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अवैध वसूली के लालच में पदोन्नति के बाद भी नहीं छोड़ी सीट
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:00 AM IST
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अवैध वसूली के लालच में पदोन्नति के बाद भी अधिकारी ने नहीं छोड़ी सीट
बुलंदशहर। सिंचाई विभाग में पदोन्नति के बाद भी एक प्रशासनिक अधिकारी के द्वारा बाबू की सीट न छोड़ने का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार पदोन्नति के बाद संबंधित अधिकारी ने उच्च अफसरों से जुगाड़ कर अपनी तैनाती संबंधित खंड में ही करा ली है। बताया जा रहा है कि अवैध वसूली के लालच में ऐसा किया गया है।
सिंचाई विभाग में अफसरों और कर्मचारियों की सेटिंग का खेल खूब चल रहा है। अफसर अपने चहेते बाबुओं पर पूरा रहमोकरम बनाए हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार करीब 10 वर्ष से सीट पर जमे एक बाबू का नवंबर 2017 में प्रशासनिक अधिकारी के लिए पदोन्नति हो गई, लेकिन पदोन्नति के बाद भी उसने आज तक सीट नहीं छोड़ी। बताया जा रहा है कि अफसरों की मिलीभगत से अधिकारी अपनी तैनाती संबंधित खंड में उसी सीट पर करा ली है। नियमानुसार कोई भी प्रशासनिक अधिकारी किसी बाबू या पटल पर कार्य नहीं कर सकता है। इसके बाद भी अफसरों ने घालमेल करते हुए उस अधिकारी सीट से हटाने की जहमत नहीं उठाई है। खंड के एक्सईएन रविंद्र चौधरी ने बताया कि मामला मेरी जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी जांच की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारी किसी पटल पर कार्य नहीं कर सकता है।
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बुलंदशहर। सिंचाई विभाग में पदोन्नति के बाद भी एक प्रशासनिक अधिकारी के द्वारा बाबू की सीट न छोड़ने का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार पदोन्नति के बाद संबंधित अधिकारी ने उच्च अफसरों से जुगाड़ कर अपनी तैनाती संबंधित खंड में ही करा ली है। बताया जा रहा है कि अवैध वसूली के लालच में ऐसा किया गया है।
सिंचाई विभाग में अफसरों और कर्मचारियों की सेटिंग का खेल खूब चल रहा है। अफसर अपने चहेते बाबुओं पर पूरा रहमोकरम बनाए हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार करीब 10 वर्ष से सीट पर जमे एक बाबू का नवंबर 2017 में प्रशासनिक अधिकारी के लिए पदोन्नति हो गई, लेकिन पदोन्नति के बाद भी उसने आज तक सीट नहीं छोड़ी। बताया जा रहा है कि अफसरों की मिलीभगत से अधिकारी अपनी तैनाती संबंधित खंड में उसी सीट पर करा ली है। नियमानुसार कोई भी प्रशासनिक अधिकारी किसी बाबू या पटल पर कार्य नहीं कर सकता है। इसके बाद भी अफसरों ने घालमेल करते हुए उस अधिकारी सीट से हटाने की जहमत नहीं उठाई है। खंड के एक्सईएन रविंद्र चौधरी ने बताया कि मामला मेरी जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा है तो इसकी जांच की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारी किसी पटल पर कार्य नहीं कर सकता है।
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