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जिला अस्पताल में बनेंगे दो आधुनिक वार्ड, मिल सकेगी बेहतर आईसीयू सेवा
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बदायूं। जिला अस्पताल में आने वाले दिनों में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी। इसके लिए जिला अस्पताल परिसर में दो नए वार्ड का निर्माण किया जाना है। इन वार्डों के निर्माण के लिए ऑपरेशन थिएटर के सामने और मोर्चरी के पास जगह चिह्नित की गई है। वार्ड निर्माण का काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
पिछले कुछ समय में जिला अस्पताल में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को कई काम हुए हैं। एलाइजा जांच, एलएफटी, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, ऑक्सीजन प्लांट समेत कई सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। इमरजेंसी भी नए भवन में स्थानांतरित हो चुकी है। जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के पास ब्लड कंपोनेंट यूनिट का काम भी लगभग पूरा हो गया है। जून के अंत तक कंपोनेंट यूनिट शुरू होने की उम्मीद है। कंपोनेंट यूनिट शुरू होने के बाद रक्त के चार तत्वों को अलग-अलग कर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जा सकेगा। अब जिला अस्पताल में दो आधुनिक वार्डों का निर्माण कराया जाएगा। 25-25 बेड के इन वार्डों में आधुनिक आईसीयू सेवा होगी। इसके साथ की कोविड संक्रमितों के इलाज की भी यहां व्यवस्था होगी।
अब तक राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलावा रुदायन और घटपुरी में ही 30-30 बेड के वार्ड हैं। जिला अस्पताल में आईसीयू की सुविधा नहीं है। 25-25 बेड के नए वार्डों के निर्माण के बाद आधुनिक आईसीयू की सेवा मिल सकेगी। शासन स्तर से नए वार्डों की स्थापना को मंजूरी के बाद इसके लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई है। ऑपरेशन थिएटर और मोर्चरी के पास खाली पड़ी जमीन पर यह वार्ड बनाए जाने हैं।
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खत्म हो सकेगा रेफलर यूनिट का धब्बा
- जिला अस्पताल पर रेफलर यूनिट का धब्बा लंबे समय से लगा हुआ है। दरअसल, यहां सुविधाएं होने के बाद भी घायलों और गंभीर रोगियों को बेहतर इलाज नहीं मिल पाता। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी इसका कारण है। तमाम सुविधाएं होने के बाद भी गंभीर घायलों और रोगियों को हायर सेंटर सेफर करना होता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी कई सुविधाएं नहीं हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षो में स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार हुआ है, लेकिन अपेक्षित सुधार न होने के कारण बेहतर स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं अब भी नहीं मिल रहीं। जिला अस्पताल में आधुनिक वार्ड बनने के बाद सुधार होने की काफी उम्मीद है। गंभीर घायलों और रोगियों को इसके बाद आईसीयू में इलाज मिल सकेगा।
जिला अस्पताल में दो वार्डों का निर्माण होना है। इसके लिए ऑपरेशन थिएटर के सामने और मार्चरी के पास जमीन चिह्नित की गई है। नए वार्डों की स्थापना के बाद स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं में काफी सुधार होगा। वार्डों का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के संबंध में भी शासन स्तर पर लिखा गया है।- डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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पिछले कुछ समय में जिला अस्पताल में चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को कई काम हुए हैं। एलाइजा जांच, एलएफटी, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, ऑक्सीजन प्लांट समेत कई सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। इमरजेंसी भी नए भवन में स्थानांतरित हो चुकी है। जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के पास ब्लड कंपोनेंट यूनिट का काम भी लगभग पूरा हो गया है। जून के अंत तक कंपोनेंट यूनिट शुरू होने की उम्मीद है। कंपोनेंट यूनिट शुरू होने के बाद रक्त के चार तत्वों को अलग-अलग कर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जा सकेगा। अब जिला अस्पताल में दो आधुनिक वार्डों का निर्माण कराया जाएगा। 25-25 बेड के इन वार्डों में आधुनिक आईसीयू सेवा होगी। इसके साथ की कोविड संक्रमितों के इलाज की भी यहां व्यवस्था होगी।
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अब तक राजकीय मेडिकल कॉलेज के अलावा रुदायन और घटपुरी में ही 30-30 बेड के वार्ड हैं। जिला अस्पताल में आईसीयू की सुविधा नहीं है। 25-25 बेड के नए वार्डों के निर्माण के बाद आधुनिक आईसीयू की सेवा मिल सकेगी। शासन स्तर से नए वार्डों की स्थापना को मंजूरी के बाद इसके लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई है। ऑपरेशन थिएटर और मोर्चरी के पास खाली पड़ी जमीन पर यह वार्ड बनाए जाने हैं।
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खत्म हो सकेगा रेफलर यूनिट का धब्बा
- जिला अस्पताल पर रेफलर यूनिट का धब्बा लंबे समय से लगा हुआ है। दरअसल, यहां सुविधाएं होने के बाद भी घायलों और गंभीर रोगियों को बेहतर इलाज नहीं मिल पाता। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी इसका कारण है। तमाम सुविधाएं होने के बाद भी गंभीर घायलों और रोगियों को हायर सेंटर सेफर करना होता है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में भी कई सुविधाएं नहीं हैं। हालांकि, पिछले कुछ वर्षो में स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार हुआ है, लेकिन अपेक्षित सुधार न होने के कारण बेहतर स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं अब भी नहीं मिल रहीं। जिला अस्पताल में आधुनिक वार्ड बनने के बाद सुधार होने की काफी उम्मीद है। गंभीर घायलों और रोगियों को इसके बाद आईसीयू में इलाज मिल सकेगा।
जिला अस्पताल में दो वार्डों का निर्माण होना है। इसके लिए ऑपरेशन थिएटर के सामने और मार्चरी के पास जमीन चिह्नित की गई है। नए वार्डों की स्थापना के बाद स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं में काफी सुधार होगा। वार्डों का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के संबंध में भी शासन स्तर पर लिखा गया है।- डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस