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Budaun News: जानलेवा हमले में घायल युवक की मौत, तीन घंटे शव रखकर परिजनों ने किया हंगामा
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युवक योगेश की मौत के बाद हंगामा करते परिजनों से बात करते थाना प्रभारी। संवाद
जरीफनगर। धर्मपुर टप्पा वैस गांव में 16 जून को हुए जानलेवा हमले में घायल योगेश की शनिवार को मौत हो गई। रविवार को शव गांव में पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया।
गुस्साए परिजनों ने शव गांव के बीच में रखकर करीब तीन घंटे तक हंगामा किया। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पुलिस अधिकारियों के कार्रवाई का भरोसा देने और केस में धाराएं बढ़ाने के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
योगेश के परिजनों का कहना था कि हमले के बाद उनका बेटा करीब तीन माह तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह शव गांव पहुंचने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों को केवल जेल भेजकर कार्रवाई पूरी कर दी है, जबकि वह उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहते हैं।
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योगेश के पिता ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक बाबूराम गौतम पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया। अंतिम संस्कार नहीं होने की सूचना पर गांव में भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज है। दो आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। युवक की मौत के बाद मामले में धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। दोपहर बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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गुस्साए परिजनों ने शव गांव के बीच में रखकर करीब तीन घंटे तक हंगामा किया। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। पुलिस अधिकारियों के कार्रवाई का भरोसा देने और केस में धाराएं बढ़ाने के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।
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योगेश के परिजनों का कहना था कि हमले के बाद उनका बेटा करीब तीन माह तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। रविवार सुबह शव गांव पहुंचने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपियों को केवल जेल भेजकर कार्रवाई पूरी कर दी है, जबकि वह उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहते हैं।
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योगेश के पिता ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। हंगामे की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक बाबूराम गौतम पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाया। अंतिम संस्कार नहीं होने की सूचना पर गांव में भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
सीओ सहसवान अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज है। दो आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। युवक की मौत के बाद मामले में धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। दोपहर बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।