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पक्के पल्लेदारों की हड़ताल पर आढ़तियों ने बढ़ाया मेहनताना
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Thu, 22 Oct 2015 07:42 PM IST
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बृहस्पतिवार को हड़ताल की वजह से मंडी में लोडिंग प्रभावित
पक्के पल्लेदारों की हड़ताल की शुरूआत सुबह में हुई। 50 किलो के कट्टा के रेट में दो रुपये की वृद्धि, बोरी एक रुपया और डाला प्रति क्विंटल तीन रुपया बढ़ाए जाने की मांग करते हुए मंडी में ही पक्के पल्लेदारों ने बैठक की। उन्होंने तय कर लिया कि आढ़ती जब तक उनकी मांगों पर गौर नहीं करते तब तक काम पर नहीं लौटेंगे। हड़ताल के ऐलान के साथ धरना पर बैठे पल्लेदारों से प्रमुख आढ़तियों ने वार्ता कर उन्हें समझाने का भी प्रयास किया लेकिन दोपहर तक बात नहीं बनी। काफी देर तक अफरातफरी का भी माहौल बना रहा।
अपराह्न में आढ़तियों समेत उनके प्रतिनिधियों की ठेकेदारों के बीच दूसरे दौर की वार्ता में इस आश्वासन पर सहमति का माहौल बन गया कि कट्टा और बोरी समेत डाला के रेट में उनकी मांग से कुछ कम रेट की वृद्धि कर दी जाए। डाला का रेट 12 रुपया प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 15 रुपये कर दिया गया। लदाई में 25 पैसा और बोरी-कट्टे में एक से डेढ़ रुपया की वृद्धि कर दी गई है। इसी के साथ पक्के पल्लेदार काम पर लौट आए। रेट वृद्धि के साथ ही पक्के पल्लेदार काम पर लौट आए। इससे पहले मांगों को लेकर प्रदर्शन में ठेकेदार इमत्याज अहमद, ओमकार, दूल्हे, जागन, छोटे, चंद्रपाल, सौदान, नरेश, हरीशचंद्र, महेंद्र और रामचंद्र आदि ने समेत पल्लेदार शामिल थे।
13 ठेकेदारों के साथ डेढ़ सौ पल्लेदार
उझानी। मंडी समिति में पक्के पल्लेदारों की संख्या डेढ़ सौ से अधिक है। ये सभी पल्लेदार अलग-अलग ठेकेदारों के अधीन काम करते हैं लेकिन पल्लेदारों की समस्याओं समेत उनके हक की आवाज उठाने के लिए पहले भी सभी ठेकेदार एक प्लेटफार्म पर नजर आते रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। ठेकेदारों ने हड़ताल के दौरान अपने साथ ही रखा।
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पक्के पल्लेदारों की हड़ताल की शुरूआत सुबह में हुई। 50 किलो के कट्टा के रेट में दो रुपये की वृद्धि, बोरी एक रुपया और डाला प्रति क्विंटल तीन रुपया बढ़ाए जाने की मांग करते हुए मंडी में ही पक्के पल्लेदारों ने बैठक की। उन्होंने तय कर लिया कि आढ़ती जब तक उनकी मांगों पर गौर नहीं करते तब तक काम पर नहीं लौटेंगे। हड़ताल के ऐलान के साथ धरना पर बैठे पल्लेदारों से प्रमुख आढ़तियों ने वार्ता कर उन्हें समझाने का भी प्रयास किया लेकिन दोपहर तक बात नहीं बनी। काफी देर तक अफरातफरी का भी माहौल बना रहा।
अपराह्न में आढ़तियों समेत उनके प्रतिनिधियों की ठेकेदारों के बीच दूसरे दौर की वार्ता में इस आश्वासन पर सहमति का माहौल बन गया कि कट्टा और बोरी समेत डाला के रेट में उनकी मांग से कुछ कम रेट की वृद्धि कर दी जाए। डाला का रेट 12 रुपया प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 15 रुपये कर दिया गया। लदाई में 25 पैसा और बोरी-कट्टे में एक से डेढ़ रुपया की वृद्धि कर दी गई है। इसी के साथ पक्के पल्लेदार काम पर लौट आए। रेट वृद्धि के साथ ही पक्के पल्लेदार काम पर लौट आए। इससे पहले मांगों को लेकर प्रदर्शन में ठेकेदार इमत्याज अहमद, ओमकार, दूल्हे, जागन, छोटे, चंद्रपाल, सौदान, नरेश, हरीशचंद्र, महेंद्र और रामचंद्र आदि ने समेत पल्लेदार शामिल थे।
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13 ठेकेदारों के साथ डेढ़ सौ पल्लेदार
उझानी। मंडी समिति में पक्के पल्लेदारों की संख्या डेढ़ सौ से अधिक है। ये सभी पल्लेदार अलग-अलग ठेकेदारों के अधीन काम करते हैं लेकिन पल्लेदारों की समस्याओं समेत उनके हक की आवाज उठाने के लिए पहले भी सभी ठेकेदार एक प्लेटफार्म पर नजर आते रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। ठेकेदारों ने हड़ताल के दौरान अपने साथ ही रखा।
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