...तो फिर रेलवे करेगा अपराध करने को मजबूर
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स्टेशन परिसर में लाइन लांघ कर निकलना अपराध है। अफसर ही नहीं बल्कि यात्री भी इसे समझते हैं और जानते हैं कि लाइन को लांघते वक्त पकड़े जाने पर जुर्माना भरना पड़ सकता है लेकिन यह अपराध करने के लिए यात्रियों को रेलवे ही मजबूर करता है। यह मामला रविवार को भाजपा नगर कमेटी की बैठक में उठा। कमेटी के पदाधिकारियों ने यात्रियों की सुविधा से जुड़े अहम मुद्दे पर रेलमंत्री सुरेश प्रभु के नाम भेजे ज्ञापन में कहा कि बरेली-कासगंज के बीच ब्रॉडगेज लाइन पर ट्रेनों के संचालन में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा लेकिन बदायूं के बाद जिले के सबसे बड़े स्टेशनों में शुमार उझानी से रेलवे को व्यवसाय भी अधिक अर्जित होता है। ऐसे में यात्रियों के अनुरूप सुविधाएं मुहैया कराना भी आवश्यक है। प्लेटफार्म के चौड़ीकरण में कोताही और पैदल पुल का निर्माण नहीं कराना ज्यादा दिक्कत पैदा करेगा।
चूंकि स्टेशन परिसर फोरलेन है, ऐसे में लंबी दूरी के ट्रेनों की आवाजाही भी रहेगी। स्टेशन परिसर पर ट्रेनों के क्रास होने स्थिति में यात्रियों को पैदल पुल के अभाव में लाइन लांघ कर ट्रेन पकड़नी होगी। लाइन लांघने के वक्त यात्री हादसे का शिकार भी हो सकते हैं। कमेटी के अध्यक्ष राहुल शंखधार ने ज्ञापन में यात्रियों की अन्य दिक्कतों का जिक्र किया है। बोले- रेलमंत्री ब्रॉडगेज लाइन पर ट्रेनों के संचालन के साथ ही सुविधाओं में वृद्धि कराएं तो लोगों को ज्यादा फायदा होगा।