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दिल्ली से लौटते युवक को जहरखुरानों ने लूटा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Wed, 28 Feb 2018 06:16 PM IST
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जहरखुरानी गिरोह के सदस्यों ने दिल्ली रूट की बसों को निशाना बना रखा है। वह दिल्ली से कमाई करके घर लौट रहे मुसाफिरों को नशा देकर लूट रहे हैं। होली के दिनों में कई मुसाफिर जिला अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। बुधवार सुबह ऐसे ही एक युवक को बस स्टाफ ने उझानी में उतार दिया। पुलिस ने मोबाइल से परिवार को सूचना दी तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया जा सका।
उझानी के अहिरवारा निवासी देवेंद्र (20) दिल्ली में एलजी कंपनी में अपने पिता के साथ काम करता है। एक सप्ताह पहले उसके पिता घर आ गए थे। मंगलवार शाम देवेंद्र दिल्ली से अपने घर के लिए रोडवेज बस से उझानी का टिकट लेकर बैठा। गुन्नौर तक वह ठीक था। उसने मोबाइल पर अपनी मां कमलेश से बात भी की थी। इसके बाद उसका फोन नहीं उठा। सुबह उझानी पुलिस ने कमलेश को फोन करके सूचना दी कि उनका बेटा बरी बाईपास पर नशे की हालत में पड़ा है। कमलेश और उनके परिवार के लोग पहुंचे और देवेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटनाक्रम से परिवार की होली की खुशियां काफूर हो गईं। जिला अस्पताल में थोड़ा सा होश आने पर देवेंद्र ने बताया कि उसके पास मौजूद दो हजार रुपये, एटीएम व आधार कार्ड उड़ा लिया गया। देवेंद्र के मुताबिक उसके पास बैठे दो लोग बुलंदशहर से ही उसे कभी कोल्ड ड्रिंक तो कभी समोसा खिलाने की कोशिश कर रहे थे। उसने मना कर दिया। गुन्नौर के बाद पता नहीं उन्होंने क्या किया कि उसकी पलकें झपकती चली गईं। इसके बाद उसे होश न रहा। गनीमत यह रही कि जहरखुरानों ने उसका मोबाइल नहीं लूटा, जिससे समय रहते उसके परिवार को पता चल गया। वरना तो रोडवेज वाले उसे अंधेरे में एक कोने में उतारकर चले गए थे।
जहरखुरानी गिरोह की सक्रियता बढ़ी
यूं तो दिल्ली से आने वाली रोडवेज बसों में जहरखुरानी गिरोह की सक्रियता साल भर रहती है पर होली दिवाली जैसे त्योहार पर यह ज्यादा ही आक्रामक हो जाते हैं। दिल्ली की कंपनियों में काम करने वाले और छोटे व्यवसाय चलाने वाले जिले के हजारों लोग जब त्योहार मनाने घर लौटते हैं तो जहरखुरान उन्हें किसी न किसी तरह अपना शिकार बना ही लेते हैं। बदायूं डिपो के अलावा दिल्ली रूट पर चलने वाली दूसरे डिपो की बसों में भी गिरोह की सक्रियता बराबर रहती है। कुछ बस चालक मानवीय संवेदना दिखाते हुए नशे के शिकार यात्रियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराते हैं तो कुछ उन्हें अंधेरे में सड़क किनारे छोड़कर कागजी झंझट से पीछा छुड़ाने की कोशिश में रहते हैं, भले ही किसी मुसाफिर की जान पर क्यों न बन जाए। बदायूं डिपो के एआरएम राजेश कुमार बताते हैं कि उन्होंने स्टाफ को संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर निगाह रखने और नशे के शिकार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दे रखे हैं। बस स्टैंड और बसों पर भी चेतावनी लिख रखी है कि किसी अंजान शख्स का दिया हुआ कुछ न खाएं पिएं। फिर भी अज्ञानता में लोग इस गिरोह का शिकार हो जाते हैं।
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लड़कियां भी शामिल हैं गैंग में
जहरखुरानी गिरोह के शिकार यात्रियों से पूछताछ में साफ हुआ है कि सुंदर लड़कियां भी इस गैंग की मददगार हैं। अक्सर गिरोह के सदस्य दिल्ली आनंद विहार से आम मुसाफिरों की तरह ही टिकट लेकर बस में बैठते हैं। वह बस में घुसते ही अपने शिकार को चिह्नित कर लेते हैं। भोले-भाले यात्रियों से बातचीत में मेल बढ़ाते हैं। कभी उनका दिया हुआ खुद खा लेते हैं तो कभी उन्हें कुछ खिलाकर नशा दे देते हैं। इसके बाद इत्मीनान ने उनका माल लूटकर किसी अगले स्टापेज पर उतर जाते हैं। जब बस रुकती है तो स्टाफ को अहसास होता है कि कोई यात्री गिरोह का शिकार हो गया है।
जहरखुरानी गिरोह की सक्रियता दिल्ली दिशा के दूसरे जिलों में ज्यादा है। यह अलग बात है कि बदायूं के लोग उधर से आते हुए इनका शिकार हो जाते हैं। पुलिस को बसों में संदिग्ध लोगों की चेकिंग का निर्देश दिया गया है। गिरोह को ट्रेस कराने का प्रयास करेंगे।
- चंद्रप्रकाश, एसएसपी
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उझानी के अहिरवारा निवासी देवेंद्र (20) दिल्ली में एलजी कंपनी में अपने पिता के साथ काम करता है। एक सप्ताह पहले उसके पिता घर आ गए थे। मंगलवार शाम देवेंद्र दिल्ली से अपने घर के लिए रोडवेज बस से उझानी का टिकट लेकर बैठा। गुन्नौर तक वह ठीक था। उसने मोबाइल पर अपनी मां कमलेश से बात भी की थी। इसके बाद उसका फोन नहीं उठा। सुबह उझानी पुलिस ने कमलेश को फोन करके सूचना दी कि उनका बेटा बरी बाईपास पर नशे की हालत में पड़ा है। कमलेश और उनके परिवार के लोग पहुंचे और देवेंद्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस घटनाक्रम से परिवार की होली की खुशियां काफूर हो गईं। जिला अस्पताल में थोड़ा सा होश आने पर देवेंद्र ने बताया कि उसके पास मौजूद दो हजार रुपये, एटीएम व आधार कार्ड उड़ा लिया गया। देवेंद्र के मुताबिक उसके पास बैठे दो लोग बुलंदशहर से ही उसे कभी कोल्ड ड्रिंक तो कभी समोसा खिलाने की कोशिश कर रहे थे। उसने मना कर दिया। गुन्नौर के बाद पता नहीं उन्होंने क्या किया कि उसकी पलकें झपकती चली गईं। इसके बाद उसे होश न रहा। गनीमत यह रही कि जहरखुरानों ने उसका मोबाइल नहीं लूटा, जिससे समय रहते उसके परिवार को पता चल गया। वरना तो रोडवेज वाले उसे अंधेरे में एक कोने में उतारकर चले गए थे।
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जहरखुरानी गिरोह की सक्रियता बढ़ी
यूं तो दिल्ली से आने वाली रोडवेज बसों में जहरखुरानी गिरोह की सक्रियता साल भर रहती है पर होली दिवाली जैसे त्योहार पर यह ज्यादा ही आक्रामक हो जाते हैं। दिल्ली की कंपनियों में काम करने वाले और छोटे व्यवसाय चलाने वाले जिले के हजारों लोग जब त्योहार मनाने घर लौटते हैं तो जहरखुरान उन्हें किसी न किसी तरह अपना शिकार बना ही लेते हैं। बदायूं डिपो के अलावा दिल्ली रूट पर चलने वाली दूसरे डिपो की बसों में भी गिरोह की सक्रियता बराबर रहती है। कुछ बस चालक मानवीय संवेदना दिखाते हुए नशे के शिकार यात्रियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराते हैं तो कुछ उन्हें अंधेरे में सड़क किनारे छोड़कर कागजी झंझट से पीछा छुड़ाने की कोशिश में रहते हैं, भले ही किसी मुसाफिर की जान पर क्यों न बन जाए। बदायूं डिपो के एआरएम राजेश कुमार बताते हैं कि उन्होंने स्टाफ को संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर निगाह रखने और नशे के शिकार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने के निर्देश दे रखे हैं। बस स्टैंड और बसों पर भी चेतावनी लिख रखी है कि किसी अंजान शख्स का दिया हुआ कुछ न खाएं पिएं। फिर भी अज्ञानता में लोग इस गिरोह का शिकार हो जाते हैं।
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लड़कियां भी शामिल हैं गैंग में
जहरखुरानी गिरोह के शिकार यात्रियों से पूछताछ में साफ हुआ है कि सुंदर लड़कियां भी इस गैंग की मददगार हैं। अक्सर गिरोह के सदस्य दिल्ली आनंद विहार से आम मुसाफिरों की तरह ही टिकट लेकर बस में बैठते हैं। वह बस में घुसते ही अपने शिकार को चिह्नित कर लेते हैं। भोले-भाले यात्रियों से बातचीत में मेल बढ़ाते हैं। कभी उनका दिया हुआ खुद खा लेते हैं तो कभी उन्हें कुछ खिलाकर नशा दे देते हैं। इसके बाद इत्मीनान ने उनका माल लूटकर किसी अगले स्टापेज पर उतर जाते हैं। जब बस रुकती है तो स्टाफ को अहसास होता है कि कोई यात्री गिरोह का शिकार हो गया है।
जहरखुरानी गिरोह की सक्रियता दिल्ली दिशा के दूसरे जिलों में ज्यादा है। यह अलग बात है कि बदायूं के लोग उधर से आते हुए इनका शिकार हो जाते हैं। पुलिस को बसों में संदिग्ध लोगों की चेकिंग का निर्देश दिया गया है। गिरोह को ट्रेस कराने का प्रयास करेंगे।
- चंद्रप्रकाश, एसएसपी