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Budaun News: नए प्राचार्य ने संभाला कार्यभार, सामने हैं कई चुनौतियां
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(01 बीडीएन-21)डॉ एनसी प्रजापति अपने कक्ष में कार्य करते हुऐ।संवाद
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- स्टाफ से औपचारिक मुलाकात कर कहा कि कार्यशैली में बदलाव कर लें लापरवाह
- बोले, पूर्व में जो हुआ उसका जवाब देंगे, पर व्यवस्थाओं में लापरवाही नहीं चलेगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के नए प्राचार्य डॉ. एनसी प्रजापति ने शनिवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। इसके बाद उन्होंने सभी प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, सीनियर और जूनियर डॉक्टरों से औपचारिक मुलाकात की। चेताया, लापरवाही बरतने वाले अपनी कार्यशैली में बदलाव कर लें। इसके बाद उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए।
शासन ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र गुप्ता को बीती 28 मार्च को अनियमितताओं के चलते यहां से हटाकर उनके मूल तैनाती स्थल आगरा मेडिकल कॉलेज भेज दिया था। ऑक्सीजन खरीद घोटाले में भी उनका नाम उछला था। अब चिकित्सा, स्वास्थ्य निदेशालय में संबद्ध डॉ. एनसी प्रजापति को यहां का प्राचार्य बनाया गया है। शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के नए प्राचार्य का स्टाफ ने फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। इसके साथ ही पूर्व प्राचार्य को विदाई दी गई।
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डॉ. प्रजापति ने कहा कि अब मेडिकल कॉलेज में लापरवाही नहीं चलेगी। सभी चिकित्सक समय से पहुंचेंगे। हाजिरी बायोमेट्रिक से ही लगाएंगे। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक बायोमेट्रिक से हाजिरी न लगने पर वेतन कटौती की कार्रवाई की जाएगी। रजिस्टर पर हाजिरी से वेतन जारी नहीं किया जाएगा।
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सभी चुनौतियों से निपटने को तैयार हैं हम
राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन इन दिनों ऑक्सीजन खरीद घोटाले के साथ ही अन्य तमाम आरोपों में घिरा है। लोकायुक्त के अलावा हाईकोर्ट तक मामला चल रहा है। हाईकोर्ट ने राजकीय मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन खरीद, मानक से कम फैकल्टी, सीसीटीवी कैमरे न लगना, छात्रों को पोस्टमार्टम प्रक्रिया न दिखाए जाना, मरीजों को रेफर करने का खेल समेत कई अनियमितताओं पर सरकार से जवाब मांगा है। ऐसे में राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को भी जवाब दाखिल करना है। ऐसे में नए प्राचार्य को ही अब सभी चुनौतियों से निपटना होगा। इन सभी चुनौतियों के बारे में नए प्राचार्य का कहना है कि वह हर चुनौती से निपटने को तैयार हैं। पूर्व में जो हुआ उसका जवाब दाखिल किया जाएगा। अब यहां सभी अव्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
फैकल्टी बढ़ाए जाने पर दिया जाएगा जोर
राजकीय मेडिकल कॉलेज में एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग) के मानक से काफी कम फैकल्टी है। यहां न्यूनतम 80 प्रतिशत फैकल्टी होनी चाहिए, जो मौजूदा समय में 30 से 35 प्रतिशत ही है। अब नए प्राचार्य ने फैकल्टी बढ़ाने पर जोर देने को कहा है। उनका दावा है कि जल्द ही वह निर्धारित मानकों के तहत फैकल्टी को पूरा करने के हर संभव प्रयास करेंगे।
सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रहेगी बायोमेट्रिक हाजिरी
राजकीय मेडिकल कॉलेज के नए प्राचार्य ने बायोमेट्रिक से हाजिरी लगवाने पर जोर देने के साथ ही पहले दिन निर्देश दिए कि सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी लगेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां-जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं।
वर्ष 2017 में राजकीय मेडिकल कॉलेज के रह चुके हैं प्राचार्य
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनसी प्रजापति वर्ष 2017 में भी यहां प्राचार्य रह चुके हैं। उस वक्त निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज का उन्हें प्राचार्य बनाया गया था। उन्होंने यहां पर निर्माण कार्य को काफी तेज गति दिलाई थी। वह आठ महीने यहां तैनात रहे इसके बाद उनका तबादला किया गया था।