फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Three convicts sentenced to life imprisonment in Deshpal murder case in Budaun

Budaun: देशपाल हत्याकांड में पिता-पुत्र समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास, मार्च 2021 में हुई थी यह घटना

Tue, 12 Mar 2024 06:28 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 12 Mar 2024 06:28 PM IST
सार

बदायूं के इस्लामपुर क्षेत्र में 31 मार्च 2021 की शाम देशपाल को पीट-पीटकर आरोपियों ने अधमरा कर दिया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। जानलेवा हमले से यह मामला हत्या में तरमीम हुआ था। कोर्ट ने मंगलवार को देशपाल हत्याकांड में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 

विज्ञापन
Three convicts sentenced to life imprisonment in Deshpal murder case in Budaun
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बदायूं में हत्या के तीन साल पुराने देशपाल यादव हत्याकांड में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की न्यायाधीश शिवकुमारी ने मंगलवार को गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई। तीनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।

विज्ञापन


इस्लामनगर थाना क्षेत्र के गांव नगला वारह निवासी ओमप्रकाश पुत्र भूदेव ने 31 मार्च 2021 को थाना पुलिस को तहरीर दी थी। तहरीर में बताया था कि करीब डेढ़ साल पहले पन्नालाल पुत्र सियाराम ने घर में घुसकर छेड़छाड़ की थी। जिस पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई थी। तभी से आरोपी रंजिश मानने लगे। इसी रंजिश में 31 मार्च 2021 की शाम सात बजे उनका बेटा देशपाल खेत पर था। तभी गांव के ही पन्नालाल, राजू पुत्र पन्नालाल और सियाराम पुत्र मिश्री हाथों में लाठी डंडे लेकर खेत पर पहुंच गए। 
विज्ञापन


तीनों ने बेटे को लाठी-डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जान से मारने की नीयत से हमला कर घायल करने की रिपोर्ट दर्ज की। देशपाल को इलाज के लिए भेज दिया गया। करीब आठ महीने इलाज चला। 17 नवंबर 2021 देशपाल की मौत हो गई। विवेचना इंस्पेक्टर बच्चू सिंह ने की। हत्या की धारा में मामले को तरमीम करते हुए आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। इंस्पेक्टर इस्लामनगर हरेंद्र सिंह ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिह्नित प्रभावी पैरवी कराई। अदालत ने लोक अभियोजक ओमपाल कश्यप और विपक्षी अधिवक्ताओं की दलील सुनने के बाद मंगलवार को पिता-पुत्र समेत तीनों आरोपियों को सजा सुनाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed