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Budaun News: महिला नर्सिंग स्टाफ पर भी लगाया आरोप, प्रदर्शन

Tue, 15 Sep 2026 02:08 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 02:08 AM IST
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Allegations leveled against female nursing staff too; protest held.
उझानी में प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकत्रियां। संवाद
उझानी। आशा कार्यकर्ताओं ने मानदेय समेत प्रोत्साहन राशि में वृद्धि और महिला नर्सिंग स्टाफ पर बेवजह परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए सीएचसी परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही पूरे दिन काम भी नहीं किया। डिप्टी सीएमओ को ज्ञापन देने से पहले उन्होंने अपने उत्पीड़न की दास्तां भी सुनाई।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में खासकर नगरीय क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताएं सोमवार पूर्वाह्न में इकट्ठी हो गईं। उन्होंने आपस में बैठक करके एक- दूसरे से अपनी दिक्कतें साझा कीं। आशाओं में रानी सक्सेना और आरती कश्यप ने बताया कि उनका मानदेय दो हजार रुपये हैं। लाभार्थी प्रोत्साहन राशि भी नहीं मिलती है। इस दौरान जब भी उन्हें गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने को उनके साथ सीएचसी या फिर जिला मुख्यालय पर जाना होता है, खुद ही खर्चा भी उठाना पड़ता है।
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प्रदर्शनकारी आशाओं ने महिला नर्सिंग स्टाफ की भूमिका पर भी सवाल उठाए। ड्यूटी का समय, अवकाश तय किए जाने समेत अनेक मांगों को उठाया। करीब दो घंटे तक प्रदर्शन के बाद आशाओं ने चिकित्साधीक्षक के कक्ष का घेराव कर लिया। उस वक्त चिकित्साधीक्षक अपने कक्ष में नहीं थे। उसी दौरान निरीक्षण को पहुंचे डिप्टी सीएमओ डॉ. निरंजन सिंह से भी उन्होंने भेंट की। कहा कि निजी फायदे के लिए नर्सिंग स्टाफ गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट अस्पतालों में ले जाने की सलाह देती हैं। आशा आरती कश्यप ने बताया कि उत्पीड़न अब और नहीं सहन नहीं किया जा सकता। आरोपियों पर विभागीय स्तर से कार्रवाई होने तक आशाएं काम पर नहीं लौटेंगी। प्रदर्शनकारियों में पूनम मौर्य, शशि पाल, नीलम यादव, रेशमा, तब्बसुम आदि शामिल रहीं। संवाद
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विभागीय कार्य से वह उझानी सीएचसी आए थे। उसी दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी दिक्कतों को लेकर ज्ञापन देते समय आरोप भी लगाए हैं। उनके ज्ञापन से जुड़े बिंदुओं पर जांच कराई जाएगी। आशाओं को जांच होने तक हड़ताल नहीं करने की सलाह दी गई है।
- डॉ. निरंजन सिंह, डिप्टी सीएमओ
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