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जल संरक्षण के लिए बने चार तालाब, लक्ष्य हुआ पूरा
Updated Sat, 24 Nov 2018 11:36 PM IST
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जल संरक्षण के लिए बने चार तालाब, लक्ष्य हुआ पूरा
बुलंदशहर। जिले में जल संरक्षण की शुरूआत हो गई है। इसके लिए चार तालाब बन चुके हैं। यह तालाब प्रदेश सरकार की खेत तालाब योजना के तहत बनाए गए हैं। तालाब बनने के बाद विभाग का लक्ष्य भी पूरा हो गया।
बुलंदशहर जिले में ही नहीं, बल्कि प्रदेश भर के अलावा देश में लगातार भूजल स्तर घटता जा रहा है। इसे लेकर केंद्र व प्रदेश की सरकारों द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही पानी बचाने के लिए जल संरक्षण की दिशा में भी पहल की जा रही है। जल संरक्षण और किसानोें की आय को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से खेत तालाब योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत जिले को विगत वर्ष चार तालाब का लक्ष्य मिला था। किसानों के खेत में तालाब खुदवाने की जिम्मेदारी जिला भूमि संरक्षण विभाग को दी गई थी। विभागीय अधिकारियों ने तालाब खुदवाने के लिए जिले के किसानों से संपर्क किया। इसका असर यह रहा कि विभाग को किसान मिल गए और चारों तालाब खुदवाकर लक्ष्य भी पूरा कर लिया गया। बताया गया कि दो तालाब डिबाई, एक शिकारपुर और एक पहासू क्षेत्र में खुदवाया गया है। विभागीय अफसरों के अनुसार खेत तालाब योजना से तालाब खुदवा कर किसान उसमें बारिश का पानी संरक्षित कर गिरते जा रहे भू-जल स्तर को बचा सकते हैं। साथ ही तालाब में मछली पालन और तालाब के चारों ओर फल-फूल के पौधे लगाकर आय भी बढ़ा सकते हैं।
तालाब खुदवाने पर किसान को मिलती है 50 फीसदी सब्सिडी
प्रदेश सरकार की खेत तालाब योजना के तहत तालाब खुदवाने वाले किसान को 50 फीसदी की सब्सिडी भी दी जाती है। एक तालाब खुदवाने पर 1.05 लाख रुपये का खर्च आता है। योजना में नियम है कि तालाब के लिए किसान को स्वयं जमीन देनी होती है। इच्छुक किसान योजना का लाभ लेने के लिए जिला भूमि संरक्षण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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कोट ---
प्रदेश सरकार की खेत तालाब योजना से खुदवाए जाने वाले तालाब से किसान जल संरक्षण के साथ अपनी आय बढ़ा सकते हैं। इसके लिए सरकार सब्सिडी देती है। इच्छुक किसान विभाग से संपर्क कर सकते हैं। - डॉ. घनश्याम वर्मा, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, बुलंदशहर।
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बुलंदशहर। जिले में जल संरक्षण की शुरूआत हो गई है। इसके लिए चार तालाब बन चुके हैं। यह तालाब प्रदेश सरकार की खेत तालाब योजना के तहत बनाए गए हैं। तालाब बनने के बाद विभाग का लक्ष्य भी पूरा हो गया।
बुलंदशहर जिले में ही नहीं, बल्कि प्रदेश भर के अलावा देश में लगातार भूजल स्तर घटता जा रहा है। इसे लेकर केंद्र व प्रदेश की सरकारों द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही पानी बचाने के लिए जल संरक्षण की दिशा में भी पहल की जा रही है। जल संरक्षण और किसानोें की आय को बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से खेत तालाब योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत जिले को विगत वर्ष चार तालाब का लक्ष्य मिला था। किसानों के खेत में तालाब खुदवाने की जिम्मेदारी जिला भूमि संरक्षण विभाग को दी गई थी। विभागीय अधिकारियों ने तालाब खुदवाने के लिए जिले के किसानों से संपर्क किया। इसका असर यह रहा कि विभाग को किसान मिल गए और चारों तालाब खुदवाकर लक्ष्य भी पूरा कर लिया गया। बताया गया कि दो तालाब डिबाई, एक शिकारपुर और एक पहासू क्षेत्र में खुदवाया गया है। विभागीय अफसरों के अनुसार खेत तालाब योजना से तालाब खुदवा कर किसान उसमें बारिश का पानी संरक्षित कर गिरते जा रहे भू-जल स्तर को बचा सकते हैं। साथ ही तालाब में मछली पालन और तालाब के चारों ओर फल-फूल के पौधे लगाकर आय भी बढ़ा सकते हैं।
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तालाब खुदवाने पर किसान को मिलती है 50 फीसदी सब्सिडी
प्रदेश सरकार की खेत तालाब योजना के तहत तालाब खुदवाने वाले किसान को 50 फीसदी की सब्सिडी भी दी जाती है। एक तालाब खुदवाने पर 1.05 लाख रुपये का खर्च आता है। योजना में नियम है कि तालाब के लिए किसान को स्वयं जमीन देनी होती है। इच्छुक किसान योजना का लाभ लेने के लिए जिला भूमि संरक्षण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
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कोट ---
प्रदेश सरकार की खेत तालाब योजना से खुदवाए जाने वाले तालाब से किसान जल संरक्षण के साथ अपनी आय बढ़ा सकते हैं। इसके लिए सरकार सब्सिडी देती है। इच्छुक किसान विभाग से संपर्क कर सकते हैं। - डॉ. घनश्याम वर्मा, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी, बुलंदशहर।