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Budaun News: खेतों में भरा नाले का पानी, पालिका से मांगा पांच हजार प्रति बीघा मुआवजा
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सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देते कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत कार्यकर्ता। स्रोत: कार्यकर्ता
उझानी। नगर पालिका के नाले का पानी नरऊ तालाब में लंबे समय से नहीं जा पा रहा है। इससे नाले का पानी आसपास के खेतों में भरने लगा है। फसलों को हो रहे नुकसान को लेकर कांग्रेस ने फिर मोर्चा खोल दिया है। पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह के नेतृत्व में जुटे कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने से पहले प्रदर्शन किया। उन्होंने किसानों के लिए प्रति बीघा पांच हजार रुपये का मुआवजा मांगा है।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह के साथ पार्टी कार्यकर्ता, नरऊ समेत आसपास इलाके के ग्रामीण बृहस्पतिवार पूर्वाह्न बदायूं पहुंचे। नरऊ, मीहलालनगला और उझानी कस्बे के रामलीला नगला इलाके के लोगों ने अपनी दिक्कतें भी बयां कीं। कहा कि तालाब से पहले पालिका के नाले के पानी का निकास बंद हो गया है। नाले का पानी खेतों के 115 बीघा रकबा में भर गया है।
कई खेतों में इस बार गेहूं की बोआई भी नहीं हो पाई है। सरसों समेत सब्जी की फसलें पानी भर जाने से तबाह हो गईं हैं। नरऊ निवासी कमल प्रताप की करीब 35 बीघा कृषि योग्य भूमि पानी में नजर ही नहीं आती। अगर ऐसा ही रहा तो नाले के पानी की वजह से कृषि योग्य भूमि खेती के अनुपयोगी हो जाएगी।
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नाले के पानी के निकास की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। पूर्व जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट सुरेशपाल को दिक्कत से अवगत कराया। कार्रवाई के लिए उन्हें ज्ञापन भी दिया गया। ज्ञापन में पीड़ित किसानों को पालिका से प्रति बीघा पांच हजार रुपये के मुआवजे की मांग भी की गई है।
कांग्रेस नेता सुरेशपाल राठौर और मुन्नालाल सागर ने कार्रवाई नहीं होने पर 15 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर इखलास हुसैन, शाह रजा, अकील अहमद, कासिम अली, योगेंद्र सोलंकी, कमल प्रताप सिंह, राजाराम, ओमेंद्र, छोटे लाल, रामपाल, मोतीलाल, विकास, सुमित, धीरपाल सिंह, बलवीर सिंह और दीपक आदि मौजूद थे।
छह लेन बाइपास के निर्माण की वजह से रुका है नाले का पानी
उझानी के नाले का पानी करीब दो दशक से नरऊ तालाब में गिरता रहा है। पिछले महीने कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर आंदोलन किया था। तालाब में नाले के पानी से ओवरफ्लो हुआ तो आसपास इलाके के गांवों के किसानों के खेत चपेट में आ गए। इसी साल छह लेन बाइपास का निर्माण कार्य शुरू होने पर नाला बंद हो गया, जबकि नाले का पानी उसी इलाके में तालाब से पहले पहुंच रहा है। आने वाले दो-तीन महीने में स्थिति और ज्यादा खराब होने का अंदेशा बना हुआ है। पालिका और जिले के अफसर भी हकीकत से वाकिफ हैं।
पानी की निकासी के लिए नगर पालिका उझानी की ओर से जमीन चिह्नित कर ली गई है। जल निगम की ओर से डीपीआर बनाने की कार्रवाई करते हुए फाइल शासन को भेज दी गई है। जल्द ही इस दिशा में काम शुरू होगा। - विनय कुमार मणि त्रिपाठी, प्रभारी, ईओ नगर पालिका परिषद, उझानी
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कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह के साथ पार्टी कार्यकर्ता, नरऊ समेत आसपास इलाके के ग्रामीण बृहस्पतिवार पूर्वाह्न बदायूं पहुंचे। नरऊ, मीहलालनगला और उझानी कस्बे के रामलीला नगला इलाके के लोगों ने अपनी दिक्कतें भी बयां कीं। कहा कि तालाब से पहले पालिका के नाले के पानी का निकास बंद हो गया है। नाले का पानी खेतों के 115 बीघा रकबा में भर गया है।
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कई खेतों में इस बार गेहूं की बोआई भी नहीं हो पाई है। सरसों समेत सब्जी की फसलें पानी भर जाने से तबाह हो गईं हैं। नरऊ निवासी कमल प्रताप की करीब 35 बीघा कृषि योग्य भूमि पानी में नजर ही नहीं आती। अगर ऐसा ही रहा तो नाले के पानी की वजह से कृषि योग्य भूमि खेती के अनुपयोगी हो जाएगी।
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नाले के पानी के निकास की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। पूर्व जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट सुरेशपाल को दिक्कत से अवगत कराया। कार्रवाई के लिए उन्हें ज्ञापन भी दिया गया। ज्ञापन में पीड़ित किसानों को पालिका से प्रति बीघा पांच हजार रुपये के मुआवजे की मांग भी की गई है।
कांग्रेस नेता सुरेशपाल राठौर और मुन्नालाल सागर ने कार्रवाई नहीं होने पर 15 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर इखलास हुसैन, शाह रजा, अकील अहमद, कासिम अली, योगेंद्र सोलंकी, कमल प्रताप सिंह, राजाराम, ओमेंद्र, छोटे लाल, रामपाल, मोतीलाल, विकास, सुमित, धीरपाल सिंह, बलवीर सिंह और दीपक आदि मौजूद थे।
छह लेन बाइपास के निर्माण की वजह से रुका है नाले का पानी
उझानी के नाले का पानी करीब दो दशक से नरऊ तालाब में गिरता रहा है। पिछले महीने कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर आंदोलन किया था। तालाब में नाले के पानी से ओवरफ्लो हुआ तो आसपास इलाके के गांवों के किसानों के खेत चपेट में आ गए। इसी साल छह लेन बाइपास का निर्माण कार्य शुरू होने पर नाला बंद हो गया, जबकि नाले का पानी उसी इलाके में तालाब से पहले पहुंच रहा है। आने वाले दो-तीन महीने में स्थिति और ज्यादा खराब होने का अंदेशा बना हुआ है। पालिका और जिले के अफसर भी हकीकत से वाकिफ हैं।
पानी की निकासी के लिए नगर पालिका उझानी की ओर से जमीन चिह्नित कर ली गई है। जल निगम की ओर से डीपीआर बनाने की कार्रवाई करते हुए फाइल शासन को भेज दी गई है। जल्द ही इस दिशा में काम शुरू होगा। - विनय कुमार मणि त्रिपाठी, प्रभारी, ईओ नगर पालिका परिषद, उझानी