फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   The next session will ba schools ranked high school

बा स्कूलों को अगले सत्र से मिलेगा हाईस्कूल का दर्जा

Sat, 29 Aug 2015 12:26 AM IST
बदायूं
बदायूं Updated Sat, 29 Aug 2015 12:26 AM IST
विज्ञापन
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर ब्लाक स्तर पर खोले गए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों को हाईस्कूल तक का दर्जा दिए जाने की शासन स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। सूबे के प्रमुख सचिव आलोक रंजन ने इसके लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। यदि शासन की इस योजना को अमली जामा पहनाया जाता है तो निश्चित तौर पर यह बालिका शिक्षा की दिशा में एक लाभकारी कदम साबित होगा।
विज्ञापन

गरीब बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2004 में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय योजना शुरू की थी। हालांकि बदायूं जिले में यह योजना वर्ष 2008 में शुरू हुई। उस वक्त जिले में कुल 21 स्थानों पर कक्षा आठ तक के यह विद्यालय खुले। बाद में संभल के नया जिला बनने के बाद तीन बॉ स्कूल उसमें शामिल हो गए, इस तरह बदायूं में वर्तमान में 18 बा स्कूल संचालित हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार शासन अब प्रत्येक कस्तूरबा स्कूल को 10वीं कक्षा तक करने जा रहा है। इस सिलसिले में पिछले दिनों प्रमुख सचिव आलोक रंजन ने विभागीय अधिरकारियों को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने हाईस्कूल का दर्जा दिए जाने के विषय में बताया। सूत्र बताते हैं कि अगले शैक्षिक सत्र से इस योजना को हरी झंडी मिल जाएगी, जो बालिका कक्षा आठ में अध्ययनरत हैं, वह पास होने पर स्वत: ही कक्षा नौ में आ जाएंगी।
विज्ञापन

अभी सिर्फ चर्चा सुनी
बा स्कूलों को हाईस्कूल का दर्जा दिए जाने के विषय में जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें भी इस तरह की खबर सुनने को मिली है, लेकिन अभी लिखित तौर पर उनके पास कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आते ही इस दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बा स्कूलों में है स्टाफ का टोटा
बदायूं।
जिले में 18 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय हैं। प्रत्येक में मानक के अनुसार वार्डन समेत 15 का स्टाफ होना चाहिए, लेकिन इन स्कूलों में अभी मात्र 215 का स्टाफ है। जबकि मानक के अनुरूप 270 का स्टाफ होना चाहिए। कम स्टाफ होने की वजह से शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शेष स्टाफ की तैनाती को कार्यवाही प्रस्तावित है। जब हाईस्कूल तक स्कूल हो जाएगा तो उस हिसाब से स्टॉफ भी बढ़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed