बदायूं में बुखार का कहर: दहगवां में युवक की मौत, सकरीजंगल गांव में सात लोगों की जा चुकी है जान
बदायूं में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा। उझानी के सकरीजंगल गांव के बाद अब दहगवां निवासी युवक की मौत हो गई। अजमेर से लौटा युवक बुखार से पीड़ित था। परिजन बरेली के अस्पताल में उसका उपचार करा रहे थे, जहां उसने दम तोड़ दिया।
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बदायूं के दहगवां में बुखार पीड़ित युवक की मौत हो गई। हालत नहीं सुधरने पर परिजन उसे बरेली ले गए थे, जहां सोमवार को उसने दम तोड़ दिया। इधर उझानी इलाके में भी बुखार का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कई लोग बीमार हैं। घर-घर चारपाई बिछी हुई है।
दहगवां नगर पंचायत निवासी अशरफ (38) पिछले दिनों अजमेर गया था। बृहस्पतिवार को वापस आने के बाद उसको बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया। परिजनों ने उसे निजी डॉक्टरों को दिखाया लेकिन उनकी हालत में सुधान नहीं हुआ। रविवार को अशरफ की हालत ज्यादा खराब होने लगी, जिसके बाद परिजन उनको बिल्सी ले गए। यहां से परिजन पहले उन्हें बदायूं और फिर बरेली ले गए। बरेली में सोमवार को इलाज के दौरान अशरफ ने दम तोड़ दिया।
सकरीजंगल में अब तक सात की मौत
उझानी ब्लॉक क्षेत्र के गांव सकरीजंगल में बुखार पीड़ित सात लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे पहले बुजुर्ग हसीना बेगम और किशोरी दिलवरी ने दम तोड़ दिया था। इसके बाद गांव के ही के सुलेमान, छात्र वीरेश पाल, निशा पत्नी सादिक, रूखसाना पत्नी भूरे बख्श और अफजाल की मौत हो गई। अफजाल की मौत दिल्ली में हुई थी। वह करीब दो महीना से दिल्ली में ही रह रहा था।
प्रधान के पति मोहम्मद रिजवान ने बताया कि आठ दिनों के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम करीब तीन सौ मरीजों का ब्लड सैंपल लेकर जांच को भेज चुकी है। रिपोर्ट में डेंगू या फिर मलेरिया की पुष्टि हुई भी या नहीं, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी को कुछ नहीं बताया गया है।
कैंप लगाकर की गई जांच
सोमवार को चिकित्साधिकारी सर्वेश कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने सकरीजंगल में कैंप लगाया। कैंप में कई मरीज पहुंचे। सभी बुखार से पीड़ित थे। आठ मरीजों का ब्लड सैंपल भी लिया गया। इसके बाद चिकित्साधिकारी ने एक दर्जन से अधिक घरों में जाकर उन मरीजों को भी देखा, जिन्हें तीन दिन पहले बुखार की दवाएं मुहैया कराई गई थीं।
चिकित्साधीक्षक राजकुमार गंगवार ने बताया कि बुखार के मरीजों की संख्या में कमी तो आई है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। इसके विपरीत गांव के करीब 40 मरीज बाहर निजी अस्पतालों में इलाज करवा रहे हैं। बता दें कि गांव में सीएमओ प्रदीप कुमार और बरेली की टीम भी हकीकत पर गौर कर चुकी है।
ककराला और बिलहरी में भी बुखार के मरीज
ककराला और क्षेत्र के आसपास गांवों में बुखार फैल रहा है। निजी चिकित्सकों के यहां बुखार के मरीजों की लाइन लगी हुई है। इधर म्याऊं के बिलहरी गांव में डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पूरे गांव में दवा का छिड़काव कराया गया साफ-सफाई के ताल्लुक से जागरूकता फैलाई गई।
सफाई कर्मियों और वॉलिंटियर्स ने पूरे गांव में सफाई की। मॉडल विलेज ट्रस्ट, ह्यूमन वेलफेयर फाउंडेशन और विजन 2026 के तत्वावधान में अभियान चलाकर गांव में सफाई कर लोगों को जागरूक भी किया गया। इस मौके पर कोऑर्डिनेटर नजीरुल हसन, पूर्व प्रधान साकिब हुसैन फलाई, कुतुब और उनकी पूरी टीम ने सहयोग दिया।