{"_id":"5af1d1844f1c1b87028b8c20","slug":"152579725020311-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में 311 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी निजी कंपनियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में 311 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी निजी कंपनियां
Updated Tue, 08 May 2018 10:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में 311 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी मल्टीनेशनल कंपनियां
- इनवेस्टर समिट में कंपनी मालिकों की घोषणा पर काम शुरू
- सिकंदराबाद व खुर्जा में लगाई जाएंगी औद्योगिक इकाईयां
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। लखनऊ में हाल ही में हुए इनवेस्टर समिट से जनपद के विकास की भी नई राह मिली है। समिट में विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा 311 करोड़ी निवेश करने का निर्णय लिया गया है। सिकंदराबाद व खुर्जा में कंपनियों द्वारा 5 औद्योेगिक इकाईयां लगाने की योजना तैयार की जा रही है।
गत माह में प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में इनवेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था। जिसमें उद्योगपतियों ने चार लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा सरकार से किया था। योजना के तहत जिले में भी विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियां निवेश के लिए तैयारी कर रही हैं। सिकंदराबाद, खुर्जा में पांच नई फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी। जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजगार की सुविधा मिलेगी। जिले में निवेश के लिए फैक्ट्री मालिकों ने अफसरों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। योजना के तहत खुर्जा में एक पॉटरी व सिकंदराबाद क्षेत्र में चार विभिन्न फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी। इनमें नायलॉन, पाइप, पेंट समेत अन्य सामग्री का उत्पादन किया जाएगा। उद्योग उपायुक्त पंकज निर्वाण ने बताया कि जिले में 311 करोड़ का निवेश होगा। इसके लिए अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही फैक्ट्रियों के लिए कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
रोजगार के मिलेंगे अवसर
जनपद में 5 नई औद्योगिक इकाईयों की स्थापना से रोजगार के भी अवसर मिलेंगे। बेरोजगार युवकों कोे अन्य जनपदों की राह नहीं देखनी होगी। सरकार की तरफ से कौशल विकास योजना के तहत रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं, इस योजना के तहत प्रशिक्षण लेने वाले युवकों को भी उक्त औद्योगिक इकाईयों में काम करने का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन
जिले के विकास को मिलेगी रफ्तार
प्रदेश सरकार की इनवेस्टर समिट योजना अगर साकार होती है तो जनपद के विकास को नई राह मिलेगी। खुर्जा व सिकंदराबाद में पांच औद्योगिक इकाइयों के खुलने के बाद कंपनियों को लाभ मिलता है तो अन्य कंपनियां भी जनपद में नई इकाईयां खोलने के लिए योजना बनाएंगी। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि सरकार को अच्छा खासा राजस्व भी प्राप्त होगा।
विज्ञापन
- इनवेस्टर समिट में कंपनी मालिकों की घोषणा पर काम शुरू
- सिकंदराबाद व खुर्जा में लगाई जाएंगी औद्योगिक इकाईयां
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। लखनऊ में हाल ही में हुए इनवेस्टर समिट से जनपद के विकास की भी नई राह मिली है। समिट में विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों द्वारा 311 करोड़ी निवेश करने का निर्णय लिया गया है। सिकंदराबाद व खुर्जा में कंपनियों द्वारा 5 औद्योेगिक इकाईयां लगाने की योजना तैयार की जा रही है।
गत माह में प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में इनवेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया था। जिसमें उद्योगपतियों ने चार लाख करोड़ रुपये के निवेश का वादा सरकार से किया था। योजना के तहत जिले में भी विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियां निवेश के लिए तैयारी कर रही हैं। सिकंदराबाद, खुर्जा में पांच नई फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी। जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजगार की सुविधा मिलेगी। जिले में निवेश के लिए फैक्ट्री मालिकों ने अफसरों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। योजना के तहत खुर्जा में एक पॉटरी व सिकंदराबाद क्षेत्र में चार विभिन्न फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी। इनमें नायलॉन, पाइप, पेंट समेत अन्य सामग्री का उत्पादन किया जाएगा। उद्योग उपायुक्त पंकज निर्वाण ने बताया कि जिले में 311 करोड़ का निवेश होगा। इसके लिए अनुमति की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही फैक्ट्रियों के लिए कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
रोजगार के मिलेंगे अवसर
जनपद में 5 नई औद्योगिक इकाईयों की स्थापना से रोजगार के भी अवसर मिलेंगे। बेरोजगार युवकों कोे अन्य जनपदों की राह नहीं देखनी होगी। सरकार की तरफ से कौशल विकास योजना के तहत रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं, इस योजना के तहत प्रशिक्षण लेने वाले युवकों को भी उक्त औद्योगिक इकाईयों में काम करने का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन
जिले के विकास को मिलेगी रफ्तार
प्रदेश सरकार की इनवेस्टर समिट योजना अगर साकार होती है तो जनपद के विकास को नई राह मिलेगी। खुर्जा व सिकंदराबाद में पांच औद्योगिक इकाइयों के खुलने के बाद कंपनियों को लाभ मिलता है तो अन्य कंपनियां भी जनपद में नई इकाईयां खोलने के लिए योजना बनाएंगी। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि सरकार को अच्छा खासा राजस्व भी प्राप्त होगा।