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Budaun News: प्राथमिक शिक्षा के साथ सिखाए जाएंगे यातायात नियम
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बदायूं। अब तक हाईस्कूल या इंटरमीडिएट के बाद छात्र-छात्राओं को यातायात के नियमों की जानकारी दी जाती थी, लेकिन अब प्राथमिक शिक्षा के साथ ही इन नियमों की जानकारी दी जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि प्राथमिक के अधिकांश बच्चे स्कूल में की गई पढ़ाई के बारे में अपने अभिभावकों को बताते हैं।
जिले में 2155 परिषदीय स्कूल हैं। इसमें 1502 प्राथमिक विद्यालय, 356 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 297 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। विद्यालय आने वाले छात्र-छात्राओं को यातायात के नियमों के बारे में अब प्राथमिक स्तर पर ही जानकारी दी जाएगी।
बीएसए स्वाति भारती का कहना है कि भले ही इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं बाइक-स्कूटी न चलाते हों। सड़क पर कम निकलते हों, लेकिन जब कभी भी वह वाहन का प्रयोग करेंगे तो उन्हें यातायात नियमों की जानकारी रहेगी।
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इस पर रहेगा जोर
-वाहन चलाते समय फोन पर बात करना प्रतिबंधित है।
-दो पहिया वाहन चलते समय हेलमेट का प्रयोग करें।
-कार चलते समय सीट बेल्ट का उपयोग करें।
-सड़क देखकर पार करें, सड़क पर गंभीरता से चलें।
-सिग्नल लाइट का पालन करें, सड़क पर बने संकेतक का ध्यान रखें।
-सदैव अपने बाएं हाथ की तरफ चलें।
बच्चों को प्राथमिक स्तर पर ही जब यातायात नियमों की जानकारी होगी तो वह सड़क पर चलते वक्त जागरूक रहेंगे। इससे हादसों की संख्या घटेगी। स्कूल की दीवार पर नियम पढ़ने के बाद जागरूक हुए बच्चे नियमों का उल्लंंघन देखेंगे तो अपनों से बड़ों को भी टोकेंगे। -स्वाती भारती, बीएसए बदायूं
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जिले में 2155 परिषदीय स्कूल हैं। इसमें 1502 प्राथमिक विद्यालय, 356 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 297 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। विद्यालय आने वाले छात्र-छात्राओं को यातायात के नियमों के बारे में अब प्राथमिक स्तर पर ही जानकारी दी जाएगी।
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बीएसए स्वाति भारती का कहना है कि भले ही इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं बाइक-स्कूटी न चलाते हों। सड़क पर कम निकलते हों, लेकिन जब कभी भी वह वाहन का प्रयोग करेंगे तो उन्हें यातायात नियमों की जानकारी रहेगी।
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इस पर रहेगा जोर
-वाहन चलाते समय फोन पर बात करना प्रतिबंधित है।
-दो पहिया वाहन चलते समय हेलमेट का प्रयोग करें।
-कार चलते समय सीट बेल्ट का उपयोग करें।
-सड़क देखकर पार करें, सड़क पर गंभीरता से चलें।
-सिग्नल लाइट का पालन करें, सड़क पर बने संकेतक का ध्यान रखें।
-सदैव अपने बाएं हाथ की तरफ चलें।
बच्चों को प्राथमिक स्तर पर ही जब यातायात नियमों की जानकारी होगी तो वह सड़क पर चलते वक्त जागरूक रहेंगे। इससे हादसों की संख्या घटेगी। स्कूल की दीवार पर नियम पढ़ने के बाद जागरूक हुए बच्चे नियमों का उल्लंंघन देखेंगे तो अपनों से बड़ों को भी टोकेंगे। -स्वाती भारती, बीएसए बदायूं