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Bulandshahar News: गुरु हरिराय के विवाह की 384वीं वर्षगांठ पर हुआ गुरमत समागम
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अनूपशहर। कस्बे के मोहल्ला मदारगेट स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा 7वीं पातशाही हरिराय साहब में सिख समुदाय ने गुरमत समागम का आयोजन किया। तीन दिवसीय समागम में गुरू ग्रंथ साहब के अखंड पाठ व रागी जत्थे द्वारा शब्द कीर्तन व गुरू के अटूट लंगर का आयोजन किया गया।
गुरमत समागम में आसपास के गांवों से आए सिखों ने जिसमें बड़ी तादात में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। सिखों के 7वें गुरू हरिराय साहब का विवाह 384 साल पहले अनूपशहर निवासी दयाराम की बेटी किशनकौर के साथ में हुआ था। इसी की याद में शनिवार को विवाह उत्सव को लेकर गुरमत समागम का आयोजन किया गया है। ग्रंथि गुरमुख सिंह ने बताया कि इस गुरुद्वारे का नाम 7वीं पातशाही हरिराय साहिब है। सिख धर्म के 7वें गुरू हरिराय साहिब का विवाह अनूपशहर निवासी दयाराम की बेटी किशन कौर के साथ हुआ था। उनकी 384वीं वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में गुरुद्वारे में अखंड पाठ साहिब जी और कीर्तन का आयोजन किया गया है एवं कीर्तन की समाप्ति पर लंगर का आयोजन भी किया गया है।
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गुरमत समागम में आसपास के गांवों से आए सिखों ने जिसमें बड़ी तादात में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे। सिखों के 7वें गुरू हरिराय साहब का विवाह 384 साल पहले अनूपशहर निवासी दयाराम की बेटी किशनकौर के साथ में हुआ था। इसी की याद में शनिवार को विवाह उत्सव को लेकर गुरमत समागम का आयोजन किया गया है। ग्रंथि गुरमुख सिंह ने बताया कि इस गुरुद्वारे का नाम 7वीं पातशाही हरिराय साहिब है। सिख धर्म के 7वें गुरू हरिराय साहिब का विवाह अनूपशहर निवासी दयाराम की बेटी किशन कौर के साथ हुआ था। उनकी 384वीं वैवाहिक वर्षगांठ के उपलक्ष्य में गुरुद्वारे में अखंड पाठ साहिब जी और कीर्तन का आयोजन किया गया है एवं कीर्तन की समाप्ति पर लंगर का आयोजन भी किया गया है।
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