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अब कुपोषित बच्चों की होगी ऑनलाइन ट्रैकिंग
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:09 PM IST
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अब कुपोषित बच्चों की होगी ऑनलाइन ट्रैकिंग
- कुपोषित बच्चों की दर कम करने की पहल
- विभाग स्तर पर ब्लॉक कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
- शबरी संकल्प अभियान के तहत चलेगा अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
शबरी संकल्प अभियान के तहत जिले के कुपोषित बच्चों की आनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी। इसके तहत जिले में शून्य से तीन वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों में कुपोषण की दर में दो फीसदी की कमी लाने का उद्देश्य रखा गया है। इसके लिए विभाग स्तर पर ब्लॉक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अक्टूबर 2017 में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से जिले के बच्चों में कुपोषण का पता लगाने के लिए वजन दिवस के तहत वजन किया गया था। इस दौरान जिले के 3958 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 382936 बच्चों का वजन होना था, लेकिन 32552 बच्चों का वजन नहीं हो सका था। वजन दिवस में 54350 बच्चे कुपोषण के शिकार पाए गए। इनमें 15317 बच्चे कुपोषण की लाल श्रेणी और 39033 बच्चे कुपोषण की पीली श्रेणी में शामिल थे। सामान्य बच्चों की संख्या 296034 रही। अब शासन ने शबरी संकल्प अभियान के तहत तीन वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण मुक्ति कार्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। अभियान के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा कम से कम दो गांव को गोद लेते हुए उसे छह माह में कुपोषण से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा जाएगा। कुपोषित व अतिकुपोषित श्रेणी के बच्चों की मासिक ट्रैकिंग व सूचना वेबसाइट पर फीड की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि शबरी संकल्प योजना के तहत विभाग की ओर से तीन वर्ष तक के बच्चों का ब्योरा ऑनलाइन फीड करने के आदेश दे दिए हैं। ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम के लिए विभागीय कर्मचारियों के साथ संबंधित सभी लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासनादेश के अनुसार ही कार्यक्रम का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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- कुपोषित बच्चों की दर कम करने की पहल
- विभाग स्तर पर ब्लॉक कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
- शबरी संकल्प अभियान के तहत चलेगा अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
शबरी संकल्प अभियान के तहत जिले के कुपोषित बच्चों की आनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी। इसके तहत जिले में शून्य से तीन वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों में कुपोषण की दर में दो फीसदी की कमी लाने का उद्देश्य रखा गया है। इसके लिए विभाग स्तर पर ब्लॉक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अक्टूबर 2017 में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से जिले के बच्चों में कुपोषण का पता लगाने के लिए वजन दिवस के तहत वजन किया गया था। इस दौरान जिले के 3958 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 382936 बच्चों का वजन होना था, लेकिन 32552 बच्चों का वजन नहीं हो सका था। वजन दिवस में 54350 बच्चे कुपोषण के शिकार पाए गए। इनमें 15317 बच्चे कुपोषण की लाल श्रेणी और 39033 बच्चे कुपोषण की पीली श्रेणी में शामिल थे। सामान्य बच्चों की संख्या 296034 रही। अब शासन ने शबरी संकल्प अभियान के तहत तीन वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण मुक्ति कार्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। अभियान के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा कम से कम दो गांव को गोद लेते हुए उसे छह माह में कुपोषण से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा जाएगा। कुपोषित व अतिकुपोषित श्रेणी के बच्चों की मासिक ट्रैकिंग व सूचना वेबसाइट पर फीड की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि शबरी संकल्प योजना के तहत विभाग की ओर से तीन वर्ष तक के बच्चों का ब्योरा ऑनलाइन फीड करने के आदेश दे दिए हैं। ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम के लिए विभागीय कर्मचारियों के साथ संबंधित सभी लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासनादेश के अनुसार ही कार्यक्रम का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
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