बदायूं: रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा, संपर्क मार्ग बंद; बारिश के चलते 20 से अधिक कच्चे मकान ढहे
दातागंज तहसील क्षेत्र में लगातार बारिश और रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ने लगे हैं। सिमरिया और कटकौरा गांव में पिछले तीन दिनों में दो दर्जन से अधिक कच्चे मकान ढह गए हैं।
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बदायूं जिले में लगातार हो रही बारिश और रामगंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से दातागंज तहसील क्षेत्र में हालात बिगड़ने लगे हैं। मकानों के गिरने और कृषि भूमि के कटान की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। रामगंगा किनारे बसे सिमरिया और कटकौरा गांव में पिछले तीन दिनों में दो दर्जन से अधिक कच्चे मकान ढह चुके हैं।
सिमरिया गांव में रामगंगा की तेज धार से जगदीश का खेत नदी में कट रहा है। रविवार को ग्रामीण पेड़ और डालियां लगाकर कटान रोकने का प्रयास करते दिखे। हजरतपुर-गढ़िया रंगीन मार्ग पर तीन से चार फीट जलभराव होने से रास्ता बंद हो गया है। लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से आवागमन कर रहे हैं। प्रशासन ने पहले नाव की व्यवस्था की थी, जो पानी कम होने पर हटा ली गई थी।
नगरिया खनू-गढ़िया रंगीन मार्ग पर भी दो फीट पानी बह रहा है। हालांकि इस मार्ग पर आवागमन हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो यह मार्ग भी बंद हो जाएगा। गांव सिमरिया में राम भरोसे, वीरेंद्र, सत्यराम, धनपाल, कल्याण, भगवान दास, रामबहादुर, कृष्णपाल, दुर्गपाल, नन्नूकू, सूरजपाल, गिरीश, हरिश्चंद्र, क्रांतिदेवी, राजेंद्र, हरिद्वारी, दिनेश और रामरईस के मकान बारिश में गिर गए।
इन ग्रामीणों के मकान क्षतिग्रस्त
गांव कटकौरा में दयावती, सुखलाल, रामसनेही, बालकराम, त्रिवेणी, यदवती, रिंकी, सुनीता देवी, हरिराम, वीरपाल, दयाराम और भूरेलाल के मकान पूर्ण व आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पीड़ित परिवार तिरपाल तानकर और दूसरों के घरों के बरामदों में गुजर-बसर कर रहे हैं।
एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ पर नजर रखी जा रही। गिरने वाले मकानों का लेखपालों की ओर से सर्वे किया जा रहा है। गांव में नाव और मोटरबोट का इंतजाम कराया जाएगा।