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Badaun Medical College: डॉक्टरों के खेल में बीमार बच्ची की मौत... दो की सेवाएं समाप्त, दो निलंबित

Fri, 25 Oct 2024 05:10 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: बरेली ब्यूरो Updated Fri, 25 Oct 2024 05:10 PM IST
सार

Budaun News: बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में दस साल की बच्ची की इलाज के अभाव में मौत का मामला दूसरे दिन शासन तक पहुंच गया। इसके बाद जिम्मेदारों को अपनी-अपनी कुर्सी हिलती दिखाई दी। लिहाजा आनन-फानन तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई। चंद घंटों में जांच पूरी कर ली गई। शाम तक दो डॉक्टरों को बर्खास्त व दो को निलंबित कर दिया गया।

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Two doctors dismissed and two suspended in the case of a girl death in Badaun Medical College
मेडिकल कॉलेज में इलाज के अभाव में हुई थी बच्ची की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं के राजकीय मेडिकल कॉलेज में इलाज के अभाव में बुधवार को हुई दस साल की बच्ची की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई। जांच रिपोर्ट के बाद प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार ने दो संविदा डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। वहीं, दो पूर्णकालिक डॉक्टरों को निलंबित किया गया है। 
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मूसाझाग क्षेत्र के गांव थलिया नगला निवासी नाजिम की बेटी सूफिया के गले में संक्रमण हो गया था। वह बच्ची को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। तीन डॉक्टरों के कक्षों में जाने के बाद भी बच्ची को इलाज नहीं मिल पाया था और उसकी मौत हो गई थी। आरोप लगाया था कि डॉक्टर खेल प्रतियोगिता में व्यस्त थे। 
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इन पर हुई कार्रवाई 
मामला शासन तक पहुंचा तो तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई। कमेटी की ओर से सौंपी गई जांच रिपोर्ट के मुताबिक ईएनटी के विभागाध्यक्ष डॉ. शलभ, इसी विभाग की डॉ. दिव्यांशी मौके पर नहीं थीं। लिहाजा दोनों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक शर्मा व डॉ. इमरान को भी लापरवाही में निलंबित किया गया है।
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संबंधित वीडियो... 

 

सात-आठ घंटे में पूरी कर ली जांच 
बृहस्पतिवार सुबह जब यह शासन तक पहुंचा तो जिम्मेदारों को तलाशा जाने लगा। शाम को मुख्यमंत्री की बैठक होनी थी। प्रशासनिक अधिकारियों को लग रहा था कि सीधे मुख्यमंत्री इस बारे में पूछ सकते हैं। लिहाजा तीन सदस्यीय कमेटी ने सात-आठ घंटे में ही जांच पूरी कर ली। प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार से लेकर अन्य डॉक्टर जो बुधवार को पूरे दिन घटना से अंजान बने रहे बृहस्पतिवार को कुर्सी हिलती देख घटना को कबूल करने लगे। 

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अपने कक्ष में नहीं थे चारों डॉक्टर 
बच्ची के माता-पिता के यहां जाकर उनसे बात की गई। घटना के समय के सीसीटीवी खंगाले गए। स्टाफ के बयान लिए गए। रजिस्टर पर मरीजों के पंजीकरण का समय देखा गया। इसमें साफ हो गया कि घटना के दौरान चारों डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं थे। इसके बाद देर शाम दो डॉक्टरों को बर्खास्त कर व दो को निलंबित कर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई। तब अधिकारियों ने राहत की सांस ली। 

संबंधित वीडियो...

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि बच्ची की मौत के मामले में जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दो डॉक्टरों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि दो पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। 

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