...फिर किसे बांटे गए दस करोड़
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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल के बर्बाद होने के बाद केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मुआवजा दिया जा रहा है। जिले में दातागंज तहसील में सबसे ज्यादा दस करोड़ रुपया अब तक पीड़ित किसानों को बांटा जा चुका है, फिर भी रोजाना सैकड़ों की संख्या में किसान तहसील प्रशासन के पास पहुंचकर मुआवजा राशि न मिलने का रोना रो रहे हैं। तहसील प्रशासन के दावे को यदि सच मान लिया जाए तो 501 गांव में से अब तक 400 गांवों के किसानों को यह राशि वितरित की जा चुकी है फिर सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी संख्या में लोग तहसील प्रशासन के पास पहुंचकर मुआवजा अब तक न मिलने की बात क्यों कर रहे हैं। तो किसे दस करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है।
इस साल दैवीय आपदा से किसान बुरी तरह टूट गया है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से उसकी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। जिले में ही कई किसानों ने परेशान होकर मौत को गले लगा लिया। मरने वाले कई किसान तो ऐसे थे जिन्होंने कर्जा लेकर फसल में रकम लगाई थी। प्रदेश भर में कर्ज में डूबे किसानों ने आत्महत्या कर ली। केंद्र और राज्य सरकार भी चिंतित हो गई। दोनों सरकारों ने दैवीय आपदा से प्रभावित किसानों को तत्काल प्रभाव से मुआवजा राशि वितरित करने को बजट जारी कर दिया। जिले में दातागंज तहसील को सबसे ज्यादा 10 करोड़ रुपया मुआवजा वितरित करने को मिले।
तहसील में राजस्व ग्रामों की संख्या 501 है। तहसील प्रशासन इस बात का दावा कर रहा है कि अब तक 400 गांवों के प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि वितरित की जा चुकी है। लेकिन यहां गौर करने वाली बात है कि रोजाना ही तहसील भर के गांवों से भारी संख्या में किसान तहसील पहुंचकर इस बात की शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें अभी तक मुआवजा राशि नहीं मिली है। शुक्रवार को भी कई किसान तहसील पहुंचे और अपना दर्द बयां किया। क्या कहां किसानों ने उन्हीं की जुबानी में जानिए।
अन्य किसानों को सरकार से दी जाने वाली सहायता राशि मिल गई है लेकिन उन्हें अभी तक यह राशि नहीं मिली है। वह लगातार तहसील के चक्कर काट रहे हैं। लेखपाल को भी बताया है। -राजपाल सिंह निवासी गांव मैलाहा
समझ में नहीं आ रहा है कि प्रशासन का क्या पैमाना है मुआवजा राशि का जो वास्तविक किसानों को अभी तक सहायता राशि नहीं मिली है। उनकी तो फसल पूरी तरह तबाह हो गई थी। कुछ बचा ही नहीं है। प्रशासन को चाहिए वह हर पीड़ित किसान को यह राशि दें।-ओमप्रकाश सिंह और साधू सिंह निवासी गांव बैलाडांडी
उनके गांव के भी कई लोगों को फसल नुकसान की राशि नहीं मिली है। किसान बुरी तरह परेशान हैं। ज्यादातर किसानों ने कर्जा लेकर फसल में रकम लगाई थी। शासन ने मिलने वाली मुआवजा राशि किसानों को नहीं मिली है।वह कई चक्कर तहसील के काट चुके हैं।-जितेंद्र सिंह और भिखारी सिंह निवासी गांव सुखौरा
उनके गांव के किसी भी किसान को अभी तक मुआवजा राशि नहीं मिली है। गांव के किसान परेशान हैं। कई दफा तहसील प्रशासन से मिले भी हैं किंतु नतीजा अभी तक शून्य ही रहा है। -पुष्पेंद्र यादव उर्फ पिंकी यादव ग्राम प्रधान बैलाडांडी
50 प्रतिशत से अधिक के नुकसान वालों को राज्य सरकार और 30 से 49 प्रतिशत तक फसल के नुकसान पर केंद्र सरकार द्वारा मुआवजा राशि दी जा रही है। अब तक तहसील के 400 गांवों के किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। 100 गांवों के किसान बचें हैं। शासन से धनराशि मिलते ही उन्हें भी वितरित किया जाएगा। -ओपी तिवारी, एसडीएम दातागंज