{"_id":"6abc1babc1ed0064500c742b","slug":"water-levels-in-the-ramganga-rising-rapidly-panic-in-nearby-villages-badaun-news-c-123-1-bdn1010-174314-2026-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: रामगंगा में तेजी से बढ़ रहा पानी, आसपास के गांवों में खलबली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: रामगंगा में तेजी से बढ़ रहा पानी, आसपास के गांवों में खलबली
विज्ञापन
दातागंज क्षेत्र में रामगंगा में पानी बढ़ा। संवाद
दातागंज। रामगंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी होने पर आसपास के गांवों में खलबली मची हुई है। सर्वाधिक संवेदनशील गांव सकतपुर पर एहतियातन प्रशासन ने दो मोटर बोट लगा दी हैं। यहां दो नाव पहले से ही चल रही हैं। हजरतपुर और नगरिया खनू से गढ़िया रंगीन जाने वाले दोनों मार्गों पर भी नाव के अतिरिक्त मोटरबोट लगाई गई हैं।
सोमवार को रामगंगा के जलस्तर की बढ़ोतरी रुकी हुई थी, लेकिन मंगलवार सुबह से जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। हजरतपुर-गढ़िया रंगीन मार्ग पर हररामपुर गांव के निकट जलभराव की लंबाई लगभग 100 मीटर बढ़ गई है। इसी मार्ग पर शेरपुर गांव के निकट भी जलभराव तेजी से बढ़ रहा है। यही स्थिति नगरिया खनू-गढ़िया रंगीन मार्ग की है।
अति आवश्यक कार्य होने पर ही लोग इन मार्गों से गुजर रहे हैं। सकतपुर गांव के अलावा कटकोरा और देवरनिया गांव भी पानी से चारों तरफ से घिरे हुए हैं। लालपुर खादर, पूरण भेणा, सिमरिया, मौसमपुर, पुरानी जरतौली, मौजमपुर कुंडरा मजरा और इसके 6 मजरे, शेरपुर नवादा, बदन गढ़िया, पैगंबरपुर, हररामपुर आदि बीस से अधिक गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूटा हुआ है।
विज्ञापन
सामान्यतः रामगंगा पार के लोग दातागंज की तरफ से संपर्क कटने पर गढ़िया रंगीन वाले मार्ग से आते-जाते हैं, लेकिन दो दिनों से जलभराव की वजह से यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। हरे नगला-गढ़िया शाहपुर मार्ग पर अरिल नदी पर बने रपटा पुल के ऊपर करीब 5 फुट पानी बह रहा है। तेज प्रवाह की वजह से यहां नाव चलाना भी मुश्किल है।
इसी तरह बक्सेना गांव वाले रपटा पुल के ऊपर इतना पानी आ गया है कि पुल की कोई निशानी भी नजर नहीं आ रही है। यह पुल पार करने का मतलब जान जोखिम में डालना है।
एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सख्त निगरानी कराई जा रही है। बाढ़ पीड़ितों के लिए हजरतपुर गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ राहत शिविर बनाया गया है। आपात स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को यहां रुकने और भोजन आदि की व्यवस्था रहेगी।
विज्ञापन
सोमवार को रामगंगा के जलस्तर की बढ़ोतरी रुकी हुई थी, लेकिन मंगलवार सुबह से जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। हजरतपुर-गढ़िया रंगीन मार्ग पर हररामपुर गांव के निकट जलभराव की लंबाई लगभग 100 मीटर बढ़ गई है। इसी मार्ग पर शेरपुर गांव के निकट भी जलभराव तेजी से बढ़ रहा है। यही स्थिति नगरिया खनू-गढ़िया रंगीन मार्ग की है।
विज्ञापन
अति आवश्यक कार्य होने पर ही लोग इन मार्गों से गुजर रहे हैं। सकतपुर गांव के अलावा कटकोरा और देवरनिया गांव भी पानी से चारों तरफ से घिरे हुए हैं। लालपुर खादर, पूरण भेणा, सिमरिया, मौसमपुर, पुरानी जरतौली, मौजमपुर कुंडरा मजरा और इसके 6 मजरे, शेरपुर नवादा, बदन गढ़िया, पैगंबरपुर, हररामपुर आदि बीस से अधिक गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूटा हुआ है।
विज्ञापन
सामान्यतः रामगंगा पार के लोग दातागंज की तरफ से संपर्क कटने पर गढ़िया रंगीन वाले मार्ग से आते-जाते हैं, लेकिन दो दिनों से जलभराव की वजह से यह मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। हरे नगला-गढ़िया शाहपुर मार्ग पर अरिल नदी पर बने रपटा पुल के ऊपर करीब 5 फुट पानी बह रहा है। तेज प्रवाह की वजह से यहां नाव चलाना भी मुश्किल है।
इसी तरह बक्सेना गांव वाले रपटा पुल के ऊपर इतना पानी आ गया है कि पुल की कोई निशानी भी नजर नहीं आ रही है। यह पुल पार करने का मतलब जान जोखिम में डालना है।
एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सख्त निगरानी कराई जा रही है। बाढ़ पीड़ितों के लिए हजरतपुर गांव में उच्च प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ राहत शिविर बनाया गया है। आपात स्थिति में बाढ़ पीड़ितों को यहां रुकने और भोजन आदि की व्यवस्था रहेगी।