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पूर्व पालिकाध्यक्ष से होगी 21.75 लाख की रिकवरी
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पूर्व पालिकाध्यक्ष से होगी 21.75 लाख की रिकवरी
बुलंदशहर। गृहकर और वाहन खरीद के मामले में अनियमितता बरते जाने पर पूर्व नगर पालिका चेयरमैन से 21.75 लाख रुपये की वसूली की जाएगी। यह वसूली भू-राजस्व की तर्ज पर होगी। दोनों मामलों में एडीएम फाइनेंस ने कार्रवाई के लिए तहसीलदार को पत्र जारी किया है।
2009 में नगर पालिका के तत्कालीन चेयरमैन संजीव अग्रवाल पर व्यवसायिक भवनों पर लगाई गई कैपिटल कॉस्ट और गाड़ी खरीद में अनियमितता के आरोप प्रशांत जौहरी, सुमन देवी, सलीम, प्रवेश कौशिक सहित लगभग 12 सभासदों ने लगाए थे। शिकायत पर कमिश्नर के आदेश पर तत्कालीन डीएम शशिभूषण लाल सुशील ने एडीएम प्रशासन डीएस पाठक से जांच कराई। जांच आख्या कमिश्नर को भेज दी गई थी। कमिश्नर ने प्रमुख सचिव नगर विकास को पूरी पत्रावली भेजी थी। शासन ने अब इस मामले में प्रशासन को 19,86727 रुपये की वसूली तत्कालीन चेयरमैन संजीव अग्रवाल से करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा एक गाड़ी खरीद में अनियमितता बरते जाने का भी आरोप लगाते हुए सभासदों ने कमिश्नर और शासन में शिकायत की थी। शासन की ओर से जारी आदेशों के क्रम में एडीएम फाइनेंस ने तहसीलदार को पत्र जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा गाड़ी खरीद में की गई अनियमितता से शासन को 377584 रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। पूर्व पालिकाध्यक्ष से 377584 का पचास प्रतिशत यानि 188792 रुपये की वसूली भू-राजस्व की भांति वसूल किए जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। वहीं इस मामले में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने बताया कि इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है और न ही कोई नोटिस प्राप्त हुआ है। नोटिस मिलने के बाद ही इसका जवाब दूंगा।
यह था पूरा मामला
वर्ष 2009 में नगर पालिका की टैक्स कमेटी ने सुनवाई के दौरान व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की कैपिटल कॉस्ट को कम आंकते हुए टैक्स में कटौती कर दी, जिससे शासन को आर्थिक क्षति हुई। इस संबंध में तत्कालीन सभासद प्रशांत जौहरी एडवोकेट सहित अन्य सभासदों ने जनवरी 2009 में शिकायत कमिश्नर एल. वेंकेटश्वर लू और शासन से की थी। कमिश्नर ने तत्कालीन डीएम शशि भूषण लाल सुशील को पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिकारी से जांच के आदेश दिए। डीएम ने एडीएम प्रशासन डीएस पाठक से जांच कराई और जांच आख्या कमिश्नर को भेज दी। कमिश्नर ने प्रमुख सचिव नगर विकास को जांच आख्या भेज दी। इसी प्रकार गाड़ी खरीद मामले में भी इसी प्रक्रिया के तहत जांच शासन को पहुंची थी।
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शासन की ओर से पूर्व पालिकाध्यक्ष पर दो मामलों में वसूली के आदेश मिले हैं। आदेशों के क्रम में तहसीलदार को नियमानुसार वसूली के आदेश दिए गए हैं। - मनोज कुमार सिंघल, एडीएम फाइनेंस
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बुलंदशहर। गृहकर और वाहन खरीद के मामले में अनियमितता बरते जाने पर पूर्व नगर पालिका चेयरमैन से 21.75 लाख रुपये की वसूली की जाएगी। यह वसूली भू-राजस्व की तर्ज पर होगी। दोनों मामलों में एडीएम फाइनेंस ने कार्रवाई के लिए तहसीलदार को पत्र जारी किया है।
2009 में नगर पालिका के तत्कालीन चेयरमैन संजीव अग्रवाल पर व्यवसायिक भवनों पर लगाई गई कैपिटल कॉस्ट और गाड़ी खरीद में अनियमितता के आरोप प्रशांत जौहरी, सुमन देवी, सलीम, प्रवेश कौशिक सहित लगभग 12 सभासदों ने लगाए थे। शिकायत पर कमिश्नर के आदेश पर तत्कालीन डीएम शशिभूषण लाल सुशील ने एडीएम प्रशासन डीएस पाठक से जांच कराई। जांच आख्या कमिश्नर को भेज दी गई थी। कमिश्नर ने प्रमुख सचिव नगर विकास को पूरी पत्रावली भेजी थी। शासन ने अब इस मामले में प्रशासन को 19,86727 रुपये की वसूली तत्कालीन चेयरमैन संजीव अग्रवाल से करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा एक गाड़ी खरीद में अनियमितता बरते जाने का भी आरोप लगाते हुए सभासदों ने कमिश्नर और शासन में शिकायत की थी। शासन की ओर से जारी आदेशों के क्रम में एडीएम फाइनेंस ने तहसीलदार को पत्र जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा गाड़ी खरीद में की गई अनियमितता से शासन को 377584 रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। पूर्व पालिकाध्यक्ष से 377584 का पचास प्रतिशत यानि 188792 रुपये की वसूली भू-राजस्व की भांति वसूल किए जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। वहीं इस मामले में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष संजीव अग्रवाल ने बताया कि इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है और न ही कोई नोटिस प्राप्त हुआ है। नोटिस मिलने के बाद ही इसका जवाब दूंगा।
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यह था पूरा मामला
वर्ष 2009 में नगर पालिका की टैक्स कमेटी ने सुनवाई के दौरान व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की कैपिटल कॉस्ट को कम आंकते हुए टैक्स में कटौती कर दी, जिससे शासन को आर्थिक क्षति हुई। इस संबंध में तत्कालीन सभासद प्रशांत जौहरी एडवोकेट सहित अन्य सभासदों ने जनवरी 2009 में शिकायत कमिश्नर एल. वेंकेटश्वर लू और शासन से की थी। कमिश्नर ने तत्कालीन डीएम शशि भूषण लाल सुशील को पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिकारी से जांच के आदेश दिए। डीएम ने एडीएम प्रशासन डीएस पाठक से जांच कराई और जांच आख्या कमिश्नर को भेज दी। कमिश्नर ने प्रमुख सचिव नगर विकास को जांच आख्या भेज दी। इसी प्रकार गाड़ी खरीद मामले में भी इसी प्रक्रिया के तहत जांच शासन को पहुंची थी।
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शासन की ओर से पूर्व पालिकाध्यक्ष पर दो मामलों में वसूली के आदेश मिले हैं। आदेशों के क्रम में तहसीलदार को नियमानुसार वसूली के आदेश दिए गए हैं। - मनोज कुमार सिंघल, एडीएम फाइनेंस