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कांवड़ यात्रा: 18 जोन और 48 सेक्टरों में बंटा जनपद

Thu, 13 Jul 2017 10:19 PM IST
Updated Thu, 13 Jul 2017 10:19 PM IST
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कांवड़ यात्रा: 18 जोन और 48 सेक्टरों में बंटा जनपद
कांवड़ यात्रा: 18 जोन और 48 सेक्टरों में बंटा जिला
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कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुरक्षा के मद्देनजर जनपद को 18 जोन और 48 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में एक निरीक्षक/उपनिरीक्षक और प्रत्येक सेक्टर में उपनिरीक्षक की ड्यूटी लगाई गई है।

बलवे की स्थिति से निपटने के लिए कांवड़ यात्रा से प्रभावित 17 थानों पर एक-एक एंटी डेमो स्क्वायड टीम बनाई गई है। 10 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। 21 जुलाई में श्रावण महाशिवरात्रि के मौके पर शिवालयों में जलाभिषेक किया जाएगा।
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श्रद्धालु, गंगोत्री, हरिद्वार, गढ़, अनूपशहर, रामघाट, अहार आदि स्थानों से गंगाजल लेकर जनपद के विभिन्न मार्गों से होकर शिवालयों में पहुंचेंगे। एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि जनपद को 18 जोन और 48 सेक्टरों में बांटा गया है।
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प्रत्येक जोन में एक निरीक्षक/उपनिरीक्षक और प्रत्येक सेक्टर में उपनिरीक्षक की ड्यूटी आवश्यक लगाई गई है। बलवे की स्थिति से निपटने के लिए कांवड़ यात्रा से प्रभावित 17 थानों पर एक-एक एंटी डेमो स्क्वायड टीम बनाई गई है। इस टीम में एक उपनिरीक्षक और आठ कांस्टेबल होंगे।

स्क्वायड को क्षेत्र में भ्रमण कराने की जिम्मेदारी संबंधित थाना पुलिस की होगी। यह टीम क्विक रिस्पांस टीम की तर्ज पर काम करेगी। यदि कोई घटना होती है तो स्क्वायड टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालेगी।

वहीं कांवड़ यात्रा से प्रभावित होने वाले थानों में गुलावठी, सिकंदराबाद, कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, खुर्जा नगर, खुर्जा देहात, अरनिया, छतारी, डिबाई, रामघाट, अनूपशहर, जहांगीराबाद, अहार, स्याना, नरसेना, औरंगाबाद और ककोड़ हैं। एसएसपी ने बताया कि संबंधित थानाध्यक्ष प्रत्येक दिन की रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक नगर/देहात को देंगे।


हरिद्वार जाने के लिए देना होगा 25 रुपये अधिक किराया
शिवभक्तों की सुविधा के लिए हरिद्वार से रुड़की व मुजफ्फरनगर रूट पर बसों के साथ भारी वाहनों का संचालन बंद हो गया है। ऐसे में बुलंदशहर से हरिद्वार जाने वाली वाली रोडवेज बसों का भी रूट बदल गया है।

रूट बदलने से सफर 33 किलोमीटर लंबा हो गया और अब हरिद्वार जाने वाले शिवभक्तों को 25 रुपये अधिक किराया देना होगा। बुलंदशहर से हरिद्वार का सफर मेरठ, मुजफ्फरनगर और रुड़की से होता हुआ 224 किलोमीटर का है और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा 221 रुपये किराया निर्धारित है।

मगर, अब इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद होने के कारण बुलंदशहर से जाने वाली बसाें का रूट बदल दिया है। अब बस बुलंदशहर से मेरठ, मवाना और नजीमाबाद होते हुए हरिद्वार पहुंचेगी।

यह सफर 257 किलोमीटर का है और इसके लिए परिवहन निगम ने 246 रुपये किराया निर्धारित किया है। इस तरह से अब शिवभक्तों और अन्य श्रद्धालुओं को 25 रुपये अधिक किराया देना होगा।

शिवरात्रि की वजह से इस समय हरिद्वार जाने वाले मेरठ से मुजफ्फरनगर और रुड़की जाने वाले मार्ग पर वाहनों का संचालन बंद है। इसलिए बुलंदशहर से जाने वाली बसों का रूट बदल दिया है और अब बसें मेरठ से मवाना और नजीमाबाद होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगी। दूरी 33 किलोमीटर अधिक होने के कारण किराया 25 रुपये बढ़ा दिया है। - एसपी सिंह, एआरएम, बुलंदशहर डिपो

हरिद्वार के लिए रोडवेज बसों का संचालन शुरू
जिले से शिवभक्त हरिद्वार को रवाना होना शुरू हो गए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने बृहस्पतिवार से शिवभक्तों को हरिद्वार पहुंचाने के लिए बसों का संचालन शुरू कर दिया। पहले दिन समाचार लिखे जाने तक 10 बसें हरिद्वार को रवाना हुईं।


एआरएम एसपी सिंह ने बताया कि शिवभक्तों की हरिद्वार यात्रा को लेकर निगम ने पहले ही तैयारी कर ली थी। उन्होंने दावा किया कि शिवभक्तों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और बसों का संचालन 19 जुलाई तक जारी रहेगा।
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