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रोजगार को अनुदान नहीं मिलने पर फूटा महिलाओं का गुस्सा, पालिका कार्यालय घेरा
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उझानी पालिका कार्यालय में प्रदर्शन करतीं वाल्मीकि महिलाएं।
- फोटो : BADAUN
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उझानी (बदायूं)। स्वच्छकार विमुक्ति योजना में चयनित महिलाओं का सब्र आखिर जवाब दे गया। अनुदान न मिलने से परेशान महिलाओं ने शनिवार को उझानी नगर पालिका कार्यालय का घेराव किया। ईओ से मिलकर अपनी समस्याएं रखीं। ईओ डीके राय ने अनुदान राशि जल्द दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद महिलाएं शांत होकर लौट गईं।
बहादुरगंज और बाजारकलां मोहल्ले की कुछ महिलाएं शनिवार दोपहर नगर पालिका पहुंचीं और ईओ कार्यालय घेरकर बैठ गईं। महिलाओं ने बताया कि करीब दो साल पहले उनके नाम स्वच्छकार विमुुक्ति योजना में चिह्नित किए गए थे। सूची में नाम शामिल होने के बाद उन्होंने घरों से मैला उठाने का काम बंद कर दिया था। इसकी जानकारी नगर पालिका के अफसरों को भी है। मगर उन्हें अनुदान मुहैया कराने के लिए किसी ने कोशिश नहीं की। विरोध जताने के बाद महिलाएं ईओं से मिलीं और अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने नगर पालिका में सफाई का काम दिलाने की मांग की।
बता दें कि स्वच्छकार विमुक्ति योजना के तहत चयनित महिला को दो किश्तों में 80 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए जाते हैं। इस योजना के तहत उझानी कस्बे की 178 महिलाओं का चयन किया गया है। ईओ ने बताया कि इन महिलाओं की सूची अनुसूचित जाति जनजाति वित्त विकास निगम को भेजी जा चुकी है। निगम से मंजूरी मिलने के बाद धनराशि अवमुक्त हो जाएगी। नगर पालिका पहुंचीं महिलाओं में शकुंतला, विमला, मंजू, राधा, सुनीता, गीता, तारावती, सीमा, मीना और सविता आदि शामिल रहीं।
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राज्य सफाई कर्मचारी आयोग से भी लगा चुकी हैं गुहार
स्वच्छकार विमुक्ति योजना के तहत चिह्नित महिलाओं ने अनुदान की राशि मुहैया कराने के लिए दो महीना पहले यहां आए राज्य सफाई कर्मचारी आयोग सदस्य के सामने मामला उठाया था। उन्हें आयोग के सदस्य की ओर से आश्वासन भी दिया गया था।
इन महिलाओं की दिक्कत जायज है। सूची तो काफी पहले ही भेजी जा चुकी है। अनुसूचित जाति जनजाति वित्त निगम के स्तर से ही कार्यवाही होनी है। पालिका के स्तर से कहीं पर भी ढिलाई नहीं की गई है।
- डॉ. डीके राय, ईओ।
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बहादुरगंज और बाजारकलां मोहल्ले की कुछ महिलाएं शनिवार दोपहर नगर पालिका पहुंचीं और ईओ कार्यालय घेरकर बैठ गईं। महिलाओं ने बताया कि करीब दो साल पहले उनके नाम स्वच्छकार विमुुक्ति योजना में चिह्नित किए गए थे। सूची में नाम शामिल होने के बाद उन्होंने घरों से मैला उठाने का काम बंद कर दिया था। इसकी जानकारी नगर पालिका के अफसरों को भी है। मगर उन्हें अनुदान मुहैया कराने के लिए किसी ने कोशिश नहीं की। विरोध जताने के बाद महिलाएं ईओं से मिलीं और अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने नगर पालिका में सफाई का काम दिलाने की मांग की।
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बता दें कि स्वच्छकार विमुक्ति योजना के तहत चयनित महिला को दो किश्तों में 80 हजार रुपये अनुदान के रूप में दिए जाते हैं। इस योजना के तहत उझानी कस्बे की 178 महिलाओं का चयन किया गया है। ईओ ने बताया कि इन महिलाओं की सूची अनुसूचित जाति जनजाति वित्त विकास निगम को भेजी जा चुकी है। निगम से मंजूरी मिलने के बाद धनराशि अवमुक्त हो जाएगी। नगर पालिका पहुंचीं महिलाओं में शकुंतला, विमला, मंजू, राधा, सुनीता, गीता, तारावती, सीमा, मीना और सविता आदि शामिल रहीं।
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राज्य सफाई कर्मचारी आयोग से भी लगा चुकी हैं गुहार
स्वच्छकार विमुक्ति योजना के तहत चिह्नित महिलाओं ने अनुदान की राशि मुहैया कराने के लिए दो महीना पहले यहां आए राज्य सफाई कर्मचारी आयोग सदस्य के सामने मामला उठाया था। उन्हें आयोग के सदस्य की ओर से आश्वासन भी दिया गया था।
इन महिलाओं की दिक्कत जायज है। सूची तो काफी पहले ही भेजी जा चुकी है। अनुसूचित जाति जनजाति वित्त निगम के स्तर से ही कार्यवाही होनी है। पालिका के स्तर से कहीं पर भी ढिलाई नहीं की गई है।
- डॉ. डीके राय, ईओ।