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नाबालिग से दुष्कर्म में दो भाइयों सहित तीन को 20-20 साल की सजा
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बदायूं। दो साल पुराने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट तृतीय ने दो सगे भाइयों सहित तीन नामजद को मुजरिम ठहराते हुए 20-20 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 75 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। जबकि दो को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
थाना कादरचौक क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने 30 अक्तूबर 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री खेत पर शौच को गई थी। जब वादी की पुत्री वापस नहीं लौटी तो उसने तलाश किया। तब गांव के लोगों ने बताया कि उसकी पुत्री को महेश पुत्र चंद्रपाल निवासी ग्राम गढ़िया थाना कादरचौक के साथ जाते देखा है। वादी ने महेश व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस की विवेचना में सुरवीर, जसवंत उर्फ जसवीर पुत्रगण धनपाल, अजय उर्फ सचिन पुत्र रेवाराम भगवान सिंह पुत्र तुलाराम निवासी ढ़डूनगला थाना कादरचौक जिला बदायूं के नाम भी प्रकाश में आए। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज पॉक्सो तृतीय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जितेंद्र कुमार और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद नामजद सुरवीर, जसवंत उर्फ जसवीर पुत्रगण धनपाल, अजय उर्फ सचिन पुत्र रेवाराम निवासी ढडूनगला थाना कादरचौक जिला बदायूं को मुजरिम ठहराते हुए 20-20 साल की सजा सुनाई है। तीनों पर 25-25 हजार का जुर्माना भी डाला है। साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया है जुर्माने की रकम जमा होने पर संपूर्ण धनराशि नाबालिग पीड़िता को देने का आदेश भी दिया है। वहीं आरोपी महेश पुत्र चंद्रपाल और भगवान सिंह पुत्र तुलाराम को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
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थाना कादरचौक क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने 30 अक्तूबर 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री खेत पर शौच को गई थी। जब वादी की पुत्री वापस नहीं लौटी तो उसने तलाश किया। तब गांव के लोगों ने बताया कि उसकी पुत्री को महेश पुत्र चंद्रपाल निवासी ग्राम गढ़िया थाना कादरचौक के साथ जाते देखा है। वादी ने महेश व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस की विवेचना में सुरवीर, जसवंत उर्फ जसवीर पुत्रगण धनपाल, अजय उर्फ सचिन पुत्र रेवाराम भगवान सिंह पुत्र तुलाराम निवासी ढ़डूनगला थाना कादरचौक जिला बदायूं के नाम भी प्रकाश में आए। पुलिस ने सभी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज पॉक्सो तृतीय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जितेंद्र कुमार और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद नामजद सुरवीर, जसवंत उर्फ जसवीर पुत्रगण धनपाल, अजय उर्फ सचिन पुत्र रेवाराम निवासी ढडूनगला थाना कादरचौक जिला बदायूं को मुजरिम ठहराते हुए 20-20 साल की सजा सुनाई है। तीनों पर 25-25 हजार का जुर्माना भी डाला है। साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया है जुर्माने की रकम जमा होने पर संपूर्ण धनराशि नाबालिग पीड़िता को देने का आदेश भी दिया है। वहीं आरोपी महेश पुत्र चंद्रपाल और भगवान सिंह पुत्र तुलाराम को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
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