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गांवों में लोटा परेड रोकने को अफसरों की दौड़ शुरू
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:18 AM IST
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गांवों में लोटा परेड रोकने को अफसरों की दौड़ शुरू
बुलंदशहर। खुले में शौच मुक्त गांवों में लोटा परेड रोकने के लिए अफसरों ने दौड़ शुरू कर दी है। सुबह-सवेरे गांव में पहुंचकर लोटा परेड करने वालों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे है। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए बीडीओ और एडीओ पंचायत की ड्यूटी लगाई गई है।
जिले में स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के तहत 2.05 लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 1.34 लाख शौचालयों का निर्माण हो चुका है, जबकि 71 हजार और शौचालय बनाए जाने हैं। जिले को दो अक्टूबर तक ओडीएफ की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। गुलावठी, स्याना और बीबीनगर ब्लॉक के साथ जिले की 951 ग्राम पंचायतों में से 370 पंचायत और 1176 राजस्व गांव में से 480 गांव ओडीएफ घोषित हो चुके हैं। समय कम रहने के कारण रोजाना 700 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और पिछले 15 दिन की विभागीय रिपोर्ट के अनुसार रोजाना करीब 750 शौचालयों का निर्माण हो रहा है। अब विभाग ने शौचालय का प्रयोग न करने की मिल रही शिकायतों के आधार पर गांवों में लोटा परेड रोकने और ग्रामीणों को शौचालय का प्रयोग करवाने के लिए एक अच्छी पहल की है। जिले के सभी बीडीओ और एडीओ पंचायत को गांवों में पहुंचकर लोगों को शौचालय का प्रयोग करवाने के लिए ड्यूटी लगाई है।
ओडीएफ हो चुके गांवों में लोटा परेड रोकने का काम शुरू हो गया है। किसी भी ग्रामीण को खुले में शौच नहीं करने दिया जाएगा और बीडीओ और एडीओ पंचायत लगातार गांव में ग्रामीणों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, बुलंदशहर
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बुलंदशहर। खुले में शौच मुक्त गांवों में लोटा परेड रोकने के लिए अफसरों ने दौड़ शुरू कर दी है। सुबह-सवेरे गांव में पहुंचकर लोटा परेड करने वालों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे है। ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए बीडीओ और एडीओ पंचायत की ड्यूटी लगाई गई है।
जिले में स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के तहत 2.05 लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 1.34 लाख शौचालयों का निर्माण हो चुका है, जबकि 71 हजार और शौचालय बनाए जाने हैं। जिले को दो अक्टूबर तक ओडीएफ की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। गुलावठी, स्याना और बीबीनगर ब्लॉक के साथ जिले की 951 ग्राम पंचायतों में से 370 पंचायत और 1176 राजस्व गांव में से 480 गांव ओडीएफ घोषित हो चुके हैं। समय कम रहने के कारण रोजाना 700 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और पिछले 15 दिन की विभागीय रिपोर्ट के अनुसार रोजाना करीब 750 शौचालयों का निर्माण हो रहा है। अब विभाग ने शौचालय का प्रयोग न करने की मिल रही शिकायतों के आधार पर गांवों में लोटा परेड रोकने और ग्रामीणों को शौचालय का प्रयोग करवाने के लिए एक अच्छी पहल की है। जिले के सभी बीडीओ और एडीओ पंचायत को गांवों में पहुंचकर लोगों को शौचालय का प्रयोग करवाने के लिए ड्यूटी लगाई है।
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ओडीएफ हो चुके गांवों में लोटा परेड रोकने का काम शुरू हो गया है। किसी भी ग्रामीण को खुले में शौच नहीं करने दिया जाएगा और बीडीओ और एडीओ पंचायत लगातार गांव में ग्रामीणों को शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, बुलंदशहर
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