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अंडरग्राउंड केबल: बदायूं पहुंचे पावर कॉरपोरेशन के निदेशक तकनीकी
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बदायूं। करीब एक महीने से अंडरग्राउंड बिजली केबल में भ्रष्टाचार को लेकर चल रहे विवाद और अनावश्यक बिजली कटौती की शिकायतों के बीच मंगलवार को यूपी पावर कॉरपोरेशन के निदेशक तकनीकी एसके सिंह बदायूं पहुंचे। विद्युत उपकेंद्रों का निरीक्षण करने के साथ उन्होंने शहर में अंडरग्राउंड केबल का हाल भी जाना। बाद में अधिकारियों के साथ बैठक कर जरूरी दिशानिर्देश दिए। अंडरग्राउंड केबल को लेकर वह खफा दिखे। कार्यदायी संस्था को कमियां दूर करने के निर्देश दिए।
अंडरग्राउंड बिजली केबल को लेकर आरोप नए नहीं हैं। 119 करोड़ का यह प्रोजेक्ट लाइनलॉस और बिजली चोरी रोकने के लिए लाया गया था, लेकिन लोगों की जान का दुश्मन बन गया है। पिछले दिनों मीराजी चौकी इलाके में गणित प्रवक्ता की अंडरग्राउंड केबल के तार की चपेट में आने से मौत के बाद से मुद्दा गरमाया हुआ है। इसके बाद बारिश के दौरान कई बेजुबानों की मौत भी हो चुकी है। पूर्व राज्यमंत्री भगवान सिंह के आवास के पास भी अंडरग्राउंड केबल से जमीन में करंट आने के कारण पशु की मौत हो चुकी है। अंडरग्राउंड केबल को लेकर नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता ने पावर कॉरपोरेशन के एमडी एम देवराज से शिकायत की थी। इसके बाद पिछले सप्ताह चीफ इंजीनियर संजय जैन ने शहर का निरीक्षण किया था।
अंडरग्राउंड केबल में गड़बडझाला का मामला शासन तक गरमा गया है। मंगलवार को इसके चलते निदेशक तकनीकी एसके सिंह बदायूं पहुंचे। एसई दीपक कुमार, एक्सईएन प्रथम खंड प्रवेश कुमार, एसडीओ यश भारद्वाज, नीरज गोवाड़ी के साथ उन्होंने कई स्थानों पर उपकेंद्रों का निरीक्षण करने के साथ अंडरग्राउंड केबल का काम भी देखा। खामियां मिलने पर नाराजगी जताई और दूर करने के निर्देश दिए। बाद में उन्होंने व्यापारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले में बिजली सप्लाई और कटौती पर इनपुट लिए। अधिकारियों से इनके कारणों के बारे में जाना।
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आरसीएल के अधिकारियों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
बदायूं। हाल के दिनों में अंडरग्राउंड केबल में फाल्ट के कारण सप्लाई ठप होने के साथ कई स्थानों पर पैनल और जमीन में करंट के कारण लगातार हादसों के बाद कार्यदायी संस्था राज कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। दरअसल, आरसीएल की ओर से दावा किया गया था कि अंडरग्राउंड केबल में कमियों को दूर करने के लिए करीब 2.30 करोड़ का नया सामान मंगाया गया है। यह सामान लगाया कहां गया है यह साफ नहीं हो रहा है। शहर में तमाम स्थानों पर अब भी पैनल बॉक्स खुले पड़े हैं। बारिश के दौरान फाल्ट और जमीन में करंट आने के मामले आम बात हैं। आरसीएल के सीनियर इंजीनियर देवेंद्र सिंह का कहना है कि जहां भी कमियां हैं उनको दूर किया जा रहा है।
पॉवर कारपोरेशन के निदेशक तकनीकी ने मंगलवार को बदायूं दौरा कर जिले में बिजली सप्लाई और कटौती की स्थिति पर पूरे जिले से इनपुट लिए हैं। अंडरग्राउंड केबल को लेकर भी जानकारी ली। कार्यदायी संस्था को सभी छोटी-मोटी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक ने जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों से भी जिले की बिजली व्यवस्था पर इनपुट लिए हैं। - प्रवेश कुमार, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम
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अंडरग्राउंड बिजली केबल को लेकर आरोप नए नहीं हैं। 119 करोड़ का यह प्रोजेक्ट लाइनलॉस और बिजली चोरी रोकने के लिए लाया गया था, लेकिन लोगों की जान का दुश्मन बन गया है। पिछले दिनों मीराजी चौकी इलाके में गणित प्रवक्ता की अंडरग्राउंड केबल के तार की चपेट में आने से मौत के बाद से मुद्दा गरमाया हुआ है। इसके बाद बारिश के दौरान कई बेजुबानों की मौत भी हो चुकी है। पूर्व राज्यमंत्री भगवान सिंह के आवास के पास भी अंडरग्राउंड केबल से जमीन में करंट आने के कारण पशु की मौत हो चुकी है। अंडरग्राउंड केबल को लेकर नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता ने पावर कॉरपोरेशन के एमडी एम देवराज से शिकायत की थी। इसके बाद पिछले सप्ताह चीफ इंजीनियर संजय जैन ने शहर का निरीक्षण किया था।
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अंडरग्राउंड केबल में गड़बडझाला का मामला शासन तक गरमा गया है। मंगलवार को इसके चलते निदेशक तकनीकी एसके सिंह बदायूं पहुंचे। एसई दीपक कुमार, एक्सईएन प्रथम खंड प्रवेश कुमार, एसडीओ यश भारद्वाज, नीरज गोवाड़ी के साथ उन्होंने कई स्थानों पर उपकेंद्रों का निरीक्षण करने के साथ अंडरग्राउंड केबल का काम भी देखा। खामियां मिलने पर नाराजगी जताई और दूर करने के निर्देश दिए। बाद में उन्होंने व्यापारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जिले में बिजली सप्लाई और कटौती पर इनपुट लिए। अधिकारियों से इनके कारणों के बारे में जाना।
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आरसीएल के अधिकारियों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
बदायूं। हाल के दिनों में अंडरग्राउंड केबल में फाल्ट के कारण सप्लाई ठप होने के साथ कई स्थानों पर पैनल और जमीन में करंट के कारण लगातार हादसों के बाद कार्यदायी संस्था राज कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। दरअसल, आरसीएल की ओर से दावा किया गया था कि अंडरग्राउंड केबल में कमियों को दूर करने के लिए करीब 2.30 करोड़ का नया सामान मंगाया गया है। यह सामान लगाया कहां गया है यह साफ नहीं हो रहा है। शहर में तमाम स्थानों पर अब भी पैनल बॉक्स खुले पड़े हैं। बारिश के दौरान फाल्ट और जमीन में करंट आने के मामले आम बात हैं। आरसीएल के सीनियर इंजीनियर देवेंद्र सिंह का कहना है कि जहां भी कमियां हैं उनको दूर किया जा रहा है।
पॉवर कारपोरेशन के निदेशक तकनीकी ने मंगलवार को बदायूं दौरा कर जिले में बिजली सप्लाई और कटौती की स्थिति पर पूरे जिले से इनपुट लिए हैं। अंडरग्राउंड केबल को लेकर भी जानकारी ली। कार्यदायी संस्था को सभी छोटी-मोटी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक ने जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों से भी जिले की बिजली व्यवस्था पर इनपुट लिए हैं। - प्रवेश कुमार, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड प्रथम