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जेठ की ढाल बनी लज्जावती तो दोनों भाइयों ने खेला खूनी खेल

Thu, 13 Oct 2022 01:19 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2022 01:19 AM IST
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When brother-in-law became the shield of shame, both brothers played a bloody game
शेखूपुरा गांव में घटनास्थल पर जानकारी लेते एसएसपी डॉ. ओपी सिंह और एसपी देहात सिद्घार्थ वर्मा। सं? - फोटो : BADAUN
बदायूं/दहगवां। शेखूपुरा गांव में दो भाइयों ने अपने छोटे भाई की पत्नी और साली की कुल्हाड़ी से काटकर इसलिए हत्या कर दी कि उनका बड़ा भाई उन्हें अपनी कमाई खिला रहा था। वह बड़े भाई को धमकी दे चुके थे कि या तो वह अपनी कमाई उन्हें दे या फिर वह दो-चार को मारकर ही जेल जाएंगे। लज्जावती अपने जेठ को बचाना चाहती थी। इसलिए उसने जेठ को घर से बाहर भगा दिया था। हत्यारोपी अपने बड़े भाई को तो नहीं तलाश पाए, लेकिन उन्होंने लज्जावती और उसकी सात साल की बहन की हत्या कर दी।
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शेखूपुरा निवासी कमल सिंह पांच भाइयों में सबसे छोटा है। सबसे बड़ा रमेश है। उसकी शादी नहीं हुई है। उससे छोटा देशराज उर्फ जंडैल, उससे छोटा बहोरी और उससे छोटा भगवती है। पांचों भाई अलग-अलग रहते हैं। बड़े भाई रमेश ने बताया कि वह मजदूरी करके रुपये कमाता है। वह पहले देशराज और बहोरी के साथ साझे में रहता था, लेकिन उनकी पत्नियां कभी खाना देतीं तो कभी नहीं देतीं थीं। इससे रमेश उनसे हमेशा के लिए अलग रहने लगा।
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दो साल पहले कमल की शादी हुई तो उसकी पत्नी लज्जावती खाना बनाकर देने लगी थी। देशराज और बहोरी शराब पीने के आदी हैं। वह चाहते थे कि रमेश अपनी कमाई लाकर उन्हें दे, लेकिन रमेश उनकी बातों में नहीं आ रहा था। मंगलवार रात जब दोनों आरोपी भाई देशराज और बहोरी अपने घर में हंगामा कर रहे थे, तभी उन्होंने एलान किया था कि वह आज रमेश को ठिकाने लगाकर ही रहेंगे।
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वे उसे खोजते हुए कमल सिंह के घर पहुंचे थे, लेकिन उससे पहले लज्जावती ने रमेश को अपने घर से भगा दिया था। लज्जावती को आशंका थी कि दोनों आरोपी रमेश को मार सकते हैं, पर उससे नहीं बोलेंगे, लेकिन दोनों हत्यारोपियों के सिर पर खून सवार था। उन्होंने लज्जावती और उसकी छोटी बहन मंजू की ही हत्या कर दी।
शाम को पत्नियों के साथ की थी मारपीट, पुलिस ले गई थी थाने
हत्यारोपी देशराज उर्फ जंडैल और बहोरी ने मंगलवार शाम शराब पीकर अपनी-अपनी पत्नियों के साथ मारपीट की थी। उनकी पत्नियों ने थाने जाकर दोनों की शिकायत कर दी। इस पर पुलिस दोनों को उठा ले गई, लेकिन देर शाम उनकी पत्नियों ने थाने आकर उन्हें छुड़ा लिया। रात दस बजे दोनों ने फिर से हंगामा कर दिया। पत्नियों के साथ मारपीट की। इससे दोनों घर से चली गईं।
पड़ोसियों को शक था, लज्जावती की कर सकते हैं हत्या
दोनों हत्यारोपी मंगलवार शाम से ही उत्पात मचा रहे थे। इससे पड़ोसियों को आशंका होने लगी था कि आज यह कोई बड़ी घटना अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने लज्जावती से अपने घर चलकर सोने को भी कहा था, लेकिन लज्जावती इसके लिए तैयार नहीं हुई। उसने अपने घर में ही सोना उचित समझा।
दो दिन पहले कमल ने की थी लज्जावती से बात
कमल सिंह राजस्थान के झुंझुनू जिले में झाडोला गांव में मजदूरी कर रहा था। उसके पास एक ही मोबाइल था। इसलिए वह अपना मोबाइल लज्जावती को दे गया था। उसने 10 अक्तूबर को आखिरी बार लज्जावती से बात की थी। लज्जावती ने आए दिन होने वाले विवाद की सूचना कमल को दी तो वह परेशान हो गया। वह मंगलवार को बिना बात किए घर आ रहा था। सुबह जब घर पहुंचा तो उसे पत्नी व साली की हत्या का पता चला।
दोनों आरोप और कमल सिंह की एक ही गांव में ससुराल
हत्यारोपी देशराज और बहोरी को दो सगी बहनें ब्याही हैं। उनकी ससुराल संभल जिले के बहजोई थाना क्षेत्र के गांव मोहकमपुर में है। देशराज की पत्नी जगवती और बहोरी की पत्नी रामवती है। इसी गांव मोहकमपुर में कमल सिंह की भी ससुराल है। इसमें लज्जावती का परिवार अलग है।
लज्जावती की कोख में पल रही थी बेटी
बदायूं। लज्जावती सात माह की गर्भवती थी। बुधवार को जब उसके शव का दो डॉक्टरों के पैनल में पोस्टमार्टम कराया गया तो पता चला कि उसकी कोख में बेटी पल रही थी। हत्यारोपियों ने उसकी सांसें उसके जन्म लेने से पहले ही छीन लीं। लज्जावती के गर्भवती होने पर भी उन्हें तरस नहीं आया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों बहनों की सिर में गंभीर चोट लगने से मौत होना पाया गया है। लज्जावती गांव में ही महिलाओं के कपड़े सिलकर अपना परिवार चला रही थी। पति की मजदूरी और इससे उसके परिवार का गुजारा चल रहा था।

पांच भाइयों के नाम छह बीघा जमीन रखी है गिरवी
कमल सिंह के पांचों भाइयों के नाम छह बीघा जमीन है। कमल सिंह ने बताया कि कुछ साल पहले उनके पिता हुलासी जमीन डेढ़ लाख रुपये में गिरवी रख गए थे। उनके पास इतना पैसा नहीं था कि वह जमीन छुड़ा सकें। देशराज और बहोरी उनका कोई सहयोग नहीं कर रहे थे। उल्टा रमेश पर रुपये देने का दबाव बना रहे थे। इससे वह मजदूरी पर निर्भर हो गए। वह अपनी जमीन नहीं छुड़ा सके।

इसी झोंपड़ी में चारपाई पर सो रहीं थीं दोनों बहनें। संवाद

इसी झोंपड़ी में चारपाई पर सो रहीं थीं दोनों बहनें। संवाद- फोटो : BADAUN

शेखूपुरा गांव में विलाप करते लज्जावती के परिवार वाले। संवाद

शेखूपुरा गांव में विलाप करते लज्जावती के परिवार वाले। संवाद- फोटो : BADAUN

शेखूपुरा गांव में खड़ी फोरेंसिक टीम की गाड़ी। संवाद

शेखूपुरा गांव में खड़ी फोरेंसिक टीम की गाड़ी। संवाद- फोटो : BADAUN

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