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Budaun News: मकान बंद, फिर भी दौड़े बिजली मीटर... बिल देखकर बैठ रहे दिल
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पनबड़िया विद्युत उपकेंद्र पर लगे शिविर में उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनते एसडीओ व कर्मचारी। संव
बदायूं। विद्युत निगम किस हद तक लापरवाही कर रहा है, इसकी पोल शहर के पनबड़िया उपकेंद्र पर तीन दिन लगाए गए दो मेगा शिविरों में आई शिकायतों से खुली। कई-कई महीने के बिल एक साथ आना, खराब मीटर न बदलना और उसके कारण गलत बिल आने जैसी दिक्कतों का अंबार रहा।
पनबड़िया उपकेंद्र पर ये दो शिविर क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए लगाए गए थे। शनिवार को आखिर दिन था। अधिकारियों ने इनमें से कुछ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया। अब आगे ऐसी शिकायतों का आगे कोई मौका नहीं आएगा, इसकी कोई गारंटी देते अफसर नजर नहीं आए।
कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि मकान बंद होने के बाद भी बिल आ रहे हैं। कुछ का कहना रहा है कि उनके यहां भारी भरकम बिल आ रहे हैं। कुछ ऐसे भी उपभोक्ता सामने आए, जिन्होंने बताया कि उनके कनेक्शन पर महीनों से बिलिंग नहीं हो रही है। समय पर बिल नहीं मिलने पर अचानक लाखों के बिल भेजे गए। तब उतनी बड़ी रकम एक साथ जमा न करने पर कनेक्शन काट दिया गया है। वहीं, मीटर की सीलिंग की कार्यवाही दर्ज न होने के कारण दो से लेकर पांच हजार रुपये के औसत बिल हर माह बनाए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ता बेवजह बिल जमा करने को मजबूर है।
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एक उपभोक्ता ने शिकायत की उसके खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जबकि उसने चोरी नहीं की थी। इस दौरान अधिकारियों ने उपभोक्ताओं का तकनीकी शिकायतों का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। जबकि बिल संबंधी शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करा दिया। वहीं, अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार का कहना है कि लोगों की समस्या को समाधान करने के लिए लगाए गए शिविर में जो भी शिकायते आईं, उनका निस्तारण कराया जाएगा। बोले- जल्द और शिविर लगाकर लोगों की दिक्कतें दूर की जाएंगी।
आठ माह से घर बंद लेकिन थमाया जा रहा बिल
केस 1
-शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी दुष्यंत चौहान ने बताया कि घर का दो किलोवाट का कनेक्शन मां नीलम चौहान के नाम है। उनका घर आठ महीने से बंद है। इसके बावजूद उनके यहां हर माह डेढ़ हजार से दो हजार रुपये का बिल आ रहा है। शिकायत के बाद भी कोई सुनने को राजी नहीं है।
एक साल से नहीं बदला गया मीटर
केस 2
-शहर के मोहल्ला चौधरी निवासी राजेंद्र ने बताया कि घर का कनेक्शन उनकी मां शांति देवी के नाम है। एक साल पहले घर के निर्माण के दौरान मीटर टूटकर गिर गया था, तब से मीटर बंद है। इसके बाद हर महीने उनका दो हजार से अधिक का बिल आ रहा है। वह लगातार दूसरा मीटर लगाने के लिए कह रहे हैं, लेकिन अब तक मीटर नहीं बदला गया है।
दो साल तक नहीं हुई बिलिंग, अब 70 हजार का बना बिल
केस 3
-शहर के मुस्ताफागंज निवासी अनुपम असवाल ने बताया कि घर का कनेक्शन दिवंगत पिता मुनेश कुमार के नाम पर है। दो साल से उनके यहां बिल नहीं आ रहा था। तमाम शिकायतें करने के बाद अब 70 हजार का बिल बनाकर दिया। जून में 703 यूनिट रीडिंग का चार हजार से अधिक का बिल बना दिया गया, जबकि इतना लोड नहीं है।
मीटर की सीलिंग नहीं की दर्ज, चक्कर काटने को मजबूर
केस 4
-शहर के गांधी ग्राउंड निवासी अशोक ने बताया कि छह महीने पहले उनके बंद मीटर को ठीक करने के बजाय नया मीटर लगा दिया गया। अब तक सीलिंग की कार्यवाही दर्ज नहीं की गई। वह रोजाना उपकेंद्र के चक्कर काट रहे हैं। कार्यवाही पूरी न होने से उनका बिल औसत हर माह 2250 रुपये प्रतिमाह बनाया जा रहा है, लेकिन पहले उनका बिल पांच सौ से सात सौ रुपये तक आता था।
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पनबड़िया उपकेंद्र पर ये दो शिविर क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए लगाए गए थे। शनिवार को आखिर दिन था। अधिकारियों ने इनमें से कुछ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया। अब आगे ऐसी शिकायतों का आगे कोई मौका नहीं आएगा, इसकी कोई गारंटी देते अफसर नजर नहीं आए।
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कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि मकान बंद होने के बाद भी बिल आ रहे हैं। कुछ का कहना रहा है कि उनके यहां भारी भरकम बिल आ रहे हैं। कुछ ऐसे भी उपभोक्ता सामने आए, जिन्होंने बताया कि उनके कनेक्शन पर महीनों से बिलिंग नहीं हो रही है। समय पर बिल नहीं मिलने पर अचानक लाखों के बिल भेजे गए। तब उतनी बड़ी रकम एक साथ जमा न करने पर कनेक्शन काट दिया गया है। वहीं, मीटर की सीलिंग की कार्यवाही दर्ज न होने के कारण दो से लेकर पांच हजार रुपये के औसत बिल हर माह बनाए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ता बेवजह बिल जमा करने को मजबूर है।
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एक उपभोक्ता ने शिकायत की उसके खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जबकि उसने चोरी नहीं की थी। इस दौरान अधिकारियों ने उपभोक्ताओं का तकनीकी शिकायतों का जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। जबकि बिल संबंधी शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करा दिया। वहीं, अधीक्षण अभियंता अखिलेश कुमार का कहना है कि लोगों की समस्या को समाधान करने के लिए लगाए गए शिविर में जो भी शिकायते आईं, उनका निस्तारण कराया जाएगा। बोले- जल्द और शिविर लगाकर लोगों की दिक्कतें दूर की जाएंगी।
आठ माह से घर बंद लेकिन थमाया जा रहा बिल
केस 1
-शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी दुष्यंत चौहान ने बताया कि घर का दो किलोवाट का कनेक्शन मां नीलम चौहान के नाम है। उनका घर आठ महीने से बंद है। इसके बावजूद उनके यहां हर माह डेढ़ हजार से दो हजार रुपये का बिल आ रहा है। शिकायत के बाद भी कोई सुनने को राजी नहीं है।
एक साल से नहीं बदला गया मीटर
केस 2
-शहर के मोहल्ला चौधरी निवासी राजेंद्र ने बताया कि घर का कनेक्शन उनकी मां शांति देवी के नाम है। एक साल पहले घर के निर्माण के दौरान मीटर टूटकर गिर गया था, तब से मीटर बंद है। इसके बाद हर महीने उनका दो हजार से अधिक का बिल आ रहा है। वह लगातार दूसरा मीटर लगाने के लिए कह रहे हैं, लेकिन अब तक मीटर नहीं बदला गया है।
दो साल तक नहीं हुई बिलिंग, अब 70 हजार का बना बिल
केस 3
-शहर के मुस्ताफागंज निवासी अनुपम असवाल ने बताया कि घर का कनेक्शन दिवंगत पिता मुनेश कुमार के नाम पर है। दो साल से उनके यहां बिल नहीं आ रहा था। तमाम शिकायतें करने के बाद अब 70 हजार का बिल बनाकर दिया। जून में 703 यूनिट रीडिंग का चार हजार से अधिक का बिल बना दिया गया, जबकि इतना लोड नहीं है।
मीटर की सीलिंग नहीं की दर्ज, चक्कर काटने को मजबूर
केस 4
-शहर के गांधी ग्राउंड निवासी अशोक ने बताया कि छह महीने पहले उनके बंद मीटर को ठीक करने के बजाय नया मीटर लगा दिया गया। अब तक सीलिंग की कार्यवाही दर्ज नहीं की गई। वह रोजाना उपकेंद्र के चक्कर काट रहे हैं। कार्यवाही पूरी न होने से उनका बिल औसत हर माह 2250 रुपये प्रतिमाह बनाया जा रहा है, लेकिन पहले उनका बिल पांच सौ से सात सौ रुपये तक आता था।