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न एआरटीओ न पुलिस का खौफ, ...सरपट दौड़ेंगे तो देंगे मौत

Wed, 07 Feb 2018 06:17 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं Updated Wed, 07 Feb 2018 06:17 PM IST
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Tractor trolley becomes danger for commuters
tractor trolley
कछला में भले ही बालू खनन का प्वाइंट है, लेकिन इसकी आड़ में खनन का जो खेल चल रहा है, वह कई मायने में वैध नहीं हो सकता। बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की ही बात कीजिए। किसी भी ट्रॉली में दो सौ क्विंटल से कम वजन नहीं होता। मामूली से अवरोधक पर भी आगे से उठ जाने वाले ट्रैक्टर जब सड़कों पर दौड़ते हैं तो उनके चालकों को किसी की जान की परवाह नहीं होती। यही नहीं, ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चालकों के साथ बेखौफ धंधेबाज पिछले चार-पांच महीनों में एआरटीओ और पुलिस के खौफ में नहीं आए हैं। 
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उसहैत क्षेत्र में बालू भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार में सवार तीन की मौत इसी अवैध धंधे की वजह से हुई। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में चार घन मीटर से अधिक बालू लोड नहीं किया जा सकता। वह भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के मालिकों के पास इसके इस्तेमाल का व्यावसायिक परमिट हो। जिले में केवल छह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को ही व्यावसायिक परमिट जारी है लेकिन सड़कों पर रोज दौड़ती सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ने पुलिस और परिवहन अधिकारियों की भूमिका को कटघरे में ला दिया है। कछला के आसपास इलाके के साथ सहसवान, कादरचौक, उसहैत समेत गंगा किनारे उन सभी स्थानों से बालू खनन की शिकायतें अफसरों के संज्ञान में पहुंचती रही हैं। ऐसा भी नहीं कि अफसरों की नजर बालू लदे ओवरलोड वाहनों पर नहीं पड़ती हो। नजरंदाज कर निकल जाने से धंधेबाजों के हौसले बढ़ जाते हैं। पुलिस और परिवहन कार्यालय के कुछ कर्मचारी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के चालकों को रोककर उनके लाइसेंस चेक करें तो ज्यादातर के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं निकलेगा। उन्हें तो ट्रैफिक नियमों का भी ज्ञान नहीं होता। 
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ट्रॉलियों पर पीछे नहीं लगी होती रेडियम प्लेट 
उझानी। बालू लदी ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पर सड़क पर दौड़ते वाहनों के चालकों को बहुत करीब पहुंचने पर ही नजर पड़ती है। ट्रॉलियों के पीछे न तो इंडीकेटर होते हैं और न ही ऐसी कोई प्लेट लगी होती जिस पर रोशनी पड़ते ही रेडियम चमक उठे। सबसे अहम बात तो यह भी है कि ओवरलोड ट्रैक्टर का ब्रेक जल्दी नहीं लग पाता। ब्रेक लगते-लगते सात-आठ मीटर तक ट्रैक्टर पहुंच जाता है। ऐसे में हादसे की आशंका बढ़ जाती है। 
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सामान्य ट्रैक्टर ट्रॉलियों को कृषि आधारित होने की वजह से कार्रवाई से अलग रखा जाता है। हां, ओवरलोड होने की दशा में इन पर जरूर कार्रवाई होती है। गन्ना और बालू आदि से ओवरलोड ऐसे कई वाहनों पर पिछले दिनों कार्रवाई हुई है जो लगातार जारी है। 
- अमिताभ राय, एआरटीओ प्रवर्तन
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