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Budaun News: सूदखोरी के लिए नहीं एक भी रजिस्ट्रेशन, फिर भी फल-फूल रहा गोरखधंधा
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बदायूं। जिले में सूदखोरी (महाजन प्रथा) का एक भी रजिस्ट्रेश नहीं है फिर भी इसका गोरखधंधा लगातार फल-फूल रहा है। तीन साल पहले तक जिले में करीब 120 रजिस्ट्रेशन सूदखोरी के थे, लेकिन बाद में निरस्त कर दिए गए। इसके बाद से अब तक किसी भी व्यक्ति या संस्था को सूद पर लेन-देन के लिए पंजीकरण नहीं किया गया है।
जमीनी हकीकत प्रशासन के दावों के उलट है। शहर से लेकर कस्बों और गांवों तक कई लोग अभी भी खुलेआम सूद पर रुपए दे रहे हैं। मजबूरी में लोग ऐसे महाजनों के पास पहुंचते हैं और ऊंचे ब्याज दरों पर कर्ज लेने को मजबूर होते हैं। कर्ज चुकाने में असमर्थता कई बार पीड़ित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक संकट में डाल देती है। बीते कुछ वर्षों में तो जिले में सूदखोरी के कारण आत्महत्या तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
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कर्जदारों की बढ़ती मुश्किलें
बाजारों और ग्रामीण इलाकों में आर्थिक संकट या तात्कालिक जरूरत के समय गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार इन सूदखोरों के चंगुल में फंस जाते हैं। 5 से 10 प्रतिशत तक मासिक ब्याज वसूलने का प्रचलन है। कई बार लोग ब्याज ही चुकाते-चुकाते कर्ज की मूल रकम से कई गुना अधिक राशि चुका देते हैं, फिर भी कर्ज से मुक्त नहीं हो पाते।
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केस एक-
कंप्यूटर ऑपरेटर ने ट्रेन से कटकर दी थी जान
सूदखोरी से प्रताड़ित बिसौली नगर पालिका में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर ने 29 मार्च 2024 को कासगंज से बरेली जा रही पैसेंजर के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतक के छोटे भाई ने शहर के रहने वाले दो सगे भाइयों सूदखोरी पर आरोप लगाया था। उसके बाद इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी।
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केस दो-
चार लोगों पर लगाया था मारपीट का आरोप
दो अगस्त को बिल्सी के एक व्यापारी ने सूदखोरी के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मारपीट व जान से मारने की धमकी का आरोप लगाकर एसएसपी से शिकायत की थी। मोहल्ला एक निवासी देवल ने एसएसपी से की शिकायत में बताया कि कछला के एक युवक से उन्होंने 4.70 लाख रुपये उधार लिए थे। उसका ब्याज समेत 6.70 लाख रुपये बना था। इसमें से उन्होंने 3.93 लाख रुपये नकद व 2.77 लाख रुपये युवक के पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर किए, लेकिन सूदखोर अधिक ब्याज लगाकर अतिरिक्त रुपये की मांग करने लगा। उन्होंने ब्याज समेत रुपये देने की बात कहीं। इस पर आरोपी भड़क गए और गाली गलौज करने लगे। आरोप है कि कार में रखी लोहे की रॉड व डंडे से पीटा। जान से मारने की धमकी दी।
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केस तीन-
युवक ने थाने के सामने मारी थी गोली
करीब तीन साल पहले अलापुर कस्बा के मोहल्ला बजरिया निवासी सुमित नाम का युवक थाने के सामने पहुंचा और तमंचा निकालकर खुद को गोली मार ली। मृतक के परिजनों ने सूदखोरों से परेशान होकर यह कदम उठाने का आरोप लगाया गया। इस पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह मामला जिले में काफी चर्चित रहा था।
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- जिले में सूदखोरी से जुड़ा कोई मामला नहीं है। यहां पर इसके लिए कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं होता है। - अवनीश राय, डीएम
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जमीनी हकीकत प्रशासन के दावों के उलट है। शहर से लेकर कस्बों और गांवों तक कई लोग अभी भी खुलेआम सूद पर रुपए दे रहे हैं। मजबूरी में लोग ऐसे महाजनों के पास पहुंचते हैं और ऊंचे ब्याज दरों पर कर्ज लेने को मजबूर होते हैं। कर्ज चुकाने में असमर्थता कई बार पीड़ित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक संकट में डाल देती है। बीते कुछ वर्षों में तो जिले में सूदखोरी के कारण आत्महत्या तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
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कर्जदारों की बढ़ती मुश्किलें
बाजारों और ग्रामीण इलाकों में आर्थिक संकट या तात्कालिक जरूरत के समय गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार इन सूदखोरों के चंगुल में फंस जाते हैं। 5 से 10 प्रतिशत तक मासिक ब्याज वसूलने का प्रचलन है। कई बार लोग ब्याज ही चुकाते-चुकाते कर्ज की मूल रकम से कई गुना अधिक राशि चुका देते हैं, फिर भी कर्ज से मुक्त नहीं हो पाते।
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केस एक-
कंप्यूटर ऑपरेटर ने ट्रेन से कटकर दी थी जान
सूदखोरी से प्रताड़ित बिसौली नगर पालिका में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर ने 29 मार्च 2024 को कासगंज से बरेली जा रही पैसेंजर के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतक के छोटे भाई ने शहर के रहने वाले दो सगे भाइयों सूदखोरी पर आरोप लगाया था। उसके बाद इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी।
केस दो-
चार लोगों पर लगाया था मारपीट का आरोप
दो अगस्त को बिल्सी के एक व्यापारी ने सूदखोरी के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मारपीट व जान से मारने की धमकी का आरोप लगाकर एसएसपी से शिकायत की थी। मोहल्ला एक निवासी देवल ने एसएसपी से की शिकायत में बताया कि कछला के एक युवक से उन्होंने 4.70 लाख रुपये उधार लिए थे। उसका ब्याज समेत 6.70 लाख रुपये बना था। इसमें से उन्होंने 3.93 लाख रुपये नकद व 2.77 लाख रुपये युवक के पिता के बैंक खाते में ट्रांसफर किए, लेकिन सूदखोर अधिक ब्याज लगाकर अतिरिक्त रुपये की मांग करने लगा। उन्होंने ब्याज समेत रुपये देने की बात कहीं। इस पर आरोपी भड़क गए और गाली गलौज करने लगे। आरोप है कि कार में रखी लोहे की रॉड व डंडे से पीटा। जान से मारने की धमकी दी।
केस तीन-
युवक ने थाने के सामने मारी थी गोली
करीब तीन साल पहले अलापुर कस्बा के मोहल्ला बजरिया निवासी सुमित नाम का युवक थाने के सामने पहुंचा और तमंचा निकालकर खुद को गोली मार ली। मृतक के परिजनों ने सूदखोरों से परेशान होकर यह कदम उठाने का आरोप लगाया गया। इस पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह मामला जिले में काफी चर्चित रहा था।
- जिले में सूदखोरी से जुड़ा कोई मामला नहीं है। यहां पर इसके लिए कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं होता है। - अवनीश राय, डीएम