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कार्रवाई का भरोसा पाकर हटे भाकियू के कार्यकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो/ उझानी
Updated Mon, 03 Apr 2017 11:04 PM IST
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भाकियू
- फोटो : अमर उजाला
कार्रवाई का भरोसा पाकर
हटे भाकियू के कार्यकर्ता
-बिहार हरचंद्र गांव के संपर्क मार्ग के जीर्णोद्धार का मामला
-अस्पताल परिसर में 13 दिन से चल रहा था धरना
गांव बिहार हरचंद को बाइपास से जोड़ने के लिए चल रहे सड़क के जीर्णोद्धार के दौरान खेतों से मिट्टी उठाए जाने के विरोध में 13 दिन पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चल रहा भारतीय किसान यूनियन का बेमियादी धरना सोमवार को कार्रवाई के आश्वासन पर खत्म हो गया। धरनास्थल पर पहुंचे तहसीलदार सदर राजेंद्र प्रसाद ने प्रदर्शनकारियों से बात कर उनकी मांगों पर गौर किया। उन्हें भरोसा दिलाया कि किसानों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
यूनियन के नेताओं में भागमल चौधरी, गंगा सिंह शाक्य और चंद्रमोहन वर्मा ने तहसीलदार के सामने किसानों की दिक्कत बयां की। बताया कि सड़क के जीर्णोद्धार से उन्हें कोई गुरेज नहीं है लेकिन पीडब्ल्यूडी के अफसरों की शह पर ठेकेदार ने खेती में खड़ी फसल में गहरे गड्ढे खोदकर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। अफसरों ने गौर नहीं किया तो आंदोलन के तहत धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा। धरना 13 दिन पहले शुरू हुआ था। नेताओं ने तहसीलदार के सामने गड्ढे गहरे रखने की बजाय चौढ़ाई में खोदे जाने का भी सुझाव रखा। यूनियन के नेताओं को तहसीलदार ने भरोसा दिलाया कि सबकुछ नियमानुसार होगा। सड़क के जीर्णोद्धार के दौरान किसी भी किसान को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। वार्ता के दौरान यूनियन के नेताओं ने उन्हें ज्ञापन देकर धरनास्थल से उठने का ऐलान कर दिया। वार्ता के दौरान शाकिर अंसारी, रामकुमार शर्मा, कृष्णऔतार, आसिम उमर, दुर्वेंद्र चौहान, मटरूलाल, प्रेमवती, श्रीराम, हरीओम, संजय बाबा और राधाकृष्ण यादव आदि मौजूद थे।
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हटे भाकियू के कार्यकर्ता
-बिहार हरचंद्र गांव के संपर्क मार्ग के जीर्णोद्धार का मामला
-अस्पताल परिसर में 13 दिन से चल रहा था धरना
गांव बिहार हरचंद को बाइपास से जोड़ने के लिए चल रहे सड़क के जीर्णोद्धार के दौरान खेतों से मिट्टी उठाए जाने के विरोध में 13 दिन पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चल रहा भारतीय किसान यूनियन का बेमियादी धरना सोमवार को कार्रवाई के आश्वासन पर खत्म हो गया। धरनास्थल पर पहुंचे तहसीलदार सदर राजेंद्र प्रसाद ने प्रदर्शनकारियों से बात कर उनकी मांगों पर गौर किया। उन्हें भरोसा दिलाया कि किसानों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
यूनियन के नेताओं में भागमल चौधरी, गंगा सिंह शाक्य और चंद्रमोहन वर्मा ने तहसीलदार के सामने किसानों की दिक्कत बयां की। बताया कि सड़क के जीर्णोद्धार से उन्हें कोई गुरेज नहीं है लेकिन पीडब्ल्यूडी के अफसरों की शह पर ठेकेदार ने खेती में खड़ी फसल में गहरे गड्ढे खोदकर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। अफसरों ने गौर नहीं किया तो आंदोलन के तहत धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा। धरना 13 दिन पहले शुरू हुआ था। नेताओं ने तहसीलदार के सामने गड्ढे गहरे रखने की बजाय चौढ़ाई में खोदे जाने का भी सुझाव रखा। यूनियन के नेताओं को तहसीलदार ने भरोसा दिलाया कि सबकुछ नियमानुसार होगा। सड़क के जीर्णोद्धार के दौरान किसी भी किसान को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। वार्ता के दौरान यूनियन के नेताओं ने उन्हें ज्ञापन देकर धरनास्थल से उठने का ऐलान कर दिया। वार्ता के दौरान शाकिर अंसारी, रामकुमार शर्मा, कृष्णऔतार, आसिम उमर, दुर्वेंद्र चौहान, मटरूलाल, प्रेमवती, श्रीराम, हरीओम, संजय बाबा और राधाकृष्ण यादव आदि मौजूद थे।
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