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स्वच्छता सर्वेक्षणः रैंक तो सुधरी पर हालात नहीं

Mon, 03 Oct 2022 12:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2022 12:46 AM IST
सार

स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की नगर पालिका ने पिछली बार के मुकाबले सुधार तो किया है।इसकी वजह से पूरे सड़क और नाली में कूड़ा पड़ा रहता है।

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The rank has improved but the situation has not
शहर के मोहल्ला जवाहरपुरी में स्थित चोक नाला। संवाद - फोटो : BADAUN

विस्तार

बदायूं। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की नगर पालिका ने पिछली बार के मुकाबले सुधार तो किया है। लेकिन हालात नहीं सुधरे हैं। जगह-जगह गंदगी के ढेर और चोक नाले-नालियां इस इस सर्वेक्षण के तहत जारी की गई रैंक को मुंह चिढ़ा रहे हैं। तमाम गलियां तो ऐसी हैं, जहां सफाई कर्मचारी झाड़ू लगाने तक नहीं जाते हैं। अधिकारियों को भी सफाई व्यवस्था का जायजा लेने की फुर्सत नहीं मिलती, इसलिए सफाईकर्मियों के हौसले बुलंद हैं।
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शासन स्तर से नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों की स्वच्छता रैंक रविवार देर रात को जारी कर दी। इसके तहत तीन लाख तक की आबादी वाली पालिकाओं में शहर नगर पालिका शामिल है। जारी रैंक में 382 नगर पालिकाओं में से बदायूं की नगर पालिका को 180वीं रैंक मिली है। जबकि पिछले साल यह 229वीं थी। पालिका की कागजों में रैंक तो सुधरी गई है, लेकिन शहर के हालात पर गौर किया जाए, तो हालात पिछले साल जैसे ही हैं।
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नाला सफाई की बात की जाए तो 20 जुलाई को शहर में हुई बरसात से दुकानों और घरों में पानी घुस गया था। यहां तक की सुभाष चौक पर सड़क पर पानी ज्यादा भर जाने की वजह से कार तक तैराने लगी थीं। वहीं, गलियों में तो सफाई कर्मचारी जाने से परहेज करते हैं। क्योंकि वह यह जानते हैं कि अधिकारी, कर्मचारी गलियों में सफाई देखने के लिए नहीं जाते है। अगर कर्मचारी सफाई करने चलते भी जाएं तो खानापूर्ति कर चले आते हैं।
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इन इलाकों में समस्या ज्यादा
शहबाजपुर, जोगीपुरा, नेकपुर, लालपुल के पास से जेसीबी के माध्यम से कूड़ा उठाया जाता है। इससे पूरे रोड पर कूड़ा फैल जाता है। इसके बाद कोई कर्मचारी कूड़ा सड़क से एकत्र नहीं करता है। इसकी वजह से पूरे सड़क और नाली में कूड़ा पड़ा रहता है। एसबीआई की मुख्य शाखा के सामने से होकर निकल रहा नाला, जिला महिला अस्पताल के पास वाला नाला, नेकपुर होकर निकल रहे नाले चौक हैं।
उझानी फिसली, सहसवान ने सुधारी स्थिति
50 हजार से एक लाख जनसंख्या वाली नगर पालिकाओं में उझानी शामिल है। 2021 में जारी रैंक में उझानी पालिका को 14वां नंबर मिला था। जो इस बार फिसल कर 22वें नंबर पर पहुंच गया। जबकि सहसवान नगर पालिका ने अपनी रैंक में सुधार किया है। पिछली बार 77वां नंबर आया था। इस बार वह 59वें नंबर पर है। 50 हजार आबादी वाली नगर पालिका में शामिल ककराला को पिछले साल 98 रैंक मिली थी। इस बार 95 पर आ गई है। जबकि दातागंज 125 से 77 पर पहुंच गई है। इस बार बिल्सी की 88, बिसौली की 41 वीं रैंक आई है।

शहर को स्वच्छ रखने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। यही वजह है कि पालिका की रैंकिंग में सुधार आया है। पहले की अपेक्षा शहर के हालात भी बदल रहे हैं। कुछ समय बाद और भी परिवर्तन शहर में देखने के लिए मिलेंगे। जो जनहित में होंगे। -दीप कुमार, ईओ, नगर पालिका बदायूं

शहर की मीराजी चौकी में सड़क पर पड़ा कूड़ा। संवाद

शहर की मीराजी चौकी में सड़क पर पड़ा कूड़ा। संवाद- फोटो : BADAUN

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