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पशु-पक्षियों की आस को निराश कर रहे तालाब

Fri, 06 Apr 2018 10:28 PM IST
Updated Fri, 06 Apr 2018 10:28 PM IST
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पशु-पक्षियों की आस को निराश कर रहे तालाब
पशु-पक्षियों की आस को निराश कर रहे तालाब
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- जिले के 1200 तालाब पड़े हैं सूखे, कैसे बुझेगी पशु-पक्षियों की प्यास
- जिला प्रशासन को तालाबों की आई याद, भरे तालाबों की मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गर्मी जहां जोर पकड़ रही है, वहीं पानी की बढ़ती मांग के साथ जिले के अधिकतर तालाब सूखे पड़े हैं। तीन हजार से अधिक तालाबों में से लगभग 1200 तालाबों में पानी नहीं है। ऐसे में पशु-पक्षियों की आस को तालाब निराश कर रहे हैं। वहीं, अब जिला प्रशासन ने भरे तालाबों की रिपोर्ट मांगी है।
गर्मी के दिनों में जब पानी की मांग बढ़ती है तो खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पशु-पक्षियों को पानी की आस तालाबों से ही होती है। यही कारण है कि प्रशासन द्वारा हर साल गर्मी के मौसम में ज्यादातर सूखे तालाबों को भरवाया जाता है। सरकारी आंकड़ों में मौजूदा समय जिले में तीन हजार से अधिक तालाब हैं। वर्तमान में 1200 तालाब सूखे पड़े हैं। इन्हीं सूखे तालाबों को नलकूप, नहर आदि से भरवाया जाना है। इसके लिए जिला प्रशासन ने भरे हुए तालाबों की रिपोर्ट मांग ली है। ग्राम विकास विभाग द्वारा तालाबों की स्थिति की ब्लाकों से सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई है। देखा जाए तो अभी अप्रैल का महीना शुरू ही हुआ है, गर्मी का जोर पकड़ने लगा है। इससे पेयजल की मांग भी बढ़ गई है। ऐसे में जिन तालाबों में पानी नहीं है वहां पशु-पक्षियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बारिश न होने के कारण भी सूखे है तालाब
इस बार बारिश बहुत कम हुई और यहीं कारण रहा कि इस बार अधिकतर तालाबों में पानी नहीं रहा। यदि अच्छी बारिश होती तो तालाबों में पानी भरा होता और किसी को परेशानी नहीं होती। अब इन तालाबों को नलकूप या नहर के पानी से ही भरवाया जा सकता है।
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कोट
गर्मी को देखते हुए जिले के सूखे और पानी से भरे तालाबों की रिपोर्ट मांग ली है। जल्द ही रिपोर्ट मिलने पर सूखे तालाबों में पानी भरवाने का काम किया जाएगा। - सर्वेश चंद, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, बुलंदशहर
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