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Budaun News: वादी ने विवेचक को दिए सबूत, इसी आधार पर होगी कार्रवाई
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उझानी। दिल्ली हाईवे पर कुड़ानरसिंहपुर गांव के पास बंद पड़ी मेंथा ऑयल फैक्टरी में तीन सुरक्षा गार्डों की मौत के मामले में दर्ज हुए मुकदमे में जांच चल रही है। वादी ने विवेचक को अहम सबूत दिए हैं। इसी के आधार पर विवेचक विवेचना कर रहे हैं।
13 जनवरी की सुबह तीन सुरक्षा गार्डों के शव गेट के पास केबिन में फर्श पर पड़े मिले थे। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए कई घंटे तक हंगामा किया था। पुलिस ने फैक्टरी मालिक मनोज व नितेश गोयल और मैनेजर राकेश समेत कुछ अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में तीनों की मौत दम घुटने से होना पाई गई थी। बता दें कि भारत मिंट केमिकल मेंथा ऑयल फैक्टरी बकायेदारी के कारण बैंक ऑफ बड़ौदा के कब्जे में है। यह फैक्टरी बंद पड़ी थी। जनवरी में ही इसकी नीलामी भी होनी थी।
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इन लोगों की हुई थी मौत
जान गंवाने वालों में मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बसावनपुर निवासी जुगेंद्र यादव (30), मूसाझाग इलाके के गांव मुड़सेना निवासी वीरभान यादव उर्फ भानू (32) और कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव पसेई निवासी विवेक यादव (28) शामिल हैं। पुलिस का कहना था कि इन तीनों के जिस कमरे में शव मिले, वहां परात में जल रहे अलाव से दम घुटने से मौत हुई। मामले में जांच के मद्देनजर एसडीएम सदर मोहित ने फैक्टरी को सील करा दिया गया था।
जुगेंद्र के पिता ने लगाया ये आरोप
जुगेंद्र के पिता रामबहादुर ने बताया कि उनका बेटा बैंक की ओर से फैक्टरी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर था। वीरभान और विवेक जुगेंद्र के साथ ही आते थे। उन्होंने दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि फैक्टरी मालिक मनोज गोयल व उनके भाई नीतेश गोयल उर्फ गोपाल और मैनेजर राकेश तीनों ने अन्य अज्ञात लोगों की मदद से रात में किसी समय तीनों की हत्या कर शव खींचकर फैक्टरी गेट के पास बने गार्ड रूम में डाल दिए। परिजनों ने आरोप लगाया कि तीनों के शरीर पर घसीटने के निशान थे। इसी आधार पर हंगामा करते हुए परिजनों ने मांग रखी थी कि एफआईआर की कॉपी नहीं मिलने तक वे शव नहीं उठने देंगे। करीब छह घंटे हंगामे के बाद हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। अब वादी ने घटना जुटे कई साक्ष्य विवेचक को सौंप दिए हैं। इसके आधार पर आरोपियों पर कार्रवाई होनी है।
वादी पक्ष ने कई सबूत विवेचक को दिए हैं। उसी आधार पर विवेचक विवेचना कर रहे हैं। जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। एडीएम के नेतृत्व में भी जांच टीम गठित की गई है। जांच पूरी होने के बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट दी जाएगी।-डॉ. देवेंद्र कुमार, सीओ उझानी
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13 जनवरी की सुबह तीन सुरक्षा गार्डों के शव गेट के पास केबिन में फर्श पर पड़े मिले थे। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए कई घंटे तक हंगामा किया था। पुलिस ने फैक्टरी मालिक मनोज व नितेश गोयल और मैनेजर राकेश समेत कुछ अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया।
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में तीनों की मौत दम घुटने से होना पाई गई थी। बता दें कि भारत मिंट केमिकल मेंथा ऑयल फैक्टरी बकायेदारी के कारण बैंक ऑफ बड़ौदा के कब्जे में है। यह फैक्टरी बंद पड़ी थी। जनवरी में ही इसकी नीलामी भी होनी थी।
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इन लोगों की हुई थी मौत
जान गंवाने वालों में मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव बसावनपुर निवासी जुगेंद्र यादव (30), मूसाझाग इलाके के गांव मुड़सेना निवासी वीरभान यादव उर्फ भानू (32) और कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव पसेई निवासी विवेक यादव (28) शामिल हैं। पुलिस का कहना था कि इन तीनों के जिस कमरे में शव मिले, वहां परात में जल रहे अलाव से दम घुटने से मौत हुई। मामले में जांच के मद्देनजर एसडीएम सदर मोहित ने फैक्टरी को सील करा दिया गया था।
जुगेंद्र के पिता ने लगाया ये आरोप
जुगेंद्र के पिता रामबहादुर ने बताया कि उनका बेटा बैंक की ओर से फैक्टरी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर था। वीरभान और विवेक जुगेंद्र के साथ ही आते थे। उन्होंने दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि फैक्टरी मालिक मनोज गोयल व उनके भाई नीतेश गोयल उर्फ गोपाल और मैनेजर राकेश तीनों ने अन्य अज्ञात लोगों की मदद से रात में किसी समय तीनों की हत्या कर शव खींचकर फैक्टरी गेट के पास बने गार्ड रूम में डाल दिए। परिजनों ने आरोप लगाया कि तीनों के शरीर पर घसीटने के निशान थे। इसी आधार पर हंगामा करते हुए परिजनों ने मांग रखी थी कि एफआईआर की कॉपी नहीं मिलने तक वे शव नहीं उठने देंगे। करीब छह घंटे हंगामे के बाद हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। अब वादी ने घटना जुटे कई साक्ष्य विवेचक को सौंप दिए हैं। इसके आधार पर आरोपियों पर कार्रवाई होनी है।
वादी पक्ष ने कई सबूत विवेचक को दिए हैं। उसी आधार पर विवेचक विवेचना कर रहे हैं। जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। एडीएम के नेतृत्व में भी जांच टीम गठित की गई है। जांच पूरी होने के बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट दी जाएगी।-डॉ. देवेंद्र कुमार, सीओ उझानी