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Budaun News: नवजात को लेकर दो घंटे एंबुलेंस का इंतजार करती रही प्रसूता, बिगड़ी हा

Fri, 03 Jan 2025 11:18 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2025 11:18 PM IST
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The pregnant woman kept waiting for the ambulance for two hours with her newborn, her condition worsened
बिना रजिस्ट्रेशन संचालित नर्सिंग होम हो सील करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
बदायूं। प्रसव के बाद शुक्रवार को एक प्रसूता की छुट्टी कर दी गई, लेकिन एंबुलेंस नहीं बुलाई गई। करीब दो घंटे तक प्रसूता नवजात को लेकर खड़ी रही। इससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। वह चक्कर खाकर गिर गई। परिजन ने अधिकारी से शिकायत की। तब जाकर एंबुलेंस आ सकी। प्रसूता के पति ने इस मामले का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
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शुक्रवार को बिनावर थाना क्षेत्र के गांव गुरुपुरी चंदन के रहने वाले हिजाबुल हसन ने 26 दिसंबर को पत्नी अजमाइन बेगम को प्रसव पीड़ा होने पर महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। ऑपरेशन से बेटा पैदा हुआ। तीन जनवरी शुक्रवार को डॉक्टर ने प्रसूता की छुट्टी करते हुए उसे घर ले जाने को कहा। इसके बाद वह पत्नी व बच्ची को लेकर तीसरी मंजिल से नीचे आ गया। उसे बताया गया कि यहीं से एंबुलेंस मिलेगी। नीचे एंबुलेंस की जानकारी देने व एंबुलेंस भेजने को लगे काउंटर पर कहा गया कि एंबुलेंस के लिए इंतजार करना होगा।
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इस पर जच्चा बच्चे को गोद में लिए खड़ी रही। करीब एक घंटा बीत जाने के बाद भी गाड़ी नहीं मिली तो उसने फिर कहा, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। खड़े-खड़े प्रसूता को चक्कर आने लगे। वह गिर गई। एकाएक हालत बिगड़ने पर उसका अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया। पति ने सीएमएस से शिकायत की। इसके कुछ देर एंबुलेंस पहुंची।
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प्रसूताओं को घर तक पहुंचाने का काम एंबुलेंस 102 का है। मरीज के तीमारदार से कुछ देर इंतजार करने को कहा गया था। गाड़ी आने में समय लग गया। यही वजह रही कि प्रसूता को कुछ देर खड़े रहना पड़ा। बाद में उसे सकुशल घर छोड़ दिया गया। -विनय कुमार गुप्ता, रीजनल मैनेजर, एंबुलेंस सेवा



नर्सिंग होम को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोबारा किया सील
- महिला की मौत पर एक सप्ताह पहले किया गया था सील
संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। प्रसव के दौरान महिला की मौत होने पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा सील किया गया आशा नर्सिंग होम के ताले एक सप्ताह बाद फिर खोल दिए गए। मामला सुर्खियों में आया तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शुक्रवार को टीम भेजकर अस्पताल को दोबारा सील करा दिया।
उझानी के आशा नर्सिंग होम में एक सप्ताह पहले महिला की प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। पहले तो स्वास्थ्य विभाग नोटिस देकर काम चला रहा था। मामला तूल पकड़ा तो इस अवैध नर्सिंग होम को सील कर दिया गया। दो-तीन दिन बाद सील को तोड़कर वहां फिर से मरीजों को देखा जाने लगा।
शुक्रवार को सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बाबू नितिन व आयुष के डॉ. पंकज सिंह को जांच कर कार्रवाई करने के लिए मौके पर भेजा। दोनों एमओआईसी राजकुमार को साथ लेकर पहुंचे तो नर्सिंग होम की सील खुली मिली। अंदर कुछ कर्मचारी फर्नीचर बनाने का काम कर रहे थे। सील टूटने की जानकारी की गई, जिस पर किसी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। टीम ने तत्काल अस्पताल को दोबारा सील कर दिया और लौट आई।




अवैध नर्सिंग होम को दोबारा से सील करा दिया गया है। इस तरह के किसी अस्पताल को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। - रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ

बिना रजिस्ट्रेशन संचालित नर्सिंग होम हो सील करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद

बिना रजिस्ट्रेशन संचालित नर्सिंग होम हो सील करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद

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