फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Vehicles running on risky bridge to save distance

Budaun News: दूरी बचाने के चक्कर में जोखिम भरे पुल पर दौड़ रहे वाहन

Sat, 07 Dec 2024 01:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 07 Dec 2024 01:14 AM IST
विज्ञापन
Vehicles running on risky bridge to save distance
बिसौली क्षेत्र के सोत नदी के पुल से डिवाइडर हटाकर गुजरते बाइक सवार। संवाद
बिसौली। दूरी बचाने के चक्कर में जोखिम भरे पुल पर वाहन दौड़ रहे हैं। सोत नदी के पुल पर भारी वाहनों से लेकर बाइकों तक का आना-जाना प्रशासन ने प्रतिबंधित कर दिया है। दोनों ओर संकेतक बोर्ड लगाने के साथ ही रास्ता काटकर बंद कर दिया है। बावजूद इसके लोगों ने मिट्टी डालकर रास्ता बना लिया। वहां लगे डिवाइडर के पत्थर भी हटा दिए गए। चार पहिया तो नहीं, लेकिन दो पहिया चालक यहां से गुजर रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार प्रतिबंधित रास्ते से सुचारु आवागमन को लेकर अनजान हैं।
विज्ञापन


सोत नदी पर बने पुल को बृहस्पतिवार रात से यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया। अब तक इस पुल से छोटे वाहनों का आवागमन जारी था। छोटे वाहनों की आड़ में पुल से भारी वाहन भी बेरोकटोक गुजर रहे थे। हादसे की आशंका को देखते हुए एकाएक पुल को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया गया। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सड़क को खोदकर रास्ता बंद कर दिया था। डिवाइडर वाले बड़े पत्थर लगा दिए थे।
विज्ञापन

अधिकारियों की सारी कवायद लोगों ने बेकार कर दी। दो पहिया वाहन अब भी यहां से निकल रहे हैं। विभाग द्वारा खोदी गई सड़क पर पत्थर व मिट्टी डाल दी गई। वहीं, बड़े पत्थर हटाकर राहगीरों ने बाइक निकालने का रास्ता बना दिया है। शुक्रवार को यहां पुल पर दिन भर बाइक सवार दौड़ते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुल बंद करने की यह रही वजह
-बिसौली से बिल्सी, इस्लामनगर और सहसवान को जोड़ने वाले मार्ग पर रानेट चौराहे के पास पुल है। पुल 50 साल से ज्यादा पुराना हो चुका है। यह पुल शाहबाद-कछला राजमार्ग-109 से भी जुड़ा है। 14 अक्तूबर 2023 को भारी वाहनों के लिए प्रवेश बंद कर दिया गया था, लेकिन छोटे वाहनाें की आड़ में बड़े वाहन भी बेरोकटोक पुल से निकलने लगे। दातागंज हादसे के बाद शासन ने फटकार लगाई तो इस पुल की भी लोनिवि को सुध आई और रातों-रात इस पर आवागमन बंद करने का फरमान सुना दिया गया।




50 से अधिक गांवों प्रभावित
बिसौली क्षेत्र के 50 से अधिक ऐसे गांव हैं, जो पुल बंद होने पर सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। इन जगह के लोगोंं को बिसौली की जगह बिल्सी या फिर इस्लामनगर व सहसवान जाकर जरूरत का सामान खरीदना होगा। चार किलोमीटर दूर बिसौली पहुंचने में 18 से 20 किलोमीटर का फेर पड़ेगा। 20 गांव बिल्सी रोड के हैं तो 20 इस्लामनगर तथा 10 गांव सहसवान मार्ग के हैं, जो पुल बंद होने से सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।

टूटी सड़क के किनारे मिट्टी डालकर की सही



जर्जर सोत नदी के पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद हो जाने के बाद में छोटे वाहन चालकों ने साहनपुर, सुजानपुर, रानेट मार्ग से निकलना शुरू कर दिया है। इस मार्ग पर एक-दो जगहों पर सड़क टूटने लगी है। इसकी जानकारी मिलने पर अधिकारियों ने टूटी सड़क को जेसीबी की मदद से देर शाम को मिट्टी डालकर ठीक किया। ताकि लोगों को आवागमन में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो।





पुल पर आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अगर बाइक सवार पुल पर रास्ता बनाकर निकल रहे हैं तो गलत है। पुलिस प्रशासन को इससे अवगत कराया जाएगा। यह पुल अब यातायात के लिए उपयुक्त नहीं है।
- देवपाल सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed