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Budaun News: एमआरएफ सेंटर में डाला जाएगा उझानी पालिका का कूड़ा
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उझानी। कस्बे के कूड़े से लदे वाहनों को सड़क किनारे गड्ढों में डाले जाने के विरोध के बाद पालिका के अफसरों ने वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है। कूड़ा फिलहाल कछला के एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसल्टी) सेंटर परिसर में डाला जाएगा। बुधवार शाम से कूड़ा लदे वाहन वहां पहुंचने लगे हैं।
उझानी नगर पालिका का कूड़ा करीब दो महीने से देहात क्षेत्र में सड़क किनारे गड्ढों में डाला जा रहा था। तीन दिन पहले छतुइया और अचौरा के ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए कूड़ा लदे वाहनों को लौटाना शुरू किया। उसके बाद पालिका अफसरों ने वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश की। सफाई निरीक्षक हरीश कुमार त्यागी ने बताया कि कछला नगर पंचायत का एमआरएफ सेंटर है। बुधवार शाम से कछला के एमआरएफ सेंटर में कूड़ा डाला जाने लगा। ऐसा स्थायी व्यवस्था होने तक जारी रहेगा।
उझानी नगर पालिका का एमआरएफ सेंटर गांव पटपरागंज के नजदीक है। कूड़ा निस्तारण की मशीनें चालू नहीं होने की वजह से करीब छह महीना पहले ही परिसर में कूड़े का अंबार लग गया था। इसके बाद पटपरागंज के ग्रामीणों ने कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में आंदोलन शुरू किया तो अफसरों ने पटपरागंज के सेंटर परिसर में कूड़ा डाले जाने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद फिर से कोशिश की गई तो विरोध शुरू हो गया था।
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डीजल खर्चे का पड़ेगा अतिरिक्त भार
- उझानी कस्बे और कछला के एमआरएफ सेंटर परिसर के बीच की दूरी करीब 14 किलोमीटर है। वहां आने- जाने वाले पालिका के वाहनों को दोनों तरफ से 28 किलामीटर की दूरी तय करनी होगी। इससे डीजल खर्चे के रूप में पालिका पर अतिरिक्त भार का सामना भी करना पड़ेगा। सफाई निरीक्षक हरीश कुमार त्यागी ने बताया कि पालिका के सामने इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। कूड़ा उठाने के लिए छोटे- बड़े करीब दो दर्जन वाहन हैं।
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उझानी नगर पालिका का कूड़ा करीब दो महीने से देहात क्षेत्र में सड़क किनारे गड्ढों में डाला जा रहा था। तीन दिन पहले छतुइया और अचौरा के ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए कूड़ा लदे वाहनों को लौटाना शुरू किया। उसके बाद पालिका अफसरों ने वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश की। सफाई निरीक्षक हरीश कुमार त्यागी ने बताया कि कछला नगर पंचायत का एमआरएफ सेंटर है। बुधवार शाम से कछला के एमआरएफ सेंटर में कूड़ा डाला जाने लगा। ऐसा स्थायी व्यवस्था होने तक जारी रहेगा।
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उझानी नगर पालिका का एमआरएफ सेंटर गांव पटपरागंज के नजदीक है। कूड़ा निस्तारण की मशीनें चालू नहीं होने की वजह से करीब छह महीना पहले ही परिसर में कूड़े का अंबार लग गया था। इसके बाद पटपरागंज के ग्रामीणों ने कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में आंदोलन शुरू किया तो अफसरों ने पटपरागंज के सेंटर परिसर में कूड़ा डाले जाने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद फिर से कोशिश की गई तो विरोध शुरू हो गया था।
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डीजल खर्चे का पड़ेगा अतिरिक्त भार
- उझानी कस्बे और कछला के एमआरएफ सेंटर परिसर के बीच की दूरी करीब 14 किलोमीटर है। वहां आने- जाने वाले पालिका के वाहनों को दोनों तरफ से 28 किलामीटर की दूरी तय करनी होगी। इससे डीजल खर्चे के रूप में पालिका पर अतिरिक्त भार का सामना भी करना पड़ेगा। सफाई निरीक्षक हरीश कुमार त्यागी ने बताया कि पालिका के सामने इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। कूड़ा उठाने के लिए छोटे- बड़े करीब दो दर्जन वाहन हैं।