्व विधायक अनिल शर्मा को पार्टी ने हाल ही में अनुशासनहीनता के आरोप में निकाल दिया था। इसलिए इन दोनों सीटों पर नए प्रत्याशी का चयन जरूरी था। खुर्जा सीट पर पार्टी ने बामसेफ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार गौतम पर भरोसा किया है। मनोज गौतम बसपा के कैडरबेस, युवा और सेक्टर, विधानसभा और जिला स्तर पर काम कर चुके हैं। शिकारपुर सीट से घोषित देवेंद्र भारद्वाज 2012 का चुनाव स्याना विधानसभा क्षेत्र से बसपा से लड़े और हारे थे। अनिल शर्मा को निकालने के बाद यह सीट खाली थी।
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मनोज गौतम और देवेंद्र पार्टी के निष्ठावान सिपाही हैं। कार्यकर्ता 2017 में जिले की सातों विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज कर बहनजी को मुख्यमंत्री बनवाने की कोशिश में जुटे हैं।
- कमल राजन, जिलाध्यक्ष बसपा