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Budaun News: दिल में था छेद, अंजली को आरबीएसके जरिये मिली नई जिंदगी
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अंजलि ।
छह साल की काजल को भी मिला योजना का लाभ, होठों का सफल ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम(आरबीएसके) से 11 साल की अंजली को नई जिंदगी मिली है। वहीं छह साल की काजल के कटे होठों का निशुल्क ऑपरेशन संभव हो सका है। दोनों बच्चियां आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ती थीं। अंजली के दिल में छेद था।
आरबीएसके के तहत स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें माह में एक बार आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच करती हैं। जांच के दौरान पाया गया था कि सहसवान ब्लॉक के गांव चतुरी नगला के आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने वाली श्रीराम की बेटी अंजली के दिल में छेद है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अंजली को हरियाणा के गुरुग्राम के हार्ट केयर सेंटर रेफर कर दिया। अंजली का 12 फरवरी दिल के छेद का सफल ऑपरेशन हो गया। अब वह स्वस्थ है। सैदपुर नगर पंचायत सीएचसी की टीम ने सर्वे के दौरान फतेहनगला निवासी ज्ञानपाल की छह वर्षीय बेटी काजल को चिंह्ति किया। काजल के जन्म से होंठ कटे हुए थे। इससे उसको बोलने में भी समस्या होती थी। एक फरवरी को काजल के होठों का भी सफल ऑपरेशन करा दिया गया।
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आरबीएसके में इन बीमारियों का निशुल्क इलाज
आरबीएसके के तहत हृदय रोग, कान के पर्दे, रीढ़ की हड्डी, आर्टिफिशियल अंगों का प्रत्यारोपण, आंख की सर्जरी, रिस्क डाईफोर्मिटी, हाइड्रो सिफलिस, मूक-बघिर, हाइड्रोसील, टेढ़े-मेढ़े अंगों, टंग टाई, क्लब फुट आदि बीमारियों का निशुल्क इलाज किया जाता है। सरकार 30 हजार से तीन लाख रुपये तक इलाज पर खर्च करती है।
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टीम एक साल में एक बार स्कूल और दो बार आंगनबड़ी केंद्राें पर जाकर ऐसे बच्चों का सर्वे करती है। अगर कोई बच्चा बीमार मिलता है तो उसका हायर सेंटर में निशुल्क इलाज कराया जाता है।
डॉ. सनोज मिश्रा, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम(आरबीएसके) से 11 साल की अंजली को नई जिंदगी मिली है। वहीं छह साल की काजल के कटे होठों का निशुल्क ऑपरेशन संभव हो सका है। दोनों बच्चियां आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ती थीं। अंजली के दिल में छेद था।
आरबीएसके के तहत स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें माह में एक बार आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की स्वास्थ्य जांच करती हैं। जांच के दौरान पाया गया था कि सहसवान ब्लॉक के गांव चतुरी नगला के आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने वाली श्रीराम की बेटी अंजली के दिल में छेद है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अंजली को हरियाणा के गुरुग्राम के हार्ट केयर सेंटर रेफर कर दिया। अंजली का 12 फरवरी दिल के छेद का सफल ऑपरेशन हो गया। अब वह स्वस्थ है। सैदपुर नगर पंचायत सीएचसी की टीम ने सर्वे के दौरान फतेहनगला निवासी ज्ञानपाल की छह वर्षीय बेटी काजल को चिंह्ति किया। काजल के जन्म से होंठ कटे हुए थे। इससे उसको बोलने में भी समस्या होती थी। एक फरवरी को काजल के होठों का भी सफल ऑपरेशन करा दिया गया।
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आरबीएसके में इन बीमारियों का निशुल्क इलाज
आरबीएसके के तहत हृदय रोग, कान के पर्दे, रीढ़ की हड्डी, आर्टिफिशियल अंगों का प्रत्यारोपण, आंख की सर्जरी, रिस्क डाईफोर्मिटी, हाइड्रो सिफलिस, मूक-बघिर, हाइड्रोसील, टेढ़े-मेढ़े अंगों, टंग टाई, क्लब फुट आदि बीमारियों का निशुल्क इलाज किया जाता है। सरकार 30 हजार से तीन लाख रुपये तक इलाज पर खर्च करती है।
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टीम एक साल में एक बार स्कूल और दो बार आंगनबड़ी केंद्राें पर जाकर ऐसे बच्चों का सर्वे करती है। अगर कोई बच्चा बीमार मिलता है तो उसका हायर सेंटर में निशुल्क इलाज कराया जाता है।
डॉ. सनोज मिश्रा, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम

अंजलि ।