{"_id":"110-22409","slug":"Bulandshahr-22409-110","type":"story","status":"publish","title_hn":"4 माह से नयाबांस को बिजली नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
4 माह से नयाबांस को बिजली नहीं
Bulandshahr
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अरनियां (खुर्जा)। नया बांस गांव में चार महीने से ट्रांसफार्मर जला हुआ है, लेकिन पावर कारपोरेशन अधिकारियों को बदलने का मौका नहीं मिला। अधिकारियों के उदासीन रवैये से परेशान ग्रामीणों ने शनिवार को प्रदर्शन किया और तत्काल ट्रांसफार्मर बचने की मांग की।
नया बांस में चार महीने पहले 63 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया था। ग्रामीण लगातार जेई और लाइन मैन से ट्रांसफार्मर बदलने और बिजली आपूर्ति शुरू कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों को गुहार सुनाई नहीं दे रही। ग्रामीणों का आरोप है कि जेई और लाइनमैन ट्रांसफार्मर बदलने के एवज में सुविधा शुल्क की मांग कर रहे हैं। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन कर ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की। जेई संजय का कहना है कि ट्रांसफार्मर बदलने की कार्रवाई पूरी कर दी गई है। ग्रामीण वर्कशाप से ट्रांसफार्मर लाकर बदलवा सकते हैं। प्रदर्शन में प्रेमपाल, शंकर लाल, हरीश, ज्ञान प्रकाश, बिजेंद्र, सतीश, शांति स्वरूप, हरपाल सिंह, आनंद किशोर, नानक चंद, गजेंद्र पाल सिंह, रथपाल, कांति प्रसाद, मनवीर सिंह, राजकुमार सिंह, समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन
नया बांस में चार महीने पहले 63 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया था। ग्रामीण लगातार जेई और लाइन मैन से ट्रांसफार्मर बदलने और बिजली आपूर्ति शुरू कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों को गुहार सुनाई नहीं दे रही। ग्रामीणों का आरोप है कि जेई और लाइनमैन ट्रांसफार्मर बदलने के एवज में सुविधा शुल्क की मांग कर रहे हैं। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन कर ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की। जेई संजय का कहना है कि ट्रांसफार्मर बदलने की कार्रवाई पूरी कर दी गई है। ग्रामीण वर्कशाप से ट्रांसफार्मर लाकर बदलवा सकते हैं। प्रदर्शन में प्रेमपाल, शंकर लाल, हरीश, ज्ञान प्रकाश, बिजेंद्र, सतीश, शांति स्वरूप, हरपाल सिंह, आनंद किशोर, नानक चंद, गजेंद्र पाल सिंह, रथपाल, कांति प्रसाद, मनवीर सिंह, राजकुमार सिंह, समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
विज्ञापन