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Budaun News: स्थायी लोक अदालत ने 2.54 लाख का बिल शून्य करने का दिया आदेश
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बदायूं। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष इशितयाक अली, सदस्य राकेश कुमार रस्तोगी व स्वदेश कुमारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण निगम को वादी का 2.54 लाख रुपये का बिजली बिल शून्य करने का आदेश दिया है।
आदेश दिए हैं कि घरेलू कनेक्शन एक किलोवाट के आधार पर मिनिमम बिल पूर्व में जमा किए गए अंतिम बिल छह सितंबर 2023 के बाद से नया मीटर लगाने के दिनांक से वसूल किया जाए। निगम की वजह से वादी को हुई मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में दस हजार रुपये व अधिवक्ता खर्च के भी पांच रुपये देने का आदेश दिया है।
उझानी के गांव अढ़ौली निवासी वादी भूदेव सिंह पुत्र गनेश ने स्थायी लोक अदालत में वाद किया था। कहा था कि उसके नाम से एक घरेलू विद्युत कनेक्शन एक किलोवाट का है, जिसका बिल उसको कभी प्राप्त नहीं हुआ। समय-समय पर वह स्वयं विद्युत बिलों का भुगतान करता आ रहा है।
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वर्ष 2000 और 2001 में तथा उसके बाद भी कई बिल जमा किए जो निगम ने स्वीकार किया। अंतिम बिल छह सितंबर 2023 को 25,100 का आया, जिसे उसने जमा किया है। उसके बाद कोई बिल नहीं आया। विद्युत निगम से एक पत्र 17 अगस्त 2023 को मिला, उसमें बताया गया कि उसका बिल 2,54,270 रुपये है। यदि कोई आपत्ति हो तो 15 दिन के अंदर अपनी आपत्ति प्रमाणपत्र के साथ प्रस्तुत करें।
समय सीमा के अंतर्गत 11 सितंबर 2023 को उसका जवाब दिया, जिसके साथ कनेक्शन बुक प्रति उसकी तथा बिजली की रसीद प्रस्तुत की। अवगत कराया गया कि उसका कनेक्शन 29 अगस्त 1997 से लगातार कार्यरत है और लगातार वह बिल जमा कर रहा है।
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आदेश दिए हैं कि घरेलू कनेक्शन एक किलोवाट के आधार पर मिनिमम बिल पूर्व में जमा किए गए अंतिम बिल छह सितंबर 2023 के बाद से नया मीटर लगाने के दिनांक से वसूल किया जाए। निगम की वजह से वादी को हुई मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में दस हजार रुपये व अधिवक्ता खर्च के भी पांच रुपये देने का आदेश दिया है।
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उझानी के गांव अढ़ौली निवासी वादी भूदेव सिंह पुत्र गनेश ने स्थायी लोक अदालत में वाद किया था। कहा था कि उसके नाम से एक घरेलू विद्युत कनेक्शन एक किलोवाट का है, जिसका बिल उसको कभी प्राप्त नहीं हुआ। समय-समय पर वह स्वयं विद्युत बिलों का भुगतान करता आ रहा है।
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वर्ष 2000 और 2001 में तथा उसके बाद भी कई बिल जमा किए जो निगम ने स्वीकार किया। अंतिम बिल छह सितंबर 2023 को 25,100 का आया, जिसे उसने जमा किया है। उसके बाद कोई बिल नहीं आया। विद्युत निगम से एक पत्र 17 अगस्त 2023 को मिला, उसमें बताया गया कि उसका बिल 2,54,270 रुपये है। यदि कोई आपत्ति हो तो 15 दिन के अंदर अपनी आपत्ति प्रमाणपत्र के साथ प्रस्तुत करें।
समय सीमा के अंतर्गत 11 सितंबर 2023 को उसका जवाब दिया, जिसके साथ कनेक्शन बुक प्रति उसकी तथा बिजली की रसीद प्रस्तुत की। अवगत कराया गया कि उसका कनेक्शन 29 अगस्त 1997 से लगातार कार्यरत है और लगातार वह बिल जमा कर रहा है।