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दातागंज में दो पुल डूबे, 20 गांवों का जिला मुख्यालय से टूटा संपर्क

Sat, 15 Oct 2022 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2022 12:40 AM IST
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Two bridges submerged in Dataganj, 20 villages lost contact with district headquarters,
दातागंज में बक्सेना गांव के निकट पानी में डूबा हुआ अरिल नदी का पुल। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं/दातागंज। एक पखवाड़े में रामगंगा में दूसरी बार आई बाढ़ से दातागंज क्षेत्र में दो पुल डूब गए हैं, जबकि पहुंच मार्ग पर पानी भरने से नगरिया खनू से रामगंगा के पार जाने वाला रास्ता बिल्कुल बंद हो गया है। इससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। लगभग 20 गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। इन गांवों की 35 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हो रही है।
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रामगंगा के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। बुधवार की शाम से रामगंगा अपना तटबंध छोड़कर फैलने लगी तो बाढ़ चौकी नगरिया खनू और हजरतपुर के करीब डेढ़ दर्जन गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया। गांव हर्रे नगला और गढ़िया के बीच अरिल नदी पर बने हुए पुल के ऊपर करीब पांच फुट पानी बह रहा है। इसी तरह बक्सेना गांव के निकट अरिल नदी पर बना पुल पानी में लगभग डूब गया है। इस पुल के ऊपर भी करीब डेढ़ फुट पानी बह रहा है। नगरिया खनू से कुंडामजरा तक बनी आधा दर्जन पुलिया भी नजर नहीं आ रही हैं।
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अकट गांव पूरी तरह से पानी से घिर गया है। इसी तरह लालपुर खादर से लेकर हजरतपुर तक का रास्ता भी बंद हो गया है। दोनों रास्तों पर चार से पांच फुट पानी बह रहा है। इन मार्गों पर काफी गहरे गहरे गड्ढे हैं और पुलिया भी टूटी हुई है, इसलिए तैराकी जानने वाले ग्रामीण तक इन रास्तों से गुजरने का साहस नहीं कर रहे हैं।
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इन गांवों के लोग हैं प्रभावित
दो पुलों पर पानी बढ़ने से हररामपुर, पट्टीविजा, गढ़िया पैगंबरपुर, लालपुर, कुंडा मजरा, जलेबी नगला, शेरपुर आदि करीब 20 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इन गांवों में लगभग 35 हजार की आबादी है। हालांकि हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले यहां के ग्रामीण अपने खाने-पीने का इंतजाम पहले से ही करके रखते हैं, लेकिन जो काम जिला मुख्यालय से होते हैं, वे नहीं हो पा रहे हैं। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि पहले वे पुलों पर पानी बढ़ने के बाद भी ट्रैक्टर से निकल जाते थे, लेकिन अब ट्रैक्टर भी नहीं चल सकते हैं क्योंकि रास्ते पर इतने गहरे गड्ढे हो गए हैं कि ट्रैक्टर का पहिया चला गया तो पलट सकता है। परेशानी इस बात की है कि यह शाहजहांपुर सीमा के गांव हैं। पहले लोग शाहजहांपुर होकर निकल जाते थे, लेकिन अब वह भी नहीं निकल पा रहे है, क्योंकि दूसरे तरफ भी पानी है।
बेलाडांडी में होने लगा खेतों में कटान
रामगंगा का पानी बढ़ने से बेलाडांडी गांव में खेतों में कटान होने लगा है। खेत कटकर रामगंगा में समाने लगे हैं, जिससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है। गांव के सुखपाल सिंह, प्रेमपाल सिंह, जगदीश, आरामसिंह, नन्हें, वीरपाल , धीरपाल, सुभाष, कप्तान सिंह, राजवीर सिंह की जमीन कटकर रामगंगा में समा गई है। इन लोगों का कहना है कि बाजरा, धान आदि की फसलें लगभग बर्बाद हो चुकी हैं।

बाढ़ के मद्देनजर सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। तहसील के अधिकारी और कर्मचारी सभी चौकियों पर रहकर निगरानी कर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी है। -रामशिरोमणि, एसडीएम, दातागंज।
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